Monthly Archives: February 2017

आध्यात्मिक चेतना के अभाव में सुख संभव नहीं

– डॉ. भारती गाँधी, शिक्षाविद्
जिस प्रकार से किसी भी देश को चलाने के लिए संविधान की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार से मनुष्य को अपना निजी जीवन चलाने के लिए व अपना सामाजिक जीवन चलाने के लिए धर्म की आवश्यकता है। अगर वह इसमें सही प्रकार से सामंजस्य करता है तो वह आध्यात्मिक कहलाता है। अध्यात्म का मतलब यह नहीं होता कि दुनियाँ से बिलकुल दूर जाकर के जंगल में पहाड़ों की कन्दराओं में जाकर बैठ जाओं। धर्म का मतलब होता है अपने जीवन को इस प्रकार से संचालित करना कि मानव अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त कर सके। मानव जीवन का उद्देश्य है प्रभु को प्राप्त करना और उसकी शिक्षाओं पर चलना। इस प्रकार जैसे-जैसे हमारे जीवन में धर्म आता जायेंगा वैसे-वैसे हम आध्यात्मिक होते जायेंगे।आध्यात्मिक चेतना के अभाव में मनुष्य कभी भी सुखी नहीं रह सकता है। इस जगत में केवल आध्यात्मिक चेतना वाला व्यक्ति ही सुखी रह सकता है। इसके बारे में हमें केवल अंदरूनी ज्ञान होना चाहिए। हमें दिव्य ज्ञान होना चाहिए। हमारी आँखें सदैव खुली होनी चाहिए। हमारे कान सदैव खुले होने चाहिए। महात्मा गाँधी ने भी कहा था कि मैं अपने कमरे की खिड़कियों को हमेशा खुला रखता हूँ। पता नहीं पूरब या पश्चिम से, उत्तर या दक्षिण से कहाँ से मेरे को अच्छे विचार मिल जायें। वास्तव में अच्छे विचार वही होते हैं जो कि धर्म से पोषित होते हैं। जो विचार धर्म के अलावा होते हैं, वे टिकाऊ नहीं होते। उनका कोई अस्तित्व नहीं होता। वे दुनियाँ में जम नहीं पाते हैं। सभी धर्मों में दो बातें विशेष रूप से बताई गई हैं। सनातन पक्ष तथा सामाजिक पक्ष। सनातन पक्ष में बताया गया है कि हमें सदैव सत्य बोलना है। हमें सदैव प्रेम करना है। हमें सदैव न्याय करना है। हमें सदैव दूसरों की सेवा करनी हैं, इत्यादि-इत्यादि। जबकि सामाजिक पक्ष में हमें बताया गया है कि हम जिस युग में रहते हैं, हमें उस युग की समस्याओं को समझना है। इन समस्याओं के समाधान हेतु उस युग के अवतार द्वारा जो शिक्षाएं दी गई हैं, उन शिक्षाओं पर हमें चलना है। प्रत्येक युग का अवतार उस युग की समस्याओं के समाधान हेतु परमात्मा द्वारा भेजा जाता है। वह युग अवतार हमें उस युग की समस्याओं को समझ करके उसके समाधान के रूप में हमें युग धर्म देता है। इस युग का धर्म है, भगवान को पहचानना। उनका ज्ञान प्राप्त करना और उनकी बताई हुई सामाजिक शिक्षाओं पर चलना। इस युग की सामाजिक शिक्षा है ‘एकता’। एकता की शुरूआत परिवार से होती है। इसीलिए कहा भी गया है कि पारिवारिक एकता के अभाव में विश्व एकता की कल्पना तक नहीं की जा सकती।

अर्द्धसैनिक बलों के पूर्व जवान जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन

नई दिल्ली। अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों का एक समूह सोमवार को विशेष वेतन, ओआरओपी और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर एक दिनी प्रदर्शन करेगा । सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी जैसे बलों के पूर्व सैन्यकर्मियों का संगठन देश में आतंरिक सुरक्षा बनाए रखने का काम करने वाले इन बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी लाभों की मांग कर रहा है।
कन्फेडरेशन ऑफ एक्स-पारामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर असोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, ‘समान रैंक समान पेंशन, अर्द्धसैनिकों के लिए विशेष वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसी हमारी कुछ मांगे हैं जिसे 2004 से इन बलों से जुड़ने वालों के लिए बंद कर दिया गया।’ उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर धरना के अलावा पूर्व सैन्यकर्मी अपनी मांगों के समर्थन में संसद की ओर मार्च भी करेंगे और गृह मंत्रालय को एक ज्ञापन दिया जाएगा। सिंह ने कहा कि जवानों को परोसे जाने वाले भोजन की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाने वाले बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी और परिवार के भी प्रदर्शन में आने की उम्मीद है।

मौलाना मदनी ने कहा, टॉइलट नहीं तो निकाह नहीं

गुवाहाटी। स्वच्छता को लेकर लोगों में बढ़ रही जागरूकता का उदाहरण अक्सर देखने को मिल जाता है। पिछले दिनों ऐसी घटनाएं सामने आईं जब एक वृद्ध महिला ने टॉइलट बनाने के लिए अपनी बकरी बेच दी, तो एक लड़की ने बिना टॉइलट वाले घर में शादी करने से इनकार कर दिया। इसी क्रम में एक और रोचक घटना हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से आई है जहां केमौलवियों औैर मुफ्तियों ने ऐसे लड़कों का निकाह नहीं कराने का फैसला किया है जिनके घरों में शौचालय नहीं है। जमीयत उलमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद ए मदनी ने बताया कि कि 3 राज्यों में शौचालय की शर्त को मुसलमानों की शादी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है और इसे जल्द ही देश के अन्य सभी राज्यों में लागू किया जाएगा । उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के मौलवियों तथा मुफ्तियों ने फैसला किया है कि वे ऐसे मुस्लिम लड़कों का निकाह नहीं कराएंगे जिनके घरों में टॉइलट नहीं हैं।पूर्व राज्यसभा सदस्य मदनी ने यह बात पिछले हफ्ते यहां खानापाड़ा में स्वच्छता पर आयोजित असम सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कही । उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि देशभर में सभी धर्मों के धार्मिक नेताओं को फैसला करना चाहिए कि वे उन लड़कों की शादी नहीं कराएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं। स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे टॉइलट का इस्तेमाल कर अपने प्रदेश और देश को स्वच्छ बनाएं।

छत्तीसगढ़ में खुलेगी एथलेटिक्स अकादमी

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का उत्साह रविवार को नया रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय हाफ मैराथन में उमड़े जनसैलाब को देखकर दूना हो गया। उन्होंने लोगों के उत्साह को देखते हुए प्रदेश में एथलेटिक्स अकादमी जल्द शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य खेलों की स्थिति काफी अच्छी और संतोषजनक है, लेकिन आज के इस हाफ मैराथन में हजारों की संख्या में शामिल होकर लोगों ने भारी उत्साह के साथ शामिल होकर एथलेटिक्स के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखाई है। इसे देखते हुए बहुत जल्द छत्तीसगढ़ में एथलेटिक्स अकादमी की स्थापना की जायेगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अगले साल भी यह आयोजन किया जाएगा, जिसमें हमारा लक्ष्य होगा कि कम से कम 40 हजार लोग यहां एक साथ दौड़ें।

खेल मंत्री ने साई का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की घोषणा की
केन्द्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने छत्तीसगढ़ के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में जल्द खोलने का ऐलान किया और कहा कि इसमें निदेशक स्तर के अधिकारी पदस्थ किए जाएंगे। वर्तमान में छत्तीसगढ़ को खेलों से संबंधित विषयों के लिए प्राधिकरण के भोपाल कार्यालय से सम्पर्क करना पड़ता है। छत्तीसगढ़ को अलग से यह क्षेत्रीय कार्यालय मिलेगा।
राष्ट्रीय मैराथन दिवस मनाया जाएगा
श्री गोयल ने कहा कि नया रायपुर में हाफ मैराथन की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा बहुत जल्द राष्ट्रीय मैराथन दिवस मनाने की शुरूआत की जाएगी। उन्होंने कहा-हम सब की यह मंशा है कि राष्ट्रीय मैराथन दिवस जब आयोजित हो, तब देश के लोग अपने गांव, अपने शहर, अपने गली-मोहल्लों में, स्वच्छता के लिए, स्वास्थ्य के लिए, डिजिटल भारत के लिए और देश को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ मिलकर खूब दौड़ें।
खेल को शिक्षा से जोड़ेंगे
केन्द्रीय खेल मंत्री ने कहा-केन्द्र सरकार खेल को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। खेल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। लोग स्वस्थ रहेंगे तो स्वास्थ्य का बजट कम खर्च होगा और देश के अन्य कार्यों में भी लगाया जा सकेगा। श्री गोयल ने बताया कि केन्द्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए वेब पोर्टल बनाने का निर्णय लिया है। इसमें कोई भी खिलाड़ी अपने खेल का वीडियो अपलोड कर सकेगा। इसे देखकर मंत्रालय द्वारा खेल प्रतिभाओं को चिन्हांकित कर उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

मिल्खा सिंह ने बढ़ाया उत्साह
आयोजन में देश के 92 वर्षीय प्रसिद्ध और लोकप्रिय धावक मिल्खा सिंह ने अपनी गरिमामय उपस्थिति से सबका उत्साह बढ़ाया। भारत की प्रसिद्ध रेसलर गीता फोगट और कई अर्जुन पुरस्कार प्राप्त तथा अन्य कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों ने भी यहां आकर धावकों का हौसला बढ़ाया।

पूर्व प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर का निधन

कोलकाता। भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर का रविवार दोपहर यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 68 वर्षीय न्यायमूर्ति कबीर ने दो बजकर 52 मिनट पर अंतिम सांस ली। वह किडनी की बीमारी एवं अन्य संबंधित रूग्णताओं से ग्रस्त थे। उनकी दामाद लियोन डिसूजा ने बताया कि उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटी और बेटा है। न्यायमूर्ति कबीर 29 सितंबर, 2012 को प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे। वह 19 जुलाई, 2013 को सेवानिवृत हुए थे। उनका जन्म 19 जुलाई, 1948 में हुआ था। उन्होंने 1973 में वकील के रूप में पंजीकरण हासिल किया और जिला न्यायालयों एवं कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकालत की।

जनता से जुड़ने डॉ. रमन ने बदली रणनीति

–मौके पर कराएंगे समस्याओं का निराकरण
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए रणनीति बदल दी है। इस आर वह लोक सुराज अभियान के बदले लोक समाधान शिविर लगाएंगेऔर मौके पर ही लोगों की समस्या का निराकरण कराएंगे। मुख्यमंत्री को यह बात संज्ञान में आयी है कि लोक सुराज में मिलने वाले आवेदनों का ढंग से निबटारा नहीं किया गया। कई विभाग खानापूर्ति कर मामले को निस्तारित कर देते हैं। लिहाजा, अब सिर्फ आवेदन ही नहीं लिए जाएंगे बल्कि फौरन निराकरण भी कराएंगे। ऐसा दावा किया जा रहा है कि देश में पहली बार खास कंसेप्ट के साथ समाधान शिविर लगेंगेऔर, सोशल आॅडिट की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।

25 फरवरी से शुरूआत
लोक समाधान शिविर के लिए आवेदन लेने का काम 25 फरवरी से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सरकारी नुमाइंदे घर-घर जाकर आवेदन एकित्रत करेंगे। इसके लिए हर 10 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर बनाए जाएंगे। हर शिविर के लिए एक नोडल अधिकारी होंगे।

3 अप्रैल से समाधान शिविर
समाधान शिविर 3 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई तक चलेंगे। मुख्यमंत्री इसमें सभी 27 जिलों का दौरा करेंगें। इनमें से 20 जिलों में वे रात्रि विश्राम करेंगे। सिर्फ राजधानी के पड़ोस वाले जिले मसलन, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बेमेमरा, बलौदा बाजार, गरियाबंद जैसे जिलों में उनका रात्रि विश्राम नहीं होगा।

अंदाज जुदा होगा
लोक समाधान शिविर में सीएम का अंदाज अबकी जुदा होगा। कलेक्टरों को भीड़ जुटाकर वाहवाही बटोरने का इस बार अवसर नहीं मिलेगा। सीएम इस बार दो टूक बात करेंगे। प्रत्येक जिले के दो समाधान शिविर में वे खुद जाएंगे। लोगों से सीधे पूछेंगे कि उनके आवेदनों पर कार्रवाई हुई या नहीं।

तीन सदस्यीय टीम रखेगी नजर
लोक समाधान की मानिटरिंग के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। सचिव सुबोध सिंह, संयुक्त सचिव रजत कुमार और जनसंपर्क के संचालक राजेश सुकुमार टोप्पो टीम में शामिल हैं। तीनों अधिकारियों ने अपना काम प्रारंभ कर दिया है। लोगों से मिलने वाले आवेदन आनलाइन होंगे। कमेटी इस पर नजर रखेगी कि आवेदनों के निबटारे में फर्जीवाड़ा तो नहीं किया जा रहा है।

लता मंगेशकर ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित

मुंबई। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को ‘ब्रैंड लॉरिअट’ की ओर से ‘लेजन्डरी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। ब्रैंड लॉरिअट अवॉर्ड विश्व स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों और कंपनियों को दिया जाता है। 87 वर्षीय लता मंगेशकर ने ट्विटर पर पुरस्कारों की तस्वीरों के साथ लिखा, मुझे ‘लेजन्डरी अवॉर्ड-2017’ से सम्मानित करने के लिए ब्रांड लॉरिअट का हार्दिक धन्यवाद। उल्लेखनीय है कि भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 2012 में शाहरुख खान को ब्रैंड लॉरिअट लेजेन्डरी अवॉर्ड से नवाजा गया था। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, नोबल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस, भारतीय कारोबारी रतन टाटा, ऐप्पल के दिवंगत सह संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जकरबर्ग और फॉर्म्यूला-वन विजेता माइकल शूमाकर को ब्रैंड लॉरिअट लेजेन्डरी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

हाफिज सईद को पाकिस्तान ने माना आतंकी

नई दिल्ली। खुद पर गुजरी तो पाकिस्तान को थोड़ा होश आया। आतंकी घटनाओं में सौ से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद ही सही पाकिस्तान ने भारत के गुनहगार हाफिज सईद को आतंकी मान लिया है। उसके चार अन्य साथियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। हालांकि पाक की इस कार्रवाई को भी उसकी मंशा की बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से उल्टी कार्रवाई का डर और भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरेबंदी के दबाव के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल, अब भारत के लिए यह साबित करना आसान है कि किस तरह से तमाम आतंकियों को पाकिस्तान पहले बचाता है और फिर दवाब पड़ने पर उन पर कार्रवाई करता है।पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने आतंकी संगठन सईद व उसके चार सहयोगियों को आतंकरोधी कानून के तहत शामिल किया है। इसका साफ तौर पर मतलब है कि पाकिस्तान कानूनी तौर पर अब यह स्वीकार कर रहा है कि सईद आतंकी है। सईद 30 जनवरी, 2017 से ही नजरबंद है लेकिन उसके नाम को कानूनी तौर पर शामिल करने के बाद उसकी गतिविधियों पर और पाबंदी लग जाएगी। उसके मिलने जुलने, बयान जारी करने या पैसे खर्च करने पर भी अब पाबंदी लग जाएगी। वैसे पाकिस्तान ने इसके पहले भी वर्ष 2008 में सईद को गिरफ्तार किया था लेकिन इस बार जिस कानून के तहत उसका नाम शामिल किया गया है वह पहले से काफी सख्त है।

अडवांस होगा वायुसेना का निगरानी तंत्र

–360 डिग्री वाला सिस्टम बना रहा डीआरडीओ
बेंगलुरु। आने वाले समय में भारतीय वायुसेना का निगरानी तंत्र बेहद मजबूत होने जा रहा है। नया निगरानी तंत्र इतना पुख्ता होगा कि दुश्मन के पास इसकी कोई काट नहीं होगी। फिलहाल वायुसेना को देश में ही तैयार किया गया चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम सौंपा जा चुका है जो 240 डिग्री की क्षमता रखता है। एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम को तैयार करने वाली रक्षा एजेंसी, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने कहा है कि अब वह इस सिस्टम का अडवांस वर्जन तैयार कर रहा है जिसकी क्षमता 360 डिग्री की होगी।
डीआरडीओ के चेयरमैन एस क्रिस्टोफर ने कहा, अगला सिस्टम अपग्रेडेड होगा, जिसकी रेंज 360 डिग्री कवरेज की होगी। ऐरो इंडिया 2017 को लेकर बातचीत करते हुए क्रिस्टोफर ने बताया कि इजरायल के बाद भारत दुनिया के ऐसा दूसरा देश होगा जो 360 डिग्री वाला चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम डिवेलप करेगा।
मौजूदा सिस्टम को ब्राजील का
मौजूदा सिस्टम को ब्राजील में निर्मित एम्ब्रायर-145 जेट विमान के लिए तैयार किया गया है। यह सिस्टम एयरक्राफ्ट के दोनों तरफ के क्षेत्र को तो स्कैन कर सकता है, लेकिन आगे और पीछे के क्षेत्र को नहीं। इस उपलब्धि के साथ भारत ऐसा चौथा देश बन गया था, जिसने खुद अपना चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम तैयार किया है।
84 माह में आएगा अगला वर्जन
उन्होंने कहा, हम 240 डिग्री कवरेज वाले चेतावनी और कंट्रोल सिस्टम के साथ युद्ध लड़ सकते हैं। वह सीमा पर दोनों तरफ के क्षेत्र को स्कैन कर सकता है। सिर्फ समुद्र ही एक ऐसी जगह है जहां 360 डिग्री स्कैनिंग की जरूरत पड़ती है। डीआरडीओ चीफ ने कहा कि अगला वर्जन 84 महीनों में तैयार कर लिया जाएगा।

पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीता

चेन्नई। तमिलनाडु असेंबली में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। इसके बावजूद नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने विश्वास मत जीत लिया। उनके विश्वास मत प्रस्ताव पर 3 बजे के बाद वोटिंग शुरू हुई। 122 विधायकों ने पलानीस्वामी पक्ष में वोट किया। जबकि एआईएडीएमके के विद्रोही नेता ओ. पन्नीरसेल्वम को सिर्फ 11 वोट मिले। इससे पहले सीक्रेट बैलेट की मांग को लेकर हंगामा कर रहे डीएमके के 89 विधायकों को असेंबली से बाहर निकाल दिया गया। वोटिंग के दौरान सिर्फ एआईएडीएमके के विधायक मौजूद थे। हंगामे के चलते असेंबली का नजारा ठीक वैसा ही था, जैसा 29 साल पहले एमजीआर के निधन के बाद जयललिता के फ्लोर टेस्ट के वक्त हुआ था। जैसे ही पलानीस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया, डीएमके विधायक सीक्रेट बैलेट की मांग पर अड़ गए, कागज फाड़े, कुर्सियां फेंकीं। टेबल और माइक भी तोड़ दिए। इस तोड़फोड़ में एक आॅफिसर घायल हो गया।