लोकप्रियतावाद के कारण बढ़ रही है असहिष्णुता

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि लोकप्रियतावाद के बढ़ने से यहूदी विरोधी भावनाएं, नस्लवाद, विदेशी लोगों के प्रति द्वेष, मुस्लिमों के प्रति नफरत और अन्य रूपों में असहिष्णुता बढ़ गयी है। नाजी शासन में हुए यहूदियों के जनसंहार की स्मृति में आयोजित किये जाने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक स्मरणोत्सव में जनसंहार में बच गए लोगों समेत सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि एक नए तरह का सार्वजनिक विमर्श शुरू हो रहा है जिसमें पूर्वाग्रहों के लिए सुगम राह बनाई जा रही है तथा अधिक कट्टर घृणा के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं। गुटेरेस ने पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के तौर पर वर्ष 1996 में संसद को देश से सभी यहूदियों को निकालने का समर्थन करने वाले 16वीं सदी के एक पत्र को रद्द करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा था कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वयस्क होने वाले उनके जैसे लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि वे यूरोप में यहूदियों पर हमलों को बढ़ते हुए देखेंगे। लेकिन ‘यहूदी विरोधी’ भावना फिर से उभरी है और यह फैल रही है। उन्होंने कहा, अविवेक और असहिष्णुता वापस आ गयी है। उन्होंने चेताया कि नफरत भरे भाषण और यहूदी विरोधी प्रवृति इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैल रही है। हिंसक चरमपंथी समूह अपनी ताकत को बढ़ाने और नए चरमपंथियों की भर्ती करने के लिए यहूदी विरोधी अपीलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुटेरेस ने कहा कि लोकप्रियतावाद कई रूपों में असहिष्णुता को बढ़ा रहा है।

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