Daily Archives: April 17, 2017

ख्याति सिंह लेकर आ रहीं ‘बलमुआ तोहरे खातिर’

सुपर हिट भोजपुरी फिल्म ‘लेके आजा बैंड बाजा ए पवन राजा’ से भोजपुरी फिल्म जगत में अपने अभिनय के कैरियर की शरुआत करने वाली अभिनेत्री ख्याति सिंह की नई भोजपुरी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ प्रदर्शन के लिए तैयार है जो बहुत जल्द ही प्रदर्शित की जाएगी। नार्थ ईस्ट में 135 फिल्मो का निर्माण कर चुकी क्रिस्प एग्जिम्प प्राइवेट लिमिटेड की दूसरी भोजपुरी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ का भी निर्माड़ किया है। अभिनेत्री ख्याति सिंह के अनुसार उनकी कंपनी ऐसी ही साफ सुथरी फिल्मो का निर्माण आगे भी करती रहेगी फिल्म ‘बलमुआ तोहरे खातिर’ महिला प्रधान फिल्म है जिस का ट्रेलर बहुत जल्द आप लोगो के लिए यूट्यूब चैनल पर अपडेट किया जायेगा।

एक्शन और म्यूजिक पर केन्द्रित ‘बेटवा बाहुबली 2’

आजकल हर तरफ फिल्म बाहुबली की चर्चा हो रही है। एक ओर साउथ की फिल्म बाहुबली 2 जल्द प्रदर्शित होने जा रही है वहीं अजय दिक्षित अभिनीत ‘बेटवा बाहुबली 2’ भी रिलीज होने के कगार पर है। विजसन इंडिया प्रा.लि. के बैनर तले निर्मित इस फिल्म के निर्देशक हैं धीरज कुमार। गीत लिखा है यादव राज ने तथा संगीत दिया है अनुज तिवारी ने। इसमें अजय दीक्षित की नायिका हैं नीलू सिंह।

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री मिलती है कंप्रोमाइज की सलाह

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेस को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। काम के बदले कंप्रोमाइज करने के लिए बोला जाता है। इस बात का खुलासा एक्ट्रेस प्रतिभा पांडेय ने खुद किया हैं। प्रतिभा की फिल्म ‘तेरे जइसा यार कहां’ शुक्रवार को रिलीज हुई है। प्रतिभा ने फिल्म के डायरेक्टर पर आरोप लगाया हैं कि काम कराने के बाद ना डबिंग कराई और ना ही पैसा दिया गया। बातचीत करते हुए प्रतिभा पांडेय ने कहा कि इस इंडस्ट्री में काम कराने के बाद लोग पैसा भी नहीं देते है। मेरी जो फिल्म शुक्रवार को रिलीज हुई है। उसका पैसा भी मुझे नहीं दिया गया। तीन लाख रुपए देने के लिए बोला गया था। सिर्फ 11 हजार के एक पेपर पर साइन कराकर काम शुरू कराया गया। मैंने 20 दिन फिल्म की शूटिंग की। जब डबिंग की बारी आई तो मुझ से नहीं कराया गया और न ही पैसा दिया गया है। प्रतिभा ने कहा कि इस इंडस्ट्री में काम मांगने पर एक्ट्रेस को कंप्रोमाइज करने के लिए बोला जाता है। प्रतिभा ने कई बड़े एक्टर के साथ 25 से अधिक फिल्मों में काम किया हैं।

हिंदी फिल्म में राज पुरोहित का किरदार निभाएंगे शेन्द्रे

रायपुर। छॉलीवुड में निगेटिव रोल निभाने में अपना स्थान बनाने वाले ऐक्टर आशीष शेन्द्रे अब हिन्दी फिल्मों में भी नजर आएंगे। अच्छी बात यह है कि हिन्दी फिल्मों में अभी वह निगेटिव रोल नहीं बल्कि राज पुरोहित का किरदार निभाते नजर आएंगे। इन दिनों छत्तीसगढ़ के अलग-अलग लोकेशन पर हिन्दी फिल्म ‘भक्त मां कर्मा’ की शूटिंग चल रही है। ऐक्टर आशीष शेन्द्रे छॉलीवुड का जाना-पहचाना नाम है। वह अपनी ऐक्टिंग से फिल्मों में अमिट छाप छोड़ते आये हैं। फिल्म के निर्देशक शशिकांत कौशिक है। पटकथा का लेखन राजेश ने किया है। फिल्म की कहानी हजार वर्ष पूर्व के परिवेश की है। भक्त माता कर्मा के ऊपर बन रही फिल्म साक्ष्यों पर केन्द्रित है। फिल्म हिंदी भाषा में शूट की जा रही है। इस फिल्म के नायक गुलशन साहू, नायिका अनाकृति चौहान हैं। अन्य प्रमुख कलाकारों में उपासना वैष्णव, विक्रम राज, पुष्पेंद्र सिंग ,सलीम अंसारी , डॉ अजय सहाय , पुष्पांजलि शर्मा ,जेठू साहू , शेखर चौहान हैं। कैमरामेन राजू सोनी मुंबई , फिल्म में गाने में आवाज बॉलीवुड से आशा भोसले, कविता कृष्णमूर्ति ने दी है।

नितिन रायपुर की किसी सीट से बन सकते हैं उम्मीदवार

रायपुर। प्रदेश में अपनी नई राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में जुटे पूर्व मुख्यमंत्री व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के संस्थापक अजीत जोगी ने मिशन 2018 की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों की बात पर यकीन करें तो उन्होंने रायपुर जिले की अधिकांश विधानसभा सीटों से उम्मीदवारों नाम का चयन कर लिया है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है। हलांकि जिन उम्मीदवारों पर दांव लगाना है, उन्हें पार्टी के फोरम पर अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं ताकि वह जनता के बीच सक्रिय रह सकें। रायपुर की किसी विधानसभा सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन भंसाली पर भी पार्टी दांव लगा सकती है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं। श्री भंसाली सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहते हैं। साथ ही वह अजीत जोगी के काफी विश्वासपात्र भी माने जाते रहे हैं।
हितेश बने छात्र संगठन के प्रदेश संयोजक
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अजीत जोगी ने पार्टी के छात्र संगठन ईकाई को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इसमें हितेश पठारे को प्रदेश संयोजक, अजीत सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष, अनुराग पाण्डे को प्रदेश प्रवक्ता, ज्ञान खरे और लक्ष्मी घृतलहरे को प्रदेश सचिव बनाया है।

दंतेवाड़ा कलेक्टर को मिलेगा एक्सीलेंसी अवार्ड

दंतेवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार को साल 2016-17 का प्रधानमंत्री अवार्ड दिया जाएगा। सौरभ कुमार को ये अवार्ड एनोवेशन कटेगरी में दी जाएगी। यूं तो अवार्ड का औपचारिक एलान 19 अप्रैल को होगा लेकिन सौरभ कुमार छत्तीसगढ़ के इकलौते आईएस होंगे जिन्हें ये अवार्ड दिया जाएगा। इससे पहले टॉप 30 में रायपुर कलेक्टर के अलावा सुकमा कलेक्टर नीरज बंसोड़ और दंतेवाड़ा कलेक्टर ने अपनी जगह बनाई थी। लेकिन दंतेवाड़ा कलेक्टर सौरभ कुमार ने प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। 19 अप्रैल को सौरभ कुमार को दिल्ली बुलाया गया है जहां वह फाइनल ड्रेस रिहर्लसल में भाग लेंगे। सौरभ कुमार को दिल्ली से कॉल मिल चुका है। वह 18 की शाम दिल्ली के लिए रवाना होंगे। पीएम अवार्ड के लिए देशभर के 600 जिलों से कुल 830 आवेदन भेजे गए थे। इन तमाम आवेदनों की स्क्रुटनी के बाद अंतिम 30 कलेक्टरों को पूरे देश में चुना गया ।

‘स्व’ भाव ही मनुष्य के जीवन में पैदा करता है ‘भटकाव’

रायपुर। राजधानी के इनडोर स्टेडियम में चल रही रामकथा में तीसरे दिन जीवन में एकाग्रचित्त होने की शिक्षा दी। बापू ने बताया कि ‘स्व’ भाव के कारण ही मनुष्य के जीवन में भटकाव पैदा होता है। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति का अपना ‘स्व’ भाव होता है। उसका ‘स्व’ भाव ही उसका धर्म है। बापू ने यह भी कहा कि उपेक्षा किसी कि भी नहीं करनी चाहिए और अपेक्षा भी किसी से नहीं रखनी चाहिए। इस संसार में हर व्यक्ति केवल भाग रहा हैं, उसे या तो किसी ने धक्का दे दिया है या फिर वह किसी के आकर्षण में आकर खींचा चला जा रहा है। आकर्षण हैं लोभ का और धक्का दिया हैं उसकी अपेक्षाओं ने।
कमजोर लोग तर्क करते हैं
मोरारी बापू ने कहा कि जो तर्क और वितर्क करते हैं वे वास्तव में कमजोर होते हैं। संसार में यदि जल्दी आगे बढ़ना हैं तो आप आलोचना करना शुरू कर दीजिए। हर विषय पर जब आप आलोचना करते हैं तो महाज्ञानी कहलाते हैं। कमजोर व्यक्ति की निंदा करते हैं, प्रत्येक कार्य में केवल खोट ही दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि काम, द्वेष, क्रोध, ईर्ष्या, लोभ अपराध के जनक हैं। पहले द्वेष होता हैं और फिर ईर्ष्या होती है और ईर्ष्या के बाद में हम दूसरों की आलोचना करते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

छत्तीसगढ़ में बिना लायसेंस होगा पांच किलोे से ज्यादा महुआ परिवहन

रायपुर। राज्य सरकार ने आज यहां नई महुआ नीति की घोषणा कर दी। वाणिज्यिक-कर विभाग द्वारा जारी इस नई नीति के आधार पर महुआ के निर्यात और आयात के लिए कलेक्टर अथवा सक्षम अधिकारी की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नीति में कहा गया है कि पांच किलोग्राम से ज्यादा वजन के महुए का परिवहन, उसकी खरीद और बिक्री बिना लायसेंस के नहीं की जा सकेगी। हालांकि लायसेंस की शर्तों के अंतर्गत रहने वाले व्यक्तियों या परिवारों को कुछ छूट भी नई नीति में दी गई है। आबकारी विभाग द्वारा महुआ परिवहन के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। जिन व्यक्तियों को महुआ आदि का आयात अथवा निर्यात करना होगा, उन्हें इसके लिए कलेक्टर अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसमें स्थान, भण्डारण की कुल मात्रा, आवेदक के व्यापारी होने या महुआ वृ़क्षों के स्वामी होने आदि का विवरण देते हुए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। लायसेंस के लिए शुल्क की दरें व्यावसायिक प्रयोजनों में एक हजार रूपए, कृषि, शैक्षणिक या औषधीय प्रयोजनों के लिए 500 रूपए, घरेलू उपयोग के लिए 1000 रूपए निर्धारित की गई है। इसके अलावा कानूनी रीति से एकत्रित या खरीदे गए महुए के बिक्री के लिए वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है, जो दस हजार रूपए होगा। लायसेंस एक साल के लिए दिया जाएगा, जिसका नवीनीकरण किया जा सकेगा। नई महुआ नीति के अनुसार लायसेंस धारक को भण्डारण सहित उपयोग आदि की जानकारी कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी को देनी होगी और भण्डारण स्थल के आस-पास की जगह को स्वच्छ रखना होगा। नई महुआ नीति में इन प्रयोजनों के लिए आवेदन पत्रों के प्रारूपों का भी प्रकाशन किया गया है। आबकारी विभाग ने अपने सभी अधिकारियों को राज्य में नई महुआ नीति के नियमों का कठोरता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने महुआ आयात-निर्यात, भण्डारण और उपयोग आदि से जुड़े हुए सभी पक्षों से नई नीति के पालन का अनुरोध किया है।

जनमत-संग्रह में जीते एर्दुवां

इस्तांबुल। तुर्की के राष्ट्रपति रेजेप ताय्यीप एर्दुवां ने एक ऐतिहासिक जनमत-संग्रह मामूली अंतर से जीत लिया है। इस जनमत-संग्रह में ऐसे संवैधानिक बदलावों को हरी झंडी दी गई है जो एदुर्वां को आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क और उनके उत्तराधिकारी इस्मत इनोनु के बाद किसी भी अन्य नेता से अधिक शक्तियां देंगे। इससे सत्ता पर उनकी पकड़ और मजबूत होगी। हालांकि इस परिणाम को लेकर देश बंट गया है और विपक्ष ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

रायपुर में खुला रिजर्व बैंक का नया लोकपाल कार्यालय

रायपुर। रिजर्व बैंक ने छत्तीसगढ़ के बैंक ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिये रायपुर में बैंकिंग लोकपाल का एक नया कार्यालय खोला है। इसके साथ ही भोपाल बैंकिंग लोकपाल कार्यालय को अब छत्तीसगढ़ के कार्य से मुक्त कर दिया गया है। भोपाल के लोकपाल कार्यालय का कार्यक्षेत्र अब तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों तक था। रिजर्व बैंक ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा है, भोपाल के बैंकिंग लोकपाल कार्यालय के बड़े कार्यक्षेत्र को देखते हुये रिजर्व बैंक ने छत्तीसगढ़ राज्य के लिये रायपुर में बैंकिंग लोकपाल का कार्यालय खोल दिया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैंकिंग लोकपाल के रायपुर कार्यालय का कार्यक्षेत्र समूचा छत्तीसगढ़ राज्य होगा जो कि अब तक भोपाल लोकपाल के अधिकार क्षेत्र में था। छत्तीसगढ़ के लोग अब बैंकिंग सेवाओं की अपनी समस्याओं के बारे में रायपुर स्थित बैंकिंग लोकपाल कार्यालय में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।