Category Archives: अंतरराष्ट्रीय

तुर्की में जनमत-संग्रह के विरोध में प्रदर्शन, 49 गिरफ्तार

एंटाल्या। तुर्की में संवैधानिक बदलावों के विरोध में हो रही देशव्यापी रैलियों से 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देश में हुए जनमत संग्रह में राष्ट्रपति रेजेप ताय्यीप एर्दवां की जीत के बाद से संवैधानिक बदलावों को लेकर विरोध हो रहा है। समाचार पत्र हुर्रियत के मुताबिक, पुलिस ने एंटाल्या के भूमध्य प्रांत से 14 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इसी स्थान पर रविवार को हुए जनमत संग्रह में बहुत अधिक संख्या में लोगों ने संवैधानिक बदलावों के विरोध में वोट किया था। निर्वाचन आयोग का कहना है कि शुरूआती नतीजों से पता चला कि 51.4 फीसदी मतदाताओं ने तुर्की के इस बदलाव का समर्थन किया है। हालांकि, विपक्षी पार्टियां तुर्किश बार असोसिएशन और आॅगेर्नाइजेशन फॉर सिक्यॉरिटी ऐंड कॉपोर्रेशन इन यूरोप का कहना है कि यह जनमत संग्रह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है।

सैकड़ों साल पुरानी नदी 4 दिन में हो गई ‘गायब’

यूकॉन। कनाडा से बहने वाली 150 मीटर चौड़ी स्लिम्स नदी सिर्फ चार दिन में सूख गई। ऐसा मौसम में बदलाव की वजह से ग्लैशियर पिघलने के चलते हुए। कास्कावुल्श ग्लैशियर से निकलने वाली स्लिम्स नदी सैकड़ों से सालों से बह रही थी। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम में आए बदलाव की वजह से ग्लैशियर की बर्फ काफी तेजी से पिघली जिससे नदी के पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि ‘गायब’ ही हो गया। दरअसल तेज बहाव कि वजह से एक अलग रास्ता बन गया था। बहाव की दिशा बदलने की वजह से नदी अपनी पुरानी जगह से लगभग खाली हो गई। खबर के मुताबिक, अब यह नदी अलास्का की खाड़ी की तरफ बहती है। वैज्ञानिक कुदरत के इस कमाल को ‘रिवर पाइरेसी’ (नदी की चोरी) का नाम दे रहे हैं। रिपोर्ट में एक भूविज्ञानी ने बताया कि उन्होंने नदी वाली जगह का दौरा किया है। उन्होंने बताया कि नदी लगभग सूख चुकी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के बड़े बदलाव में काफी लंबा वक्त लगता है। उनका कहना है कि ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से स्लिम्स नदी पतली धारा में बदल गई, जबकि दूसरी तरफ ग्लैशियर के पानी की दिशा बदलने से अलास्का नदी कई गुना बड़ी हो गई है। इससे पहले ये दोनों नदियां एक जैसी थीं।

टेरीजा ने मध्यावधि चुनाव का ऐलान कर चौंकाया

लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने मंगलवार को चौंकाने वाला एलान किया। उन्होंने आठ जून को मध्यावधि चुनाव कराने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव पर बुधवार को संसद में मतदान होगा। समय पूर्व चुनाव के लिए दो तिहाई सांसदों के समर्थन की जरूरत है। मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी के नेता जेरोमी कॉर्बिन ने प्रस्ताव का स्वागत किया है। ऐसे में संसद की मुहर की औपचारिकता ही शेष रह गई है। कैबिनेट बैठक के बाद टेरीजा ने कहा, ब्रेक्जिट (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन का बाहर होना) के फैसले को बदला नहीं जा सकता है। विपक्षी दल इसमें बाधा डाल रहे हैं। ब्रेक्जिट पर विस्तृत बातचीत से पहले स्थायित्व जरूरी है। इसके लिए हमारे पास अभी चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने का मौका है। महारानी एलिजाबेथ को टेरीजा ने सोमवार को ही इसके संकेत दे दिए थे। बीते साल जनमत संग्रह में ब्रेक्जिट पर मुहर लगने के बाद डेविड कैमरन ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जुलाई में उनकी जगह टेरीजा ने ली थी। इसके बाद से वे लगातार मध्यावधि चुनाव की अटकलों को खारिज करती रही हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने ब्रेक्जिट की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने से जुड़े अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए थे। जानकारों के अनुसार हालिया सर्वेक्षणों ने टेरीजा को समय से पहले चुनाव के लिए प्रेरित किया है। यूगॉव के सर्वे में 50 फीसद मत पाकर वह पीएम की दौड़ में सबसे आगे चल रही हैं। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कॉर्बिन को केवल 14 फीसद ही मत मिले हैं। सर्वे में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी को लेबर पार्टी पर 20 फीसद की बढ़त हासिल है। गौरतलब है कि ब्रटेन के “फिक्स्ड टर्म पार्लियामेंट एक्ट” के अनुसार आम चुनाव हर पांच साल बाद मई महीने में कराए जाते हैं और अगला चुनाव 2020 में होना था।

 

जनमत-संग्रह में जीते एर्दुवां

इस्तांबुल। तुर्की के राष्ट्रपति रेजेप ताय्यीप एर्दुवां ने एक ऐतिहासिक जनमत-संग्रह मामूली अंतर से जीत लिया है। इस जनमत-संग्रह में ऐसे संवैधानिक बदलावों को हरी झंडी दी गई है जो एदुर्वां को आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क और उनके उत्तराधिकारी इस्मत इनोनु के बाद किसी भी अन्य नेता से अधिक शक्तियां देंगे। इससे सत्ता पर उनकी पकड़ और मजबूत होगी। हालांकि इस परिणाम को लेकर देश बंट गया है और विपक्ष ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

शाही बग्गी में बैठना चाहते हैं राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप

लंदन। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप यूनाइटेड किंगडम की रानी एलिजाबेथ (द्वितीय) की सोने की बग्गी की सवारी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जब वह यूके आएं तो लंदन की यात्रा के वक्त रानी एलिजाबेथ की सोने की प्लेटों वाली शाही बग्गी में बैठकर घूमें। उनकी इस मांग ने यूके के सेना अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है। वाइट हाउस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह ट्रंप की यात्रा के दौरान उन्हें लाने-ले जाने के वाहन को काफी महत्व देता है और इसे यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। अधिकारियों ने बकिंगम पैलेस स्थित मॉल से गुजरते वक्त जबर्दस्त सिक्यॉरिटी को लेकर चेतावनी दी है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस पहले ही ट्रंप की सुरक्षा को लेकर चुनौती का सामना कर रही है। यात्रा के वक्त ट्रंप के खिलाफ हजारों लोगों के प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, ‘बग्गी रॉकेट-चालित ग्रेनेड या गोलाबारूद (का हमला) सहन नहीं कर पाएगी।’ अधिकारी ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति की गाड़ी एक शानदार वाहन है। यह निम्न स्तर के रॉकेट ग्रेनेड का भी सामना कर सकती है। अगर वह उसी गाड़ी में रहते हैं तो काफी सुरक्षित हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी गति बहुत ज्यादा है। अगर वह सोने के कोच में बैठते हैं तो उनकी सुरक्षा का खतरा नाटकीय ढंग से काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।’

दक्षिण कोरिया की बेदखल राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप

सोल। दक्षिण कोरिया में भ्रष्टाचार के सनसनीखेज मामले में पूर्व (बेदखल) राष्ट्रपति पार्क गेउन-हे और लोत्ते ग्रुप के चेयरमैन शिन दोंग-बिन पर अभियोजकों ने रिश्वत के लेन-देन का आरोप लगाया गया है। अभियोजकों ने शिन को हिरासत में लिए बिना ही उन पर मामला दर्ज करा दिया। अभियोजकों द्वारा सैमसंग ग्रुप और इसके प्रमुख जे ली के खिलाफ की गई जांच ने पहले ही देश को हिला रखा है। ली पर पार्क और उनके मित्र चोई सूं-सिल को रिश्वत देने के आरोप हैं। इन तीनों को फिलहाल कारावास केंद्रों में रखा गया है। अभियोजकों ने अपने बयान में पार्क पर लोत्ते को फेवर करने के लिए चोई से सांठ-गांठ कर उनसे (7 बिलियन) करीब 40 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया। अभियोजकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्क ने गैरलाभकारी संस्थाओं के लिए फंड मुहैया कराने के लिए उद्यमों पर दबाव बनाया और ताकत का दुरुपयोग किया। उधर लोत्ते ने आरोपों से इनकार करते हुए पार्क से कोई अनुचित डील करने के आरोप से इनकार किया है। बाकी आरोपियों ली, चोई और सैमसंग ग्रुप ने भी आरोपों से इनकार किया।

‘छठे न्यूक्लियर’ टेस्ट की तैयारी में उत्तर कोरिया

प्योंगयांग। उत्तर कोरिया जल्द ही अपना छठा परमाणु परीक्षण कर सकता है। अमेरिकी की ओर से कोरियाई प्रायद्वीप में दखल देने की बात कही जाने के बाद यह फैसला किया गया है। उत्तर कोरिया पर नजर रखने वाले 38 नॉर्थ रिसर्च इंस्टिट्यूट ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि सैटलाइट से ली गई तस्वीरों में पंगये-री टेस्टिंग साइट पर गतिविधि होते देखी गई है। राउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी पत्रकारों को बताया गया कि वे ‘एक बड़े और महत्वपूर्ण इवेंट’ के लिए तैयार रहें। विश्लेषकों ने बताया कि टेस्ट साइट के मेन ऐडमिनिस्ट्रेटिव एरिया और पोर्टल्स के आसपास गतिविधि देखी गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ कोरिया के अधिकारियों ने परीक्षण की खबरों के संकेतों को लेकर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के प्रवक्ता रो जे-चेयो ने रिपोर्टर्स को बताया कि उन्हें उत्तर कोरिया की ओर से उकसाने वाली किसी तैयारी के संकेत नहीं मिले हैं। राउटर्स के मुताबिक, साउथ कोरिया ने कहा कि वह बिना किसी चेतावनी के मिसाइट टेस्ट करने की क्षमता रखता है।

परमाणु युद्ध का रूप ले सकता है भारत-पाक तनाव

वॉशिंगटन। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर वॉर की वजह बन सकता है।एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने इस बात की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों की ओर से हमले और उसके जवाब में भारत की कार्रवाई परमाणु युद्ध की वजह बन सकती है। यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल ने सैन्य सेवाओं से संबंधित समिति को दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव लगातार जारी है। वोटेल ने गुरुवार को अमेरिकी सांसदों को बताया, ‘पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न किए जाने से भारत चिंतित है। पिछले साल अपने हिस्से में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की थी।’ वोटेल ने कहा, ‘हमारा आकलन है कि भारत में इस तरह के आतंकवादी हमले और उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली कार्रवाई दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा कर सकती है।’ वोटेल ने कहा, ‘इसके अलावा भारत की ओर से पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की रणनीति भी दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधार में एक बाधा है। इसके चलते भी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे परंपरागत तनाव में इजाफा होने की संभावना है। इन सभी कारणों के चलते दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।’

ट्रंंप ने मीडिया को बताया बेईमान

फ्लोरिडा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया पर आरोप लगाया है कि उसने यूरोप में हुए कुछ आतंकी हमलों की रिपोर्टिंग जानबूझकर नहीं की और इन्हें अनदेखा किया। फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर जवानों को संबोधित करते हुए अन्होंने इस बात का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि मीडिया ने यूरोप में हुए किन आतंकी हमलों को अनदेखा किया और उन पर रिपोर्ट नहीं की।जवानों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लगभग पूरे यूरोप में आतंकी हमले किए गए, लेकिन इनमें से कुछ को तो मीडिया ने रिपोर्ट किया जबकि कुछ को अनदेखा कर दिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को बेईमान तक कह डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया अपने काम को लेकर ईमानदार नहीं है। इसी वजह से उसने कुछ हमलों को अनदेखा किया और रिपोर्ट नहीं की। उन्होंने इसके पीछे बिना कोई कारण दिए बिना कहा कि कहा कि इसके पीछे उनके अपने कारण हो सकते हैं, जिसको आप भी जानते और समझते होंगे।

महारानी एलिजाबेथ ने रचा इतिहास

लंदन। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने सोमवार को ‘सफायर जुबली’ मनाकर इतिहास रच दिया। 65 साल पहले 6 फरवरी को ही उन्हें ब्रिटिश महारानी के ताज से नवाजा गया था। तब से अब तक महारानी ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उनके पास दुनिया की सबसे लंबे समय तक राज करने वाली जीवित साम्राज्ञी का भी खिताब है। 90 वषर्षीय महारानी को सम्मान में मध्य लंदन में 41 तोपों की शाही सलामी भी दी गई। 90 वषर्षीय महारानी ने अब स्वास्थ्य कारणों से विदेश दौरों में हिस्सा लेना बंद कर दिया है लेकिन वह अक्सर ब्रिटेन में आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होती हैं। पिछले वषर्ष दिसंबर में उन्होंने घोषषणा की थी कि वह अकादमिक संस्थानों, विभिन्न धर्मार्थ कार्यक्रमों और अन्य समूहों से जु़ड़ी जिम्मेदारियों को शाही परिवार के अन्य सदस्यों को सौंपेंगी।