Category Archives: छत्तीसगढ़

छोटे जोगी ने रमन को चिट्ठी लिख कसा तंज

रायपुर। मरवाही के विधायक अमित जोगी अब मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को चिट्ठी लिखकर उन पर तंज कसा है। उन्होंने पत्र में लिखा है…..
आदरणीय मुख्यमंत्री जी
सादर नमस्कार,
आप को ये पत्र मै काफी व्यथित हो कर लिख रहा हूँ। पीछे दिनों रायपुर जिले के छेड़ी खेडी गांव से बेदखल किये गए 200 परिवार मुझ से मिलने पहुचे थे। उनके आँखों में आंसू और अपने अन्धकारमय भविष्य की चिंता थी। मुझे लगता है की इस के लिए हम जनप्रतिनिधि जिम्मेदार है। आप के निर्देशन में छेड़ी खेडी में विधायको के लिए बंगला का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए छेड़ी खेड़ी में बसे इन 200 परिवार जनों को हटाया जा रहा है।
इन गरीबो को हटा कर हम जैसे विधायको के लिए आलीशान बंगलों का निर्माण बिलकुल भी उचित प्रतीत नही होता हैं। इस परिसर में मुझे भी बँगला आबंटित किया गया है। मुझे लगता है की उन दो सौ परिवारों को उनके घर से हटा कर उनके आँखों में आंसू ला कर हम विधायक अपने आबंटित घरो में खुशी के साथ नही रह पायेगे। महात्मा गांधी ने कहा था कि सुशासन में विकास को तभी सार्थक माना जाएगा जब हम गरीबों के आंसू पोछकर उनके चेहरो पर मुस्कान लाने में सफल होंगे। मुख्य मंत्री जी, हम दुसरो का आशियाने उजाड़ कर अपने अरमानो का महल नही बना सकते। आप इन दिनों अपने ‘लोक सुराज’ अभियान के जरिये जनता का राज स्थापित करने का सन्देश लेकर जगह जगह जा रहे है लेकिन विधायकों के घरों के निर्माण के लिए 200 परिवारों को हटाये जाना ‘लोक उजाड़’ अभियान सा लगता है। ऐसे समय में सत्गुरू कबीर जी की ये पक्तियाँ याद आती है..
गरीब को मत सताईए, जाकि मोटी हाय।
मुए चाम की आग से लौह भस्म हो जाय।।
आशा करता हूं कि आप इन पक्तियों के निहितार्थ को समझकर लोक हित में उचित फैसला लेगे! मैं आपके गरीबों की आह लेने वाली योजना का सहभागी नहीं बनाना चाहता। कृपया इस प्रोजेक्ट में ऐसी व्यवस्था कि जाए की उन गरीबों के चेहरे में मुस्कान आ सके। मुझे उम्मीद है इस बात से सभी विधायक भी सहमत होगें।

अमित जोगी अदिवासी कंवर समाज के कार्यक्रम में शामिल होगें

 खैरागढ़़ .. खैरागढ़़ आज विकास खंड के ग्राम तेलीटोला मे आयोजित अदिवासी कंवर विकास समिति परिछेत्र खैरागढ़़ द्वरा आयोजित अदिवासी सामुहिक आदर्श विवाह के कार्यक्रम के मुख्य अतिथी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के युवा नेता मरवाही विधायक श्री अमित जोगी होगें कार्यक्रम की आध्यझता सुखी राम कवर करगें उक्त अवसर पर जनता कांग्रेस के जिला प्रवक्ता एंव नव नियुक्त  खैरागढ़़ उप जिला अध्यझ नासिर मेमन ने बताया की आदर्श विवाह तिथि कुन्डली के अतर्गत आठ जोडो का अब तक पंजियन हुआ है अदिवासी समाज के कार्यक्रम को सफल बनाने छेत्र के सेवर्निव्रत प्रचार्य श्री मंशाराम सिमंकर. सोनसिंग कंवर. अर्जुन सिंग चंद्रवशी. नारायण कंवर .लाल सिंग कंवर.बिसे लाल कंवर. राम जी कंवर. शत्रुहन लाल कंवर. श्रीमती इंदिरा चंद्रवशी. इंदिया कंवर. सेवती बाई कंवर. बोधनी बाई कंवर. पुनम कंवर. किरन कंवर. एंव समस्त कंवर समाज खैरागढ़़ ने अदिवासी समाज एंव अन्य समाज से बरात स्वागत पणिग्रहण भांवर मे उपस्थित होने की विनती की.

भूपेश ने जोगी को बताया जयचंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो राजनैतिक दिग्गजों के बीच राजनीतिक जंग जारी है। यह जंग आए दिन एक दूसरे पर बयानबाजी को लेकर तेज हो जाया करती है। एक बार फिर यह जंग परवान चढ़ गयी है। एक दिन पहले जनता कांग्रेस के संस्थापक अजीत जोगी ने कहा था कि वे भूपेश बघेल के किसी बात का जवाब नहीं देते क्योंकि वे उनके स्तर के नेता नहीं हैं। इसके जवाब में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक पेज पर अजीत जोगी को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्हें खुशी है कि वे उनके स्तर के नहीं और वे उनके स्तर तक जाना भी नहीं चाहते। श्री बघेल ने कहा है, मुझे आज हार्दिक खुशी है कि मैं आपके स्तर का नहीं। मैं लाख चाहूं तो भी आपके स्तर पर जाकर न झूठ बोल सकता हूं, न अपनी पार्टी की पीठ में छुरा भोंक सकता हूं और न लोकतंत्र का चीरहरण कर सकता हूं। उन्होंने लिखा है, मेरी अंतरात्मा गवाही नहीं देती कि मैं आपके स्तर तक जाऊं। मैं राजनीति छोड़कर खेती के अपने पुश्तैनी काम में वापस लौट जाना पसंद करुंगा लेकिन आपके स्तर तक नहीं जाउंगा। स्तर तो छोड़ दीजिए मैं आपके रास्ते पर एक कदम भी नहीं चलना चाहूंगा।
बघेल ने अपने जवाब में कहा है, मैं जयचंद कभी नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री के रूप में अजीत जोगी के कार्यकाल का जिक्र करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है, छत्तीसगढ़ में जातिवाद का जो जहर आपने बोया वह अक्षम्य है। आपने हमारे कारोबारी भाइयों के मन में डर पैदा कर दिया कि कहीं उन्हें कारोबार समेटकर भागना न पड़े। आपने न कर्मचारियों को बख्शा और न राजनेताओं को। अंत में उन्होंने लिखा है, आपका स्तर आपको मुबारक। आपके भ्रमजाल में फंसे आपके करीबियों को मुबारक। मेरा सौभाग्य है कि मैं आपके स्तर का नहीं और मैं अपने स्तर पर खुश हूं। ईश्वर आपको लंबी उम्र और थोड़ी सद्बुद्धि दे।

डॉ. रमन का न्यौता बापू को ‘कुबूल’, बस्तर में सुनाएंगे कथा

रायपुर। इनडोर स्टेडियम में चल रही श्रीरामकथा में छठें दिवस राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने कुसंग की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा दिए गए निमंत्रण को बापू ने ‘कुबूल’ करते हुए कहा कि वह दो से तीस साल के बीच बस्तर आएंगे और वहां श्रद्धालुओं को रामकथा सुनाएंगे। बापू ने बताया कि कुसंग से अपराध का जन्म होता है, यह बात दीगर है। सही तो यह है कि कुसंग ही अपराध है। उन्होंने इस संदर्भ में राजा प्रतापभानु का उदाहरण प्रस्तुत किया। बापू ने कहा कि समाज को गलत राह पर न चलाएं। कथा शारीरिक रोग को भी मिटाती है यदि श्रद्धा है, उपवास करना है तो वाणी व इंद्रियों का करें। नरक में रहना ज्यादा बेहतर हैं लेकिन कुसंग में नहीं। अहंकारी अपने अहंकार से और दोषी दुर्गुणों से मरता हैं, उसे मारने की जरुरत नहीं।
वाणी और इंद्रियों का करें उपवास
बापू ने कहा कि इंद्रियों का उपवास करो, आँख रुपी इंद्रियां इधर-उधर न जाएं, वाणी का उपवास करें, मौन बहुत फायदा करेगा। मैं तो कहता हूँ कि जिस उम्र में पहुंचकर लोग अपना जन्मदिन मनाते हैं उतने साल के बदले में यदि उतने घंटे मौन रह गए तो इसका फायदा न केवल आपको बल्कि परिवार को भी खुश करेगा। मौन की भी बड़ी महिमा है।
निष्ठा नहीं, प्रतिष्ठा पाना चाहते हैं
आज हर कोई प्रतिष्ठा पाना चाहता है, पर निष्ठा नहीं। शरणागति एक की ही होती है यह नियम है। अपेक्षा अपने सद्गुरु की सेवा की करो, लेकिन प्रतिक्षा किसी की भी न करो क्योंकि दाता एक राम है, भिखारी सारी दुनिया।
दूसरों का मजाक उड़ाना भी अपराध
दूसरों का मजाक कभी नहीं उड़ाना चाहिए यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। जीवन में विनोदी रहना लेकिन किसी की जिंदगी से विनोद न करना। मजाक किसी की जिंदगी से हो ये दिल को नापसंद है, कोई मजाक दूसरों के लिए खतरा बन जाए यह भी अपराध हैं।

पूजा सोनी बनीं रायगढ़ की शहर अध्यक्ष

रायपुर। मिशन 2018 की तैयारी में जुटे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने संगठन को मजबूत करने का अभियान छेड़ रखा है। इस्पात नगरी रायगढ़ के जिलाध्यक्ष बजरंग अग्रवाल की संस्तुति पर श्री जोगी ने पूजा सोनी को पार्टी की रायगढ़ इकाई के शहर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। पूजा ने कहा कि वह श्री जोगी द्वारा दी गई जिम्मेदारी का निष्ठा से निर्वहन करेंगी।

राजेश और अरुणा को मिली जिम्मेदारी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के द्वारा बेमेतरा शहर जिला छात्र संगठन के अध्यक्ष पद पर युवा साथी राजेश मारकण्डे एवं ग्रामीण जिला अध्यक्ष पद पर बेरला ब्लाक के युवा साथी रॉकी साहू और बेमेतरा विधानसभा महिला जनता कांग्रेस जे के अध्यक्ष पद पर भिंभौरी निवासी श्रीमती अरुणा साहू को अध्यक्ष बनाया गया है। इनकी नियुक्ति पर बधाई देने वालों में मुख्य रूप से योगेश तिवारी सच्चिदानंद मिश्रा, लेख मणि पांडे, लाला भारती छात्र संगठन के प्रदेश सचिव- चंद्रकांत चतुर्वेदी, हरीश चंद्र धृत लहरे, रामकुमार चेलक, गौतम पटेल, मनोज पटेल, मनोज दुबे, राजकुमार ठाकुर, दिनेश नवरंगे, विक्की, रवि साहू, पंकज सिंह, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, धर्मेंद्र पांडे, नवीन गौतम, शंकर लाल साहू, खिलेश्वर वर्मा, श्रीमती कस्तूरी वर्मा, सुनीति, निर्मला साहू, यशोदा साहू, आरती साहू, देवकी साहू, रामप्यारी साहू, लता समेत कई लोग शामिल रहे।

जोगी ने शेख इस्माईल को बनाया प्रदेश संयोजक

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने शेख इस्माईल अहमद को पार्टी के सूचना एवं प्रौद्यागिकी विभाग (आईटी सेल) का प्रदेश संयोजक बनाया है। इस अवसर पर शेख इस्माईल ने निुयक्ति प्रदान करने पर पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि श्री जोगी के नेतृत्व में ही युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों की उन्नति और छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास संभव हैं। श्री जोगी ने जो जिम्मेदारी दी हैं उसका पूर्ण रूप से पालन करते हुए उनके संदेश को आई.टी. के माध्यम से हर गांव गरीब तक पहुंचाएंगे।

बापू ने बंदियों का खाना भिक्षा में मांगा

— केन्द्रीय जेल में बंदियों के बीच पहुंचे मोरारी बापू
रायपुर। राजधानी के केन्द्रीय जेल का माहौल बुधवार को काफी बदला-बदला सा था, चारो तरफ रामधुन की गूंज सुनाई पड़ रही थी, अंदर के प्रांगण में कतारबद्ध बैठे बंदियों के बीच शाम को मोरारी बापू पहुंचे और काफी आत्मीयता से उनका हालचाल पूछा। बापू ने बंदियों से कहा कि जो हो गया सो हो गया, इस दृष्टि से आज को देखें कि तपस्या कर रहे हैं, अब प्रायश्चित करने का दिन है। पश्चाताप ऐसी गंगा है जिसमें नहाने के बाद आदमी के सभी गुनाह धुल जाते हैं। आखिर में बापू ने बंदियों से वही खाना मांग लिया जो वे खाते हैं, गोपाल जी को भोग लगाकर आज वे यही खाएंगे, तो पूरे जेल परिसर का माहौल भावुक हो गया। मोरारी बापू शाम पांच बजे केन्द्रीय जेल पहुंचे,बंदियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि आपको मैं क्या सलाह दूं,क्या सिखाऊं फिर भी आया हूं आपसे कुछ बात करूं। जो हो गया सो हो गया,कानून के मुताबिक आप यहां आए, इसलिए इस दृष्टि से देखें की प्रायश्चित करने यह तपस्थल है। गांधी जी भी जेल में रहने के दौरान उपवास करते थे, शुद्धि के लिए। गुनाह किए न किए कई महापुरूषों को भी जेल जाना पड़ा था।विनोवा भावे ने जेल में रहकर जो भगवत गीता पर प्रवचन किया उसे लिपिबद्ध किया गया आज विश्व के बहुत से भाषा में इसे अनुवाद किया गया। भगवान कृष्ण का जन्म भी जेल में ही हुआ।
भावनगर के जेल में बंदियों के बीच गुजारे नौ दिन


बापू ने बंदियों को बताया कि गुजरात के भावनगर में उन्होने नौ दिन जेल में गुजारा, सिर्फ इसलिए कि बंदियों की तरह रहकर उन्हे जानें। नियमों के दायरे में इजाजत मिली तो उन्ही की तरह खाया और उन्ही की तरह रहा। रोज उन्हे प्रार्थना कराता था, 15 मिनट प्रवचन करता था, उन्हें भी अच्छा लगा और मुझे भी। राम राज्य ऐसा था कि किसी दंड का प्रावधान नहीं था। गांधी जी ने भी यही परिकल्पना की थी। लेकिन क्या करें संविधान व कानून के दायरे से गुजरना पड़ता है। मेरे दिल में आपके मुक्ति के लिए प्रार्थना है। अब हमसे ऐसा नहीं होगा और इसके लिए आप 5-5 लोगों को जागरूक करें। बापू ने दी सलाह कि एक-अपने ईष्ट देव का रोज पांच मिनट स्मरण करें। दो-परस्पर एक दूसरे से प्यार करें। तीन-जो हो गया सो हो गया अभी जो परिस्थिति है उसमें भविष्य सुधारने का श्रीगणेश करें। जो समय है उसका सदुपयोग करने से मुक्ति मिलेगी। कभी भी ऐसा कदम नहीं उठायेंगे इस हौसले के साथ छूटकर जाएंगे। संवेदना आपकी महसूस कर सकूं इसलिए आज आपने जो खाना खाया है वह मुझे भिक्षा स्वरूप प्रदान करें प्रसाद के रूप में गोपाल जी को भोग लगाने के पश्चात मंै ग्रहण करूंगा। तब बापू को एक थाली में वहीं खाना दिया गया बापू ने थाली स्वंय हाथ में ली और वैसे ही वाहन में सवार हुए। बापू के इस प्यार से बंदी अभिभूत हो उठे। इससे पूर्व डीजी जेल गिरधारी नायक ने बापू का स्वागत किया, जेल के बारे में जानकारी दी। संसदीय सचिव लाभचंद बापना ने आभार जताया। इस मौके पर राजेश मूणत, देवजी पटेल, श्रीचंद सुंदरानी, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सूर्यकांत राठौर, मोहन एंटी, ओंकार बैस, अशोक पांडे, बजरंग खंडेलवाल, जयंती भंसाली, गोपी साहू व जेल स्टाफ मौजूद थे।

समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए रमन ने बापू से मांगा आशीर्वाद

रायपुर। राजधानी के इंडोर स्टेडियम की श्रीराम कथा में शामिल मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कथावाचक मोरारी बापू से समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए आर्शिवाद और बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्र में कथा करने के लिए समय मांगा। 17 साल के छत्तीसगढ़ में प्रथम कथावाचन के लिए उनका राज्य की ढाई करोड़ जनता की ओर से उन्होने स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह सपत्निक बुधवार को इंडोर स्टेडियम श्रीराम कथा श्रवण के लिए पहुंचे थे। उन्होने एक घंटे तक कथा सुनी। व्यासपीठ.मानस व बापू का उन्होने पहले माल्यार्पण कर चरण वंदन किया। पश्चात बापू ने डा. रमन सिंह व श्रीमती वीणा सिंह को रामनाम का दुशाला भेंट कर आर्शिवाद प्रदान किया। इस बीच अपने संक्षिप्त संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए काफी सौभाग्य का है कि मोरारी बापू का दर्शन व आर्शिवाद मिला। वर्षों से हम बापू की कथा सुनते आ रहे थे। पैर छूकर आर्शिवाद लेने की कामना थी जो आज पूरी हुई। छग की 2.5 करोड़ जनता की ओर से मै उनका स्वागत करता हूं। श्रीराम कथा का यह सतत प्रवाह दुनिया के कोने-कोने में बह रही है। अपनी जीवन शैली में लोग इसका अनुसरण करते हैं। यह कहा जा रहा है कि 32 साल बाद बापू का छत्तीसगढ आगमन हुआ है लेकिन मै कहता हंू कि छत्तीसगढ़ में पहली बार बापू का आगमन हुआ है, क्योंकि छत्तीसगढ़ को बने ही 17 साल हुए हैं।

यह राम का ननिहाल है

छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य हैं जहां के कण-कण में राम बसते हैं,यह राम का ननिहाल है। दण्डकारण्य में उनके कमल चरण पड़े। इसलिए भी कि संतों का आर्शिवाद और निरंतर आगमन कथा के माध्यम से हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आज जो शांति, भाईचारा है किसी प्रकार के विवाद से मुक्त है वह रामजी की कृपा है। पहले छत्तीसगढ़ को पिछला व पलायन वाले क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता था लेकिन आज हिंदुस्तान के विकसित राज्यों की श्रेणी में वह पहुंच चुका है। बापू ने प्रसादी का वर्णन किया तो स्वाभाविक है सबके मुंह में पानी आ गया लेकिन मै बताना चाहूंगा कि छग में 60 लाख परिवार ऐसे हैं जिन्हे सरकार की योजनाओं से दोनों समय का भोजन मिल रहा है। कोई भी भूखा न सोये यह हमारा प्रयास है। चावल,नमक और दाल का वितरण करते हैं। हम बापू से आर्शिवाद चाहते कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य बने। स्कूल,अस्पताल और एयरपोर्ट खुल जाना ही पर्याप्त नहीं हैं। आम आदमी के जीवन में परिवर्तन आए यह संकल्प लेकर हम काम कर रहे हैं और आप जैसे संतों के साथ बैठे हैं तो यह कोई चुनौती भी नहीं है। राम कथा के माध्यम से ऐसा प्रवाह चलता रहे। उन्होने कहा कि अगली बार 17 साल इंतजार न करना पड़े। उन्होने श्रद्धालुओं से हाथ उठाकर ताली बजवाकर हामी भरवाई कि बापू की फिर से कथा वे जल्द चाहते हैं। आखिर में उन्होने बापू से विनम्र आग्रह किया कि उन्हे खुशी होगी यदि बापू बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्र में कथा के लिए समय दें जहां के 40 लाख वनवासी वाकई उनकी कथा सुनना चाहते हैं। हम लोग तो टीवी व अन्य माध्यों से आपकी कथा सुन ही लेते हैं,ऐसी जगह पर कथा के लिए आप समय प्रदान करते हैं तो हमारा सौभाग्य होगा। उन्होने सफल धार्मिक आयोजन के लिए राजेश मूणत और संपूर्ण आयोजन समिति को बधाई दी।

दुनिया के वैज्ञानिक ‘व्यास पीठ’ पर करेंगे शोध

–संत मोरारी बापू ने 21वीं सदी को बताया भक्ति की शताब्दी
रायपुर। इनडोर स्टेडियम में चल रही श्रीरामकथा के पांचवे दिवस राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने भक्ति, व्यास पीट और सत्संग की विस्तृत व्याख्या की। बापू ने व्यास पीठ से ऐलान किया कि 21वीं सदी दुनिया में भक्ति की शताब्दी होगी। दुनिया के वैज्ञानिक ‘व्यास पीठ’ पर शोध करेंगे। विज्ञान यह जानने की कोशिश करेगा कि व्यास पीठ के सामने हजारो-हजार लोग एक साथ एकाग्रचित्त होकर क्यों बैठ जाते हैं, उन्हें क्या मिलता है। इस पर शोध किया जाएगा। ‘हरि’ नाम पर शोध किया जाएगा। बापू ने साफ किया कि व्यास पीठ का दायरा संकीर्ण नहीं बल्कि बेहद विस्तृत है। केवल कथा सुनना ही नहीं बल्कि अच्छी पुस्तकें पढ़ना, प्रेरणास्पद फिल्में देखना भी सत्संग है। उन्होंने कहा कि जो हमें विकसित करे और विश्राम तक पहुंचा दे, ऐसी कोई भी चीज कथा है, सत्संग है। उन्होंने साधुता के लक्षण पर भी प्रकाश डाला और कहा कि जो निष्कपट है वही साधु है। एक साधु की सादगी ही उसका श्रृंगार है। खुद भूखा रहकर दूसरों का पेट भरने का इंतजाम करना साधुता का लक्षण है।
जीवन में हमेशा मुस्कुराइए
संत मोरारी बापू ने कथा अमृत रसपान कर रहे साधकों से कहा कि वे जीवन में हमेशा मुस्कुराते रहें। उन्होंने बताया कि मुस्कुराहट ही मोक्ष है। मुस्कुराहट जीवन को हमेश उर्जावान बनाती है। उन्होंने विविध प्रसंगों से लोगों को खूब हंसाया।

मुख्यमंत्री ने बस्तर आने का किया निवेदन
बुधवार को मोरारी बापू की कथा सुनने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पत्नी वीणा सिंह के साथ पहुंचे। कथा श्रवण करने के उपरान्त उन्होंने व्यास पीठ की पूजा कर आशीर्वाद लिया और संत मोरारी बापू से निवेदन किया कि वे एक बार बस्तर में भगवान राम की भक्ति में लीन आदिवासियों के बीच आएं और उन्हें कथा सुनाएं।