Monthly Archives: April 2017

हाफिज सईद के हाउस अरेस्ट की अवधि 90 दिन बढ़ी

लाहौर। पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद के हाउस अरेस्ट की मियाद 90 दिनों के लिए बढ़ा दी है। हाफिज सईद पिछले तीन महीने से अपने घर में नजरबंद है। रविवार रात को 90 दिनों की उसकी हाउस अरेस्ट की मियाद खत्म हो रही थी। पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने रविवार को देश के आतंकरोधी कानून के तहत सईद और उसके 4 सहयोगियों के हाउस अरेस्ट की अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया। पंजाब सरकार के गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि इस बारे में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि अभी पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान ने आॅन रेकॉर्ड माना था कि हाफिज सईद आतंकी है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने लाहौर हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर, यह माना कि हाफिज सईद आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। दरअसल, जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने कोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर की थी कि उसे कई महीनों से गैर कानूनी ढंग से हिरासत में रखा जा रहा है। इस याचिका पर जवाब में पाक गृहमंत्रालय ने माना कि हाफिज के आतंकी गतिविधियों में लिंक हैं।

विकास में मेहनतकश मजदूरों की भूमिका महत्वपूर्ण

–मुख्यमंत्री ने मेहनतकशों को दी ‘मई दिवस’ की बधाई
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि किसी भी समाज, देश और राज्य के विकास में सबसे ज्यादा निर्णायक भूमिका मेहनतकश मजदूरों की होती है। उन्होंने कहा- लाखों-करोड़ों किसान और मजदूर खेत-खलिहानों, कारखानों और खदानों में कठोर परिश्रम कर देश और दुनिया की तरक्की और खुशहाली के लिए अपना पसीना बहाते हैं। मुख्यमंत्री ने  एक मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रमिक वर्ग के नाम अपने शुभकामना संदेश में इस आशय के विचार व्यक्त किए हैं। डॉ. सिंह ने सभी श्रमिकों को मई दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने मई दिवस की पूर्व संध्या पर जारी बधाई संदेश में श्रमिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ने श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरूआत की है। असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए दो महत्वपूर्ण संस्थाओं-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है।

ट्रिपल तलाक पर शरद ने मोदी को घेरा

–पहले हिन्दू समाज की बुराई दूर करो
रायपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पहले हिंदू समाज की बुराई दूर करो, उसके बाद दूसरी तरफ झांको। उन्होंने कहा कि देश में मां, बहन, बेटियों को घरों में कैद करके रखा गया है, इसी वजह से तरक्की नहीं हो रही है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाओं को पूरी आजादी है, इसी वजह से वह तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने हर साल दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन तीन साल में कितनों को नौकरी मिली? उन्होंने कहा कि जो सरकार वादा पूरा न करे उसे बदल देना चाहिए। श्री पिछले दो दिन से छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। राजधानी स्थित छत्तीसगढ़ चेम्बर आॅफ कॉमर्स के सभागार में रविवार को आयोजित व्याख्यान में यादव ने आदिवासियों की खराब स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में 11 करोड़ आदिवासी हैं। सारी खनिज संपदा उनका है, जिसे लोग हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। यादव ने राज्य सरकार पर भी हमला बोला।
राज्य सरकार पर साधा निशाना
श्री यादव ने कहा कि आदिवासियों की सबसे ज्यादा तबाही छत्तीसगढ़ में हुई है और उसका भी ठिकाना बस्तर है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का पानी उद्योग ले जा रहे हैं। 10 साल से ज्यादा यहां रमन सिंह की सरकार है और सबसे ज्यादा जवान यहीं शहीद हो रहे हैं।

शिवपाल को पार्टी संविधान की जानकारी नहीं

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रतिद्वंद्वी चाचा शिवपाल सिंह यादव पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी संविधान की जानकारी नहीं होने के कारण ही वह अखिलेश से एसपी अध्यक्ष पद छोड़ने के फिजूल बयान दे रहे हैं। यादव ने कहा कि शिवपाल लगातार कह रहे हैं कि अखिलेश को अपने वादे के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए। इसकी वजह यह है कि उन्होंने शायद पार्टी का संविधान नहीं पढ़ा है। रामगोपाल ने कहा कि एसपी कार्यकर्ताओं ने अखिलेश को संवैधानिक तरीके से अध्यक्ष चुना है। किसी के कुछ कह देने मात्र से अध्यक्ष पद वापस नहीं हो जाता। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर शिवपाल में हिम्मत है तो पार्टी सदस्य संख्या बढ़ाएं। पार्टी के सदस्यता अभियान की प्रक्रिया अगली 30 सितम्बर तक पूरी हो जाएगी, तब शिवपाल पार्टी संविधान के तहत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ें या लड़एं। एसपी महासचिव ने कहा कि अखिलेश एसपी के अध्यक्ष बने रहेंगे। अगले राष्ट्रीय अधिवेशन में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अखिलेश के ही चुने जाने की संभावना है।

नक्सली हमले के बाद बुर्कापाल में खौफ का माहौल

रायपुर। सुकमा के बुर्कापाल व आसपास के गांवों में नक्सली हमले के बाद खौफ का माहौल है। 250 घरों की आबादी वाले बुकार्पाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में कोई भी पुरुष नहीं हैं। बुकार्पाल से कुछ दूरी पर एक और गांव है। ये चिंतागुफा और ताड़मेटला के बीच बसा हुआ है। यहां भी वीरानी है। घटना के बाद से ग्राम बुरकापाल में सिर्फ महिलाएं ही रह रही हैं। परिवार के पुरूष सदस्य गांव छोड़कर भाग गए हैं। इसकी वजह घटना के बाद डर बताई जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि जवानों की शहादत के बाद सीआरपीएफ जवानों में व्याप्त गुस्से के चलते भी ग्रामीण अपने रिश्तेदारों के यहां भाग गए हैं। घटना में कुछ ग्रामीणों द्वारा नक्सलियों के लिए रेकी करने की बात सामने आई थी।

हमले में ओडिशा के नक्सली भी शामिल रहे
छह दिन पूर्व सुकमा जिले के बुरकापाल में सीआरपीएफ जवानों पर हमले में बस्तर के साथ ही ओडिशा के नक्सल कैडर्स भी शामिल थे। इसका खुलासा मौके पर मिले ओडिसा निर्मित बीड़ी के पैकेट एवं गुडाखू से हुआ है। ज्ञात हो कि घटना में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे। वहीं छह घायल हुए थे। घटना के बाद सीआरपीएफ द्वारा इलाके की सर्चिंग बढ़ा दी गई है।
शुक्रवार को ही मौके से कुछ दूरी पर मुठभेड़ में मारे गए नक्सली बामन का शव बरामद किया गया था।

चुनाव आयोग ने सिसोदिया को क्लीनचिट दी

नई दिल्ली। लगातार कई चुनावों में मिली हार और भीतरी कलह से जूझ रही आम आदमी पार्टी के लिए राहत की एक खबर है। चुनाव आयोग का कहना है कि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर लाभ का पद रखने के चलते उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका में कोई दम नहीं है। हाल ही में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेजी गई एक सिफारिश में आयोग ने कहा कि उपमुख्यमंत्री होने के कारण सिसोदिया को विधायक पद के लिए अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता। आयोग ने कहा कि कई राज्यों में उप मुख्यमंत्री के पद हैं और इसे लाभ का पद नहीं माना जा सकता।

नैशनल शूटर के घर मिला बंदूकों का जखीरा

मेरठ। यूपी के मेरठ में नैशनल शूटर प्रशांत विश्नोई के घर पर डायरेक्ट आॅफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की छापेमारी में 100 से भी ज्यादा गैरकानूनी हथियार और 2 लाख कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरूआती जानकारी में यह बात कही गई थी कि शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए ये हथियार और कारतूस सरकार की तरफ से प्रशांत को मिले हैं, लेकिन प्रशांत के घरवाले इनके लाइसेंस नहीं दिखा पाए। इनमें कई विदेशी हथियार भी शामिल हैं। पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि इतने हथियारों और कारतूसों के साथ प्रशांत आखिर करने क्या वाले थे? छापेमारी में 1 करोड़ रुपये कैश, 100 किलो से ज्यादा नीलगाय का मांस आदि भी मिला है। प्रशांत फिलहाल कानून के शिकंजे से बाहर है।

सरकारी सेवाओं की हो आउटसोर्सिंग

पॉलिसी थिंक टैंक नीति आयोग ने सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर निर्भरता कम करने के लिए सरकारी सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने का सुझाव दिया है। इसने विशेषज्ञों को आंशिक प्रवेश के जरिए प्रशासनिक तंत्र में जगह देने की भी सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि इस कदम से स्थापित पेशेवर नौकरशाही में प्रतिस्पर्धा का माहौल विकसित होगा। हाल में सार्वजनिक हुई त्रिवर्षीय ऐक्शन प्लान अजेंडा पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में नीति आयोग ने साल 2018-19 के आखिर तक प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह डिजिटाइज करने का लक्ष्य तय किया है। इसमें कहा गया है कि सिविल सर्विस सरकार की रीढ़ की हड्डी है और त्वरित निर्णय लेने और लागू करने के लिए इसे ताकतवर बनाने की जरूरत है। निरंतर उच्चस्तरीय प्रदर्शन तभी सुनिश्चित किया जा सकता है जब इसकी निरपेक्ष समीक्षा कर अच्छे प्रदर्शन को पुरस्कृत किया जाए और कमजोर काम को हतोत्साहित किया जाए।

साल में केवल एक बार ‘सीटेट’ कराएगा सीबीएसई

रायपुर। पहली से आठवीं क्लास तक पढ़ाने वाले टीचरों की नियुक्ति के लिए होने वाली सीटेट की परीक्षा अब साल में केवल एक बार आयोजित की जाएगी। अभी तक यह परीक्षा साल में दो बार ली जाती थी। सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकंडरी एजुकेशन ने संबंध में एचआरडी मिनिस्ट्री को बताया है कि कई तरह की परीक्षाएं आयोजित करने के कारण उसके ऊपर पहले ही अतिरिक्त काम का काफी बोझ है। सीबीएसई इंजिनियरिंग के लिए जेईई-मेन्स और मेडिकल के लिए नीट की परीक्षा भी आयोजित करता है। बोर्ड ने हाल में साल में दो बार आयोजित किए जाने वाले नैशनल एलिजिबिलटी टेस्ट की परीक्षा साल में एक बार लिए जाने की सिफारिश की थी। इस परीक्षा के जरिए असिस्टेंट प्रफेसर के पदों पर भर्तियां की जाती हैं। सीबीएसई, एचआरडी मिनिस्ट्री और नैशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन के अधिकारियों ने यह निर्णय लिया है कि सीटेट की परीक्षा अब साल में सिर्फ एक बार केवल एक बार आयोजित की जाएगी। वर्तमान में यह परीक्षा साल में दो बार फरवरी और सितंबर के महीने में आयोजित की जाती है जिसमें हर साल लगभग 9 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। हालांकि अभी तक इस बात का निर्णय नहीं लिया गया है कि यह परीक्षा किस महीने में आयोजित की जाएगी।

मानसिक अस्पताल में मुख्य न्यायाधीश को मिली खामी

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृश्णन और न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दीवाकर ने राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेंदरी, बिलासपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, कलेक्टर अम्बलगन पी., जिला न्यायाधीश आर.पी. शर्मा, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रजनीश श्रीवास्तव भी उनके साथ थे। मुख्य न्यायाधीश ने चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। मरीजों की चिकित्सा से संबंधित जानकारी डाक्टरों से प्राप्त की। न्यायाधीशों ने मरीजों के लिए तैयार भोजन का भी निरीक्षण किया। दाल की गुणवत्ता देखकर नाराजगी भी व्यक्त की तथा मरीजों को पौष्टिक भोजन प्रदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। मरीजों के गंदे कपड़े देखकर उन्होंने मरीजों को साफ कपड़े पहनाने की व्यवस्था करने तथा कपड़े की उचित धुलाई हेतु वाशिंग मशीन की व्यवस्था, चिकित्सालय भवन एवं टायलेट की साफ सफाई एवं वार्डो तथा टायलेट में मच्छरों की रोकथाम हेतु जाली लगाये जाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय के विद्युत अव्यवस्था का भी सामना करना पड़ा, इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश ने विद्युत विभाग के उपस्थित अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से करने के लिए तत्काल सुधार किये जाने हेतु निर्देशित किया।