पीएमओ की देखरेख में काम करेगी योगी सरकार

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में नई सरकार के गठन के पहले से ही पीएमओ एक्टिव हो गया था। दिल्ली से लगातार लखनऊ फोन जा रहे थे और इसके बीच में तमाम अधिकारियों को समय पर दफ्तर आने और ईमानदारी से काम करने का आदेश भी जारी हो गया। अब सीएम की गद्दी योगी आदित्यनाथ के संभाल लेने के बाद दिल्ली और लखनऊ के पावर सेंटर के बीच एक नया लिंक बनाने की बात सामने आई है। योगी सरकार को सीधे पीएमओ से निर्देश मिलेगा। नृपेंद्र मिश्र जैसे वरिष्ठ अधिकारी को इस काम में लगाने का मतलब ये है कि योगी सरकार को पीएम के यूपी प्लान को आगे बढ़ाना होगा। उसका रोडमैप दिल्ली में तय होगा और योगी सरकार उसे लागू करेगी।
भरोसेमंद अफसर को पीएम ने सौंपी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार नृपेंद्र मिश्र को यूपी में नई सरकार के गठन और पांव जमाने तक राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर नजर रखने के लिए लगाया गया है। पीएम मोदी ने ये काम अपने सबसे खास अधिकारी पीएमओ में प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्र को सौंपा है। नृपेंद्र मिश्र पिछले दो दिनों से लखनऊ में हैं। वे योगी सरकार और पीएम के बीच कड़ी का काम करेंगे। नृपेंद्र मिश्र यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच समन्वय का काम देखेंगे।

क्यों अहम हैं नृपेंद्र मिश्र
नृपेंद्र मिश्र यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने उन्हें अपना प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया। इसका मतलब है कि यूपी में अधिकारियों की तैनाती में उनका अहम रोल रहेगा। सूत्रों के अनुसार योगी और नृपेंद्र मिश्र के बीच योजनाओं को लागू करने को लेकर चर्चा हुई। इस पर भी बात हुई कि कैसे इन योजनाओं का लाभ गरीब लोगों तक सीधे पहुंचाया जा सके।

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