लता मंगेशकर ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित

लता मंगेशकर ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित

मुंबई। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को ‘ब्रैंड लॉरिअट’ की ओर से ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। ब्रैंड लॉरिअट अवॉर्ड विश्व स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को दिया जाता है। 87 वर्षीय लता मंगेशकर ने ट्विटर पर पुरस्कारों की तस्वीरों के साथ लिखा, मुझे ‘लेजन्डरी अवॉर्ड-2017’

हाफिज सईद को पाकिस्तान ने माना आतंकी

हाफिज सईद को पाकिस्तान ने माना आतंकी

नई दिल्ली। खुद पर गुजरी तो पाकिस्तान को थोड़ा होश आया। आतंकी घटनाओं में सौ से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद ही सही पाकिस्तान ने भारत के गुनहगार हाफिज सईद को आतंकी मान लिया है। उसके चार अन्य साथियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

अडवांस होगा वायुसेना का निगरानी तंत्र

अडवांस होगा वायुसेना का निगरानी तंत्र

–360 डिग्री वाला सिस्टम बना रहा डीआरडीओ बेंगलुरु। आने वाले समय में भारतीय वायुसेना का निगरानी तंत्र बेहद मजबूत होने जा रहा है। नया निगरानी तंत्र इतना पुख्ता होगा कि दुश्मन के पास इसकी कोई काट नहीं होगी। फिलहाल वायुसेना को देश में ही तैयार किया गया चेतावनी और कंट्रोल

पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीता

पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीता

चेन्नई। तमिलनाडु असेंबली में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। इसके बावजूद नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीत लिया। उनके विश्वास मत प्रस्ताव पर 3 बजे के बाद वोटिंग शुरू हुई। 122 विधायकों ने पलानीस्वामी पक्ष में वोट किया। जबकि एआईएडीएमके के विद्रोही नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को सिर्फ 11

नॉवेल राइटर वेदप्रकाश शर्मा का निधन

नॉवेल राइटर वेदप्रकाश शर्मा का निधन

मेरठ। मशहूर उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा का मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 62 साल के थे। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। आमिर खान ने उनसे एक फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखने की रिक्वेस्ट की थी और वे उस पर काम कर रहे

शशिकला नहीं बन पाएंगी सीएम, जाएंगी जेल

शशिकला नहीं बन पाएंगी सीएम, जाएंगी जेल

–कोर्ट ने आय से अधिक सम्पत्ति केस में दोषी माना, 4 साल की सजा कायम –10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा, 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी नई दिल्ली। तमिलनाडु में जारी राजनीतिक घमासान के बीच मंगलवार को एआईएडीएमके की महासचिव वीके शशिकला को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका

मोदी ने मंत्रियों से मांगा 3 महीने की यात्राओं का ब्यौरा

मोदी ने मंत्रियों से मांगा 3 महीने की यात्राओं का ब्यौरा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से पिछले 3 महीने के दौरान की गई यात्राओं का ब्यौरा देने को कहा है। इस कवायद का उद्देश्य यह जानना है कि क्या इन मंत्रियों ने केंद्र सरकार की नोटबंदी और अन्य पहलों को बढ़ावा दिया या नहीं। सूत्रों ने यह

हम सरकार जरूर बनाएंगे

हम सरकार जरूर बनाएंगे

चेन्नै। एआईएडीएमके में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई के बीच पार्टी महासचिव वी. के. शशिकला विधायकों को संबोधित करते वक्त भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार को कोई छू तक नहीं सकता। शशिकला ने विधायकों से कहा, ‘आप सभी जानते हैं कि विरोधी किस हद तक हमारे खिलाफ गए

शशिकला ने ‘कब्जे’ में किया 130 विधायक

शशिकला ने ‘कब्जे’ में किया 130 विधायक

–तमिलनाडु में सत्ता के लिए छिड़ा संग्राम चेन्नै। तमिलनाडु की राजनीति में चल रही उठापटक के बीच सत्ताधारी एआईएडीएमके पार्टी अब दो धड़ों में बट गई है। पन्नीरसेल्वम की मंगलवार को शशिकला से बगावत के बाद बुधवार को शशिकला खेमे के 130 पार्टी विधायकों को चेन्नै के एक होटल में

किसी भी धर्म को मानते हों पर आपकी राष्ट्रीयता हिंदू है

किसी भी धर्म को मानते हों पर आपकी राष्ट्रीयता हिंदू है

बैतूल। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के मुताबिक भारत के मुसलमान भले ही इस्लाम की इबादत करते हों लेकिन उनकी राष्ट्रीयता हिंदू है। वह बुधवार को मध्य प्रदेश के आदिवासी जिले बैतूल में पहले हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का हर नागरिक हिंदू

जनता से जुड़ने डॉ. रमन ने बदली रणनीति

–मौके पर कराएंगे समस्याओं का निराकरण
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए रणनीति बदल दी है। इस आर वह लोक सुराज अभियान के बदले लोक समाधान शिविर लगाएंगेऔर मौके पर ही लोगों की समस्या का निराकरण कराएंगे। मुख्यमंत्री को यह बात संज्ञान में आयी है कि लोक सुराज में मिलने वाले आवेदनों का ढंग से निबटारा नहीं किया गया। कई विभाग खानापूर्ति कर मामले को निस्तारित कर देते हैं। लिहाजा, अब सिर्फ आवेदन ही नहीं लिए जाएंगे बल्कि फौरन निराकरण भी कराएंगे। ऐसा दावा किया जा रहा है कि देश में पहली बार खास कंसेप्ट के साथ समाधान शिविर लगेंगेऔर, सोशल आॅडिट की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।

25 फरवरी से शुरूआत
लोक समाधान शिविर के लिए आवेदन लेने का काम 25 फरवरी से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सरकारी नुमाइंदे घर-घर जाकर आवेदन एकित्रत करेंगे। इसके लिए हर 10 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर बनाए जाएंगे। हर शिविर के लिए एक नोडल अधिकारी होंगे।

3 अप्रैल से समाधान शिविर
समाधान शिविर 3 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई तक चलेंगे। मुख्यमंत्री इसमें सभी 27 जिलों का दौरा करेंगें। इनमें से 20 जिलों में वे रात्रि विश्राम करेंगे। सिर्फ राजधानी के पड़ोस वाले जिले मसलन, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बेमेमरा, बलौदा बाजार, गरियाबंद जैसे जिलों में उनका रात्रि विश्राम नहीं होगा।

अंदाज जुदा होगा
लोक समाधान शिविर में सीएम का अंदाज अबकी जुदा होगा। कलेक्टरों को भीड़ जुटाकर वाहवाही बटोरने का इस बार अवसर नहीं मिलेगा। सीएम इस बार दो टूक बात करेंगे। प्रत्येक जिले के दो समाधान शिविर में वे खुद जाएंगे। लोगों से सीधे पूछेंगे कि उनके आवेदनों पर कार्रवाई हुई या नहीं।

तीन सदस्यीय टीम रखेगी नजर
लोक समाधान की मानिटरिंग के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। सचिव सुबोध सिंह, संयुक्त सचिव रजत कुमार और जनसंपर्क के संचालक राजेश सुकुमार टोप्पो टीम में शामिल हैं। तीनों अधिकारियों ने अपना काम प्रारंभ कर दिया है। लोगों से मिलने वाले आवेदन आनलाइन होंगे। कमेटी इस पर नजर रखेगी कि आवेदनों के निबटारे में फर्जीवाड़ा तो नहीं किया जा रहा है।

लता मंगेशकर ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित

मुंबई। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को ‘ब्रैंड लॉरिअट’ की ओर से ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। ब्रैंड लॉरिअट अवॉर्ड विश्व स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को दिया जाता है। 87 वर्षीय लता मंगेशकर ने ट्विटर पर पुरस्कारों की तस्वीरों के साथ लिखा, मुझे ‘लेजन्डरी अवॉर्ड-2017’ से सम्मानित करने के लिए ब्रांड लॉरिअट का हार्दिक धन्यवाद। उल्लेखनीय है कि भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 2012 में शाहरुख खान को ब्रैंड लॉरिअट लेजेन्डरी अवॉर्ड से नवाजा गया था। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस, भारतीय कारोबारी रतन टाटा, ऐप्पल के दिवंगत सह संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जकरबर्ग और फॉर्म्यूला-वन विजेता माइकल शूमाकर को ब्रैंड लॉरिअट लेजेन्डरी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

हाफिज सईद को पाकिस्तान ने माना आतंकी

नई दिल्ली। खुद पर गुजरी तो पाकिस्तान को थोड़ा होश आया। आतंकी घटनाओं में सौ से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद ही सही पाकिस्तान ने भारत के गुनहगार हाफिज सईद को आतंकी मान लिया है। उसके चार अन्य साथियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। हालांकि पाक की इस कार्रवाई को भी उसकी मंशा की बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से उल्टी कार्रवाई का डर और भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरेबंदी के दबाव के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल, अब भारत के लिए यह साबित करना आसान है कि किस तरह से तमाम आतंकियों को पाकिस्तान पहले बचाता है और फिर दवाब पड़ने पर उन पर कार्रवाई करता है।पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने आतंकी संगठन सईद व उसके चार सहयोगियों को आतंकरोधी कानून के तहत शामिल किया है। इसका साफ तौर पर मतलब है कि पाकिस्तान कानूनी तौर पर अब यह स्वीकार कर रहा है कि सईद आतंकी है। सईद 30 जनवरी, 2017 से ही नजरबंद है लेकिन उसके नाम को कानूनी तौर पर शामिल करने के बाद उसकी गतिविधियों पर और पाबंदी लग जाएगी। उसके मिलने जुलने, बयान जारी करने या पैसे खर्च करने पर भी अब पाबंदी लग जाएगी। वैसे पाकिस्तान ने इसके पहले भी वर्ष 2008 में सईद को गिरफ्तार किया था लेकिन इस बार जिस कानून के तहत उसका नाम शामिल किया गया है वह पहले से काफी सख्त है।

अडवांस होगा वायुसेना का निगरानी तंत्र

–360 डिग्री वाला सिस्टम बना रहा डीआरडीओ
बेंगलुरु। आने वाले समय में भारतीय वायुसेना का निगरानी तंत्र बेहद मजबूत होने जा रहा है। नया निगरानी तंत्र इतना पुख्ता होगा कि दुश्मन के पास इसकी कोई काट नहीं होगी। फिलहाल वायुसेना को देश में ही तैयार किया गया चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम सौंपा जा चुका है जो 240 डिग्री की क्षमता रखता है। एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम को तैयार करने वाली रक्षा एजेंसी, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने कहा है कि अब वह इस सिस्टम का अडवांस वर्जन तैयार कर रहा है जिसकी क्षमता 360 डिग्री की होगी।
डीआरडीओ के चेयरमैन एस क्रिस्टोफर ने कहा, अगला सिस्टम अपग्रेडेड होगा, जिसकी रेंज 360 डिग्री कवरेज की होगी। ऐरो इंडिया 2017 को लेकर बातचीत करते हुए क्रिस्टोफर ने बताया कि इजरायल के बाद भारत दुनिया के ऐसा दूसरा देश होगा जो 360 डिग्री वाला चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम डिवेलप करेगा।
मौजूदा सिस्टम को ब्राजील का
मौजूदा सिस्टम को ब्राजील में निर्मित एम्ब्रायर-145 जेट विमान के लिए तैयार किया गया है। यह सिस्टम एयरक्राफ्ट के दोनों तरफ के क्षेत्र को तो स्कैन कर सकता है, लेकिन आगे और पीछे के क्षेत्र को नहीं। इस उपलब्धि के साथ भारत ऐसा चौथा देश बन गया था, जिसने खुद अपना चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम तैयार किया है।
84 माह में आएगा अगला वर्जन
उन्होंने कहा, हम 240 डिग्री कवरेज वाले चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम के साथ युद्ध लड़ सकते हैं। वह सीमा पर दोनों तरफ के क्षेत्र को स्कैन कर सकता है। सिर्फ समुद्र ही एक ऐसी जगह है जहां 360 डिग्री स्कैनिंग की जरूरत पड़ती है। डीआरडीओ चीफ ने कहा कि अगला वर्जन 84 महीनों में तैयार कर लिया जाएगा।

पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीता

चेन्नई। तमिलनाडु असेंबली में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। इसके बावजूद नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीत लिया। उनके विश्वास मत प्रस्ताव पर 3 बजे के बाद वोटिंग शुरू हुई। 122 विधायकों ने पलानीस्वामी पक्ष में वोट किया। जबकि एआईएडीएमके के विद्रोही नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को सिर्फ 11 वोट मिले। इससे पहले सीक्रेट बैलेट की मांग को लेकर हंगामा कर रहे डीएमके के 89 विधायकों को असेंबली से बाहर निकाल दिया गया। वोटिंग के दौरान सिर्फ एआईएडीएमके के विधायक मौजूद थे। हंगामे के चलते असेंबली का नजारा ठीक वैसा ही था, जैसा 29 साल पहले एमजीआर के निधन के बाद जयललिता के फ्लोर टेस्ट के वक्त हुआ था। जैसे ही पलानीस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया, डीएमके विधायक सीक्रेट बैलेट की मांग पर अड़ गए, कागज फाड़े, कुर्सियां फेंकीं। टेबल और माइक भी तोड़ दिए। इस तोड़फोड़ में एक आॅफिसर घायल हो गया।

नॉवेल राइटर वेदप्रकाश शर्मा का निधन

मेरठ। मशहूर उपन्यासकार वेदप्रकाश शर्मा का मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 62 साल के थे। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। आमिर खान ने उनसे एक फिल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखने की रिक्वेस्ट की थी और वे उस पर काम कर रहे थे। वेदप्रकाश ने 176 नॉवेल लिखे। उन्होंने करीब आधा दर्जन फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी थी। उनके नॉवेल ‘कैदी नंबर 100’ की 2,50,000 कॉपियां छपी थीं। 1985 में उन्होंने अपना अपना पब्लिकेशन तुलसी पॉकेट बुक्स शुरू किया था। सबसे ज्यादा लोकप्रियता उन्हें 1993 में ‘वर्दी वाला गुंडा’ से मिली। बताया जा रहा है कि इस उपन्यास कि 8 करोड़ से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। 6 जून 1955 को बिहरा (बुलंदशहर) में पैदा हुए शर्मा ने एनएएस बीए और एलएलबी किया। उनका पहला नॉवेल ‘दहकता शहर’ 1973 में आया था। उनके परिवार में पत्नी मधु, तीन विवाहित बेटियां, एक बेटा और बहू हैं।

सृष्टि के रचनाकार परमपिता परमात्मा का अस्तित्व

– डॉ. जगदीश गांधी
शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक
सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ
आज मानव जाति अनेक समस्याओं, कुरीतियों तथा मूढ़ मान्यताओं से पीड़ित तथा घिरा हुआ है। मनुष्य परमात्मा के दर्शन भौतिक आंखों से करना चाहता है। आज धर्म का स्थान बाहरी कर्म-काण्डों ने ले लिया है। हम सभी जानते हैं कि अध्यात्म भारतीय संस्कृति का प्राण तत्व है। अध्यात्म अनुभव का क्षेत्र है और इसकी प्रक्रियाओं व वैज्ञानिक प्रयोगों को प्रत्यक्ष दिखाया नहीं जा सकता, जैसे- हम वायु को देख नहीं सकते, केवल अनुभव कर सकते हैं, ठीक उसी तरह अध्यात्म के वैज्ञानिक प्रयोग स्थूलजगत में देखे नहीं जा सकते, केवल उनके परिणामों को देखा जा सकता है। अध्यात्म चेतना का विज्ञान है। भौतिक विज्ञान की सीमाएँ जहाँ समाप्त होती हैं, वहाँ से अध्यात्म विज्ञान की शुरूआत होती है। इस सृष्टि में पदार्थ और चेतना अर्थात प्रकृति व पुरूष, दोनों साथ-साथ मिलकर कार्य करते हैं। जैसे हमारे शरीर में जब तक पुरूष रूपी जीवात्मा है तब तक प्रकृति के पंचतत्वों से बना यह शरीर जीवित है। जीवात्मा के शरीर से पृथक होते ही पंचतत्वों से बना यह शरीर निर्जीव व निष्क्रिय हो जाता है। आज के वर्तमान समय में विज्ञान जहाँ भौतिक जगत का प्रतिनिधित्व कर रहा है, वहीं अध्यात्म चेतना जगत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। विज्ञान वह है, जो इंद्रियों के द्वारा जाना-समझा जाता है; जबकि अध्यात्म विश्वास, समर्पण व आत्मानुभूति द्वारा जाना जाता है। इसे वास्तव में चेतना का विज्ञान कह सकते हैं और इस चेतना का जितना विकास होगा, हमारी प्रकाशित बुद्धि व विवेक उसी मात्रा में जाग्रत होती जायेगी। जीवन को समग्र रूप से जानने व जीवन जीने के विज्ञान को भी अध्यात्म कह सकते हैं। अध्यात्म व विज्ञान, दोनों का ही उद्देश्य सत्य को जानना है, लेकिन दोनों एकदूसरे के बिना अधूरे हैं। यदि विज्ञान अध्यात्म को नकारता है, उसके निर्देशन व मार्गदर्शन की अवज्ञा करता है तो यह विनाशकारी होगा और यदि अध्यात्म विज्ञान का सहारा नहीं लेता तो इसे प्रामाणिक रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता और यह अंधविश्वास व मूढ़ मान्यताओं के जैसा प्रतीत होगा। हमारा मानना है कि यदि अध्यात्म और विज्ञान दोनों मिलकर आगे बढ़े तो निश्चित रूप से अपने लक्ष्य तक पहुँच सकते हैं और सृष्टि के लिए कल्याणकारी व मानव-विकास के पथ को प्रशस्त कर सकते हैं। यदि इन दोनों ने मिलकर कार्य किया तो भविष्य में ‘वैज्ञानिक अध्यात्मवाद’ एक नूतन दर्शन के रूप में प्रतिष्ठित होगा; जिससे मानव जीवन का परम कल्याण संभव है। परमात्मा का अनुभव कहने की बात नहीं है, बस, प्रतिक्षण उसे जिया ही जा सकता है। उस परम अनुभूति में स्वयं को डुबोया जा सकता है, सराबोर किया जा सकता है। लहर सागर में है और सागर भी लहर में है, फिर भी इस कथन में एक रहस्य है- पूरी की पूरी लहर तो सागर में हैं, पर पूरा का पूरा सागर लहर में नहीं है। अनुभव-खासतौर पर परम सत्य का अनुभव सागर जैसा है और अभिव्यक्ति तो बस, लहर जैसी है, जो थोड़ी सी खबर लाती है, लेकिन अनंत गुना अनुभव का सच पीछे छूट जाता है। वैसे भी शब्द परमात्मा के अस्तित्व को नहीं बाँध सकते। इनकी सीमा में अनंत नहीं समा सकता। शब्द तो बस, छोटी-छोटी खिड़कियों की तरह हैं; जबकि परमात्मा के अस्तित्व के अनुभव का, सत्य के स्वरूप व प्रेम का आकाश अनंत है, असीम है।

दुनिया को बेहतर लौटाने की कोशिश होनी चाहिए

प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’
शैक्षिक एवं वैश्विक चिन्तक
राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले ओम प्रकाश डूडी का चयन एमबीबीएस में हुआ था। वह पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र के शोलापुर मेडिकल कालेज पहुंचे। यहां अपनी सहपाठी स्नेहा से उनका मिलना हुआ और दोनों में प्यार हो गया। 2006 में डॉ. ओम की तबीयत खराब हुई तथा डाक्टरों ने कहा कि उनकी किडनियां खराब हैं। 2007 में ओम की किडनी का ट्रांसप्लांट हुआ जो उसकी मां ने दी थी। स्नेहा ने 2009 में डा. ओम से लव मैरिज कर ली। पति की दूसरी किडनी खराब होने के कारण डॉ. स्नेहा ने तय किया कि अब अपने सुहाग पर आए संकट के लिए वह खुद आगे आएंगी। स्नेहा ने 6 फरवरी 2017 को अपने पति डॉ. ओमप्रकाश को किडनी दे दी। स्नेहा की एक किडनी ओम के शरीर में है। यह पति-पत्नी के प्यार के एक अनुकरणीय मिसाल है। मध्य प्रदेश के दमोह में गरीबी के कारण जब लक्ष्मी प्रसाद मिस्त्री ‘रमा’ की पत्नी खिलौना बहू ने तेज बुखार के कारण दम तोड़ दिया, तो उन्होंने पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद संध्या बेला में उसकी याद में कुछ ऐसा करने की ठानी की वह हमेशा हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। पत्नी की याद में हटा के मुक्तिधाम में वर्ष 1921 को बनाया गया यह स्मारक पति का पत्नी के प्रति अपार प्रेम दर्शाता है। पेशे से निर्माण मिस्त्री रमा ने इस स्मारक के चारों ओर हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत भाषा में पंक्तियां अंकित की हैं। वहीं ग्वालियर में पत्नी की रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर तलाक के लिए अदालत पहुंचे पति ने वेलेन्टाइन डे से एक दिन पहले तीन बच्चों की खातिर पत्नी से समझौता कर लिया। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने उन्नीसवीं शताब्दी में स्त्रियों की दुर्दशा देखकर इस विषय का अत्यन्त गहन अध्ययन किया। उनकी प्रेरणा से नारी शिक्षा और सुरक्षा के प्रति समर्पित डीएवी आंदोलन आज भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इमरान खान का जन्म राजस्थान के अलवर जिले के खरेदा गांव में हुआ था। वह स्कूल के दिनों से ही वैज्ञानिक बनना चाहते थे। वह वैज्ञानिक तो नहीं बन सके, लेकिन वह टीचर बन गये। दो वर्षीय टीचिंग कोर्स करने के बाद वर्ष 1999 में सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी मिल गई। इमरान खान ने हिन्दी भाषा में शैक्षिक ऐप्स बनाए हैं। उनका मानना है कि अपनी भाषा में पढ़ने में बच्चे सहज महसूस करते हैं और वह उनके लिए हिन्दी में शैक्षिक ऐप्स बनाते हैं। अब तक वह 65 शैक्षिक ऐप्स और सौ से अधिक वेबसाइटें बना चुके हैं। लाखों बच्चे उनके शैक्षिक ऐप्स तथा वेबसाइटों से अपने ज्ञान का बेहतर बनाने का लाभ उठा रहे हंैं। सफलता न तो समय की मोहताज होती है और न ही उम्र की। दुनिया में आज बहुत से ऐसे युवा उद्यमी हंै, जिन्होंने स्कूल के दिनों में अपना बिजनेस शुरू किया और देखते ही देखते दुनिया के शीर्ष बिजनेस मैन की सूची में शामिल हो गए। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौंसलों से उड़ान होती है। ये पंक्तियां उन लोगों को समर्पित हैं जिन्होंने जीवन के संघर्ष में विजयी होकर विभिन्न परिस्थितियों में नवीन सृजन किया है। ऐसे लोगों ने सामने आकर स्वयं का और समाज का नेतृत्व किया है। इन युवा पीढ़ी में सोशल मीडिया फाउंडर बॉबी मर्फी, ब्रांडिंग किंग फरयाद एसिडवाला, मेडिकल प्रोफेशनल एलिजाबेथ एनी होम्स, ऐप डेवलपर रॉबर्ट मोजाह ब्रिजेज, कुकिंग एक्सपर्ट लीजा मैरी, टॉप कंसल्टेंट कैमरून जॉनसन आदि शामिल हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी जावेद अख्तर साहित्य के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। बेहद-चढ़ाव भरी जिंदगी जीने वाले जावेद अख्तर ने जीवन की सच्चाइयों को बहुत करीब से देखा, सुना तथा जाना है। कभी अच्छे या बुरे की शिकायत न करने वाले जावेद अख्तर हमेशा दुनिया को बेहतर लौटाने की कोशिश करते रहे हैं। बुलंदियों के इस दौर में भी उनकी सहानुभूति पिछड़े, गरीब लोगों के प्रति रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में जन्मे जावेद अख्तर के पिता जाने-माने प्रगतिशील कवि व माता उर्दू की लेखिका तथा शिक्षिका थीं।कश्मीर के जिला बलगाम के युवक नजीर अहमद लोन ने न कौम को आड़े आने दिया और न ही इलाकाई
संबंधों को। यहां तक कि भ्रष्ट अफसरों ने नजीर पर आतंकवादी होने का झूठा आरोप तक लगा कर इस कश्मीरी युवक को दबाने की कोशिश की। अपनी ही कौम के लोगों ने धमकाया-बरगलाया लेकिन यह आठवीं पास युवक नजीर अहमद लोन नहीं रूका। कश्मीर घाटी के गांव से आरटीआई लगाई और खोलता चला गया अपनी ही कौम के अफसरों की पोल। शॉल बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले नजीर बताते हैं कि बाहर के दुश्मनों से लड़ना कई बार आसान होता है लेकिन अपने ही लोगों से लड़ना बहुत कठिन होता है। भारत ने अंतरिक्ष में दुनिया को पछाड़ने का कीर्तिमान बनाया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक ही रॉकेट से रिकॉर्ड 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण कर इतिहास रचा दिया। इसरो को सिर्फ एक सफल अंतरिक्ष एजेंसी ही नहीं, वह पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल है। इसरो के कामकाज में हमें जो जज्बा दिखाई देता है, आगे बढ़ने के लिए पूरे देश को उसी जज्बे की जरूरत है। इन भारतीय वैज्ञानिकों की जितनी प्रशंसा की जाये वह कम हैं। वह दिन दूर नहीं जब इंसान पृथ्वी के बाहर ब्रह्माण्ड में किसी ग्रह में बसने तथा जीवन की खोज करने में सफल होगा। मनुष्य के रूप में हमारा धरती पर जन्म होना ही अपने आपमें सबसे बड़ा सौभाग्य है। इसके अलावा इस शरीर में जीवित रखने वाली सांस का चलना सबसे बड़ा आश्चर्य है। कुदरत ने इंसान के लिए भरपूर चीजें दे रखी हैं। एक गेहूँ का दाना बोने से कुदरत कई गुना हम वापिस करती है। कुदरत से सीख लेकर हमें दुनिया को बेहतर लौटाने की कोशिश हर पल करनी चाहिए।

शशिकला नहीं बन पाएंगी सीएम, जाएंगी जेल

–कोर्ट ने आय से अधिक सम्पत्ति केस में दोषी माना, 4 साल की सजा कायम
–10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा, 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी
नई दिल्ली। तमिलनाडु में जारी राजनीतिक घमासान के बीच मंगलवार को एआईएडीएमके की महासचिव वीके शशिकला को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा। आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को चार साल की सजा सुनाई है। इसके बाद शशिकला के मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया। अब उन्हें जेल जाना होगा। इस मामले में कोर्ट ने शशिकला पर 10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। वह 10 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इसी मामले में शशिकला के दो रिश्तेदार इलावरसी और सुधाकरण को भी कोर्ट ने दोषी पाया है और इन्हें भी चार साल की सजा सुनाई गई है। इसी केस में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

कोर्ट ने कहा
न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आॅन रेकॉर्ड रखे गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर हम हाई कोर्ट के फैसले और आदेश को दरकिनार करते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार देने वाले निचली अदालत के फैसले को बहाल करते हैं। पीठ ने कहा, चूंकि जयललिता का निधन हो चुका है, इसलिए उनके खिलाफ कार्यवाही बंद की जाती है।

हाईकोर्ट से बरी हुई थीं जयललिता-शशिकला
–जया पर 1996 में 66 करोड़ रुपए की बेहिसाबी प्रॉपर्टी बनाने का केस दर्ज हुआ था
–जया-शशिकला पर 32 ऐसी कंपनियां बनाने का आरोप था, जिनका कारोबार नहीं था

कर्नाटक हाईकोर्ट ने इसलिए बरी किया था
–जयललिता की इनकम से 8.12% ज्यादा प्रॉपर्टी थी।
–स्पेशल कोर्ट का फैसला कमजोर था। वह टिक नहीं सकता।
–आंध्र में तो 20% ज्यादा प्रॉपर्टी भी वैलिड है।
–साबित नहीं होता कि प्रॉपर्टी काली कमाई से खरीदी गई है।

मोदी ने मंत्रियों से मांगा 3 महीने की यात्राओं का ब्यौरा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से पिछले 3 महीने के दौरान की गई यात्राओं का ब्यौरा देने को कहा है। इस कवायद का उद्देश्य यह जानना है कि क्या इन मंत्रियों ने केंद्र सरकार की नोटबंदी और अन्य पहलों को बढ़ावा दिया या नहीं। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि माना जाता है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्देश दिया है। इन मंत्रियों को सोमवार तक ब्यौरा देने को कहा गया है। ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को इस काम के लिए मंत्रालयों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। एक सूत्र ने कहा, ‘सभी मंत्रियों को पिछले 3 महीने के दौरान उनकी शहर से बाहर की यात्रा के कार्यक्रमों का विवरण देने को कहा गया है। जो मंत्री यात्रा पर नहीं थे तो उन्हें यह उल्लेख करना चाहिए कि यदि वे दिल्ली में थे तो क्या वे कार्यालय गए।
इस कवायद का उद्देश्य यह जानना भी है कि क्या वे कार्यालय के कार्य और क्षेत्र के दायित्वों के बीच संतुलन बिठा रहे हैं।