Category Archives: धर्म ज्योतिष

consider Sai devotees as incarnation of God and serve best manner

SHIRDI –   The SAI SEVAK SCHEME being implemented on behalf of the Shri SaibabaSansthan Trust, Shirdi has received an overwhelming response and 532 Groups have registered for the same. This was disclosed by Chairman of Shri SaibabaSansthan Dr. Suresh Haware at the gathering of walking SaiPalakhi representatives arriving for Darshan of Shri Saibaba Samadhi at Shirdi. Dr. Haware has appealed to these SAI SEVAKs consider Sai devotees as incarnation of God and serve them in the best manner. He was speaking at the SAI SEVAK Gathring held at Siddha sankalp Marriage Hall, Shirdi. On this occasion Vice Chairman of the sansthanChandrashekharKadam, Trustees S/Shri. BhausahebWakchoure, SachinTambe, PratapBhosle, Trustee and Chairman Municipla Council Mrs. YogitattaiShelke, Executive Officer ShrimatiRubal Agrawal and others were present. The SAI SEVAK gathering of the representatives of PadayatriSaiPalkhis arriving from all corners of the Nation and the State received an impeccable historic response.  On this occasion Dr. Haware said that receiving the blessings from ShivshankarBhauPatil from Shegaon, the SAI SEVAK Scheme will be implemented on the basis of Sevekari Scheme being implemented at Shegaon. The scheme is being implemented in order to enhance the service attitude at Shri Saibaba Temple and so that the devotees receive service based treatment. Through this medium this honor as SAI SEVAK will be provided to the Padayatri devotees arriving with Palkhi and they will get a chance to serve Shri Sai. Each group of 21 persons has been created. 01 Group will work from SUNDAY to SATURDAY. In a week 5 groups will work in two shifts of 6 to 2 and 2 to 10. This way, a total of 210 SAI SEVAK will provide service for a week. The Scheme will start from 29th JULY 2017. Today is a historic day and the initiative has come to life with 532 groups registering for this service. These groups will be placed for service at various locations such as Temple, Prasadalaya, Hospital and residences and will be provided opportunity of Sai service for 7 days at a stretch. The SAI SEVAKs should work with service in their minds honoring devotees and felicitating them with the words of “OM SAI RAM” to see that difficulties of Sai devotees are resolved. The SAI SEVAKs will be provided with Identity Cards and Uniforms and the arrangements for their stay, food, breakfast and tea will be made FREE OF CHARGE on behalf the Sansthan. It is essential that all SAI SEVAKS should follow cleanliness. They will be given an oath to be free from vices. Vice Chairman of the Sansthan, ChandrashekharKadam, Trustees S/Shri. BhausahebWakchoure, SachinTambe, PratapBhosle and Trustee and Chairman, Municipla Council Mrs. YogitataiShelke also spoke on the occasion.  Representatives of SaiPalkhis expressed their opinions. On this occasion 5 SAI SEVAKS were given SAI SEVAK REGISTRATION CERTIFICATES in representative manner. Executive Officer ShrimatiRubal Agrawal presented introductory remarks and vote of thanks was proposed by Dr. Sandeep Aher, Dy. Executive Officer.

 

अखंड ब्राह्मण समाज का स्थापना दिवस 2 जुलाई को

Raipur.  प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ की बैठक व्यास कोचिंग, ब्रम्हपुरी में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया है की आगामी 2 जुलाई को संगठन द्वारा अपने स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न समाज हित के आयोजन किये जायेंगे। बैठक के प्रारंभ में संगठन के प्रदेश सचिव डा. भावेश शुक्ला ने स्थापना दिवस के आयोजन की प्रारंभिक रुपरेखा प्रस्तुत की।संगठन के प्रदेशाध्यक्ष पं. योगेश तिवारी एवं नारीशक्ति प्रकोष्ठ प्रदेश प्रमुख श्रीमती भारती शर्मा ने इस आयोजन में प्रदेश स्तर के सामाजिक बांधवों के एकत्रीकरण का आव्हान करते हुये कहा है की आज के परिवेश में सामाजिक संगठनों द्वारा दिखावे एवं प्रदर्शन की अपेक्षा समाज के जरूरतमंद लोगों को सहायता मिलना अतिमहत्वपूर्ण है जिसमें संपूर्ण समाज के सहयोग की आवश्यकता है। संगठन द्वारा यथासंभव ऐसा प्रयास होता रहा है, पूरे प्रदेश में इसका विस्तार करने के लिये विप्र समाज के सभी सक्षम बांधव अपने स्तर पर समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को स्वास्थ्य, शिक्षा आदि क्षेत्रों में सहयोग देवें। बैठक में उपस्थित सभी सहयोगियों ने आयोजन पर होने वाली गतिविधियों पर अपने-अपने सुझाव भी दिये। इस अवसर पर पं.शैलेन्द्र रिछारिया, पं. मेघराज तिवारी, पं.सजल तिवारी, पं. रोशन शर्मा, पं.राजकुमार व्यास, पं. सुधीर तिवारी, डा.उमेश मिश्रा, श्रीमती निशा तिवारी, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती पल्लवी दुबे, श्रीमती सुषमा तिवारी, श्रीमती ममता शर्मा, श्रीमती आरती शुक्ला, शैली शर्मा सहित प्रदेश स्तर के अनेक सहयोगी उपस्थित थे।

परमात्मा की कृपा से ही टूटते है माया के बंधन

प्रतापगढ़। जब परमात्मा की कृपा होती है तो संसार के सारे बंधन टूट जाते है। प्रभु से दूर होते ही जीव माया के बंधन में बंध जाता है। उक्त बातें सदर क्षेत्र के बराछा गांव मंे चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन अयोध्या से पधारे कथा वाचक वीएल नरसिंहाचार्य जी महराज ने कही। कथा स्थल पर मौजूद श्रोताओं को श्रीमद् भागवत का महत्व बताते हुये उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ जाता है तब तब भगवान अवतार धारण कर अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना करते है। उन्होेंने कहा कि कोई भगवान का अपमान करें तो कोई बात नहीं किन्तु भगवान कभी भी अपने भक्तांे का अपमान नहीं सह पाते। जय वियज की कथा को आगे बढ़ाते हुये उन्होंने कहा कि जय विजय ने संकादिक ऋषियों का अपमान किया तो परिणाम स्वरूप उन्हें श्रापित होकर पृथ्वी पर आना पड़ा। तीन जन्म के बाद अंत में उन्हें पुनः वैकुण्ठ मंे स्थान मिला। श्रीमद् भागवत में अद्भुत सृष्टि कथा कही गयी है। उन्होंने कहा कि आज की कथा मंे भगवान श्रीमन नारायण देवकी मां के गर्भ से अवतरित हुये। वसुदेव जी श्रीकृष्ण को यमुना पार कर नंद जी के घर पहुंचाकर यशोदा के घर जन्मी कन्या को लेकर मथुरा आये। कथा में मुख्य श्रोता के रूप में विजय लक्ष्मी एवं ड0 कैलाश नाथ पाण्डेय रहे। इस मौके पर केदार नाथ पाण्डेय, अन्जनी कुमार पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, शरद पाण्डेय, शिशर पाण्डेय, सौम्य पाण्डेय, आदित्य, आलोक, हर्ष, कार्तिक पाण्डेय आदिद भक्तगण मौजूद रहे।

इच्छाओं की पूर्ति में ही समय न गँवाएं

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) आॅडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि इच्छाओं की पूर्ति में ही समय न गँवाएं क्योंकि इच्छाओं का कोई अन्त ही नहीं है। अतः अपने आध्यात्मिक विकास की ओर ध्यान देना ही जीवन का लक्ष्य बनाएं। डा. गाँधी ने कहा कि आत्मा का ज्ञान मनुष्य को है परन्तु वह इच्छाओं की पूर्ति में समय गंवा देता है। भगवत गीता में कहा है कि धन-धान्य, जमीन-जायदाद इत्यादि सबकुछ यहीं रह जायेगा सिर्फ आत्मा का विकास अर्थात सत्कर्म ही साथ जायेगा। डा. गाँधी ने आगे कहा कि ईश्वर का स्वरूप अत्यन्त मनोहर तथा अकल्पनीय है। सुख-शांति, आध्यात्मिक विकास एवं प्रभु का सानिध्य ही मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने एक से बढ़कर एक सुमधुर भजनों से विश्व एकता सत्संग में आध्यात्मिकता अनूठा समाँ बाँधा। विश्व एकता सत्संग में आज अनेक वक्ताओं ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। श्रीमती बी. मोहाजिर ने कहा कि ईश्वर सदैव आत्मा के साथ होते हैं क्योंकि यह ईश्वर से निकलकर उन्हीं में लौट ाजती है। स्वर्ग, नरक सब हमारी भावनाअें में है। मृत्यु खुशी का संदेश है। श्रीमती वंदना गौड़ ने कहा कि सत्संग तथा प्रार्थना आत्मा के आहार हैं। इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किये। अंत में श्रीमती वंदना गौड़ ने धन्यवाद देकर सत्संग का समापन किया।

राम के ननिहाल में सीएम ने की मोरारी बापू की अगवानी

रायपुर। नौ दिवसीय श्रीराम कथा के लिए शनिवार सुबह 10.15 बजे कथावाचक मोरारी बापू रायपुर पहुंचे। विमानतल पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह व पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने चंदन की माला पहनाकर स्वागत किया और कहा कि राम के ननिहाल में आपका अभिनंदन है। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे सामाजिकजनों व रामभक्तों ने जय हनुमान, जयश्रीराम के उद्घोष से बापू का स्वागत किया। विमानतल से मूणत निवास पहुंचने पर शहनाई, ढोल, शंखनाद, घंटी के साथ परिवार के महिला सदस्यों ने आरती उतारकर चरण पखारे।
बापू अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कराते हुए सफेद परिधान में काला प्रिंटेड शाल आधा कंधे पर और आधा हाथ में लपेटे हुए जैसे ही लाउंज में पहुंचे कतारबद्ध खड़े विभिन्न सामाजिक व शिष्टजनों से श्री मूणत ने परिचय करवाया। स्वागत के बीच जय हनुमान-जय श्रीराम का उद्घोष सुनाई पड़ते रहा। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह भुवनेश्वर जाने के लिए ठीक उसी समय पहुंचे थे,कुछ देर रूककर उन्होंने मोरारी बापू का स्वागत किया। पश्चात बापू का काफिला मूणत निवास के लिए रवाना हो गया। रास्ते में बापू ने नया रायपुर के बारे में भी जानकारी ली। मूणत निवास पहुंचने पर बस्तरिया ढोल के साथ आदिवासी नृत्य, बसना राममंदिर से पहुंचे सदस्यों ने ढोल व घंटी बजाकर,तमिलनाडू लोकसंगीत पर ओम सांई राम कीधुन पर शहनाईवादन करते हुए स्वागत किया। गुढिय़ारी राममंदिर, गायत्रीनगर जगन्नाथ मंदिर से पहुंचे 101 पंडितों ने शंखनाद व मंत्रोचार के बीच स्वागत किया। आयोजन समिति व मूणत परिवार के महिला सदस्यों ने बापू के पहुंचने पर मंगल गीत गाते हुए चरण पखारे, आरती उतारी और पुष्पवर्षा के बीच तिलक लगाकर स्वागत किया। कुछ देर सामने लान पर बैठकर बापू ने आमजनों से मुलाकात की। इससे पूर्व विमानतल पर आयोजन समिति की ओर से श्री रमेश मोदी, देवजी भाई पटेल, छगनलाल मूंदड़ा, राजीव अग्रवाल, सच्चिादानंद उपासने, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सूर्यकांत राठौर, जयंती पटेल, मनोज कोठारी, लोकेश कावडि़या, ओंकार बैस, सीताराम अग्रवाल, हनुमान अग्रवाल, सीताराम सुल्तानिया, महेश शर्मा, महावीर तालेड़ा, प्रकाश माहेश्वरी, विजय जाडेजा, मनोज प्रजापति,जयंती भंसाली सहित गुजराती समाज, अग्रवाल समाज, जैन समाज व अन्य सामाजिक संगठन के प्रतिनधि उपस्थित थे। मूणत निवास में सुभाष राव, रसिक परमार, गोवर्धन खंडेलवाल, सत्यम दुवा, बजरंग खंडेलवाल, मीनल चौबे, जितेन्द्र गोलछा, अतुल जैन, किशन अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, विनोद अग्रवाल,रतन गोयल ने बापू का स्वागत किया।