Monthly Archives: May 2017

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने मांगा हर परिवार से एक बच्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे गांवों को नक्सली अब फिर अपना ठिकाना बना रहे हैं। ऐसे ही ठिकानों में छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से लगा पटवा गांव शामिल हैं। यहां शासन की नाकामियों का नक्सली फायदा उठा रहे हैं। गांव में विकास नहीं होने से नक्सली ग्रामीणों को बरगला रहे हैं। ग्रामीणों से नक्सली नए दलम के लिए हर परिवार से एक बच्चे की मांग कर रहे हैं। इससे ग्रामीण न केवल चिंतित हैं, बल्कि दहशत में आ गए हैं। गांव में न बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल है, न पीने के पानी के ठोस इंतजाम, स्वास्थ्य सुविधा की कमी भी मौत का कारण बन रही है। बारिश के दिनों में ग्रामीण नाले में घिर जाते हैं। इनका बारिश के दिनों में बैहर, गढ़ी आना बंद हो जाता है। बाजार के लिए इन्हें 35 किमी दूर कवर्धा जाना पड़ता है जिसका नक्सली फायदा उठा रहे हैं। बालाघाट के पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने बताया कि पटवा गांव छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से लगा हुआ है। इसके चलते यहां नक्सली मूवमेंट बढ़ रहा है। वे ग्रामीणों को बरगला रहे हैं। इस तरह की सूचनाएं जरूर आ रही हैं। लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि ग्रामीण नक्सलियों का सहयोग नहीं कर रहे हैं।

परमात्मा की कृपा से ही टूटते है माया के बंधन

प्रतापगढ़। जब परमात्मा की कृपा होती है तो संसार के सारे बंधन टूट जाते है। प्रभु से दूर होते ही जीव माया के बंधन में बंध जाता है। उक्त बातें सदर क्षेत्र के बराछा गांव मंे चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन अयोध्या से पधारे कथा वाचक वीएल नरसिंहाचार्य जी महराज ने कही। कथा स्थल पर मौजूद श्रोताओं को श्रीमद् भागवत का महत्व बताते हुये उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ जाता है तब तब भगवान अवतार धारण कर अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना करते है। उन्होेंने कहा कि कोई भगवान का अपमान करें तो कोई बात नहीं किन्तु भगवान कभी भी अपने भक्तांे का अपमान नहीं सह पाते। जय वियज की कथा को आगे बढ़ाते हुये उन्होंने कहा कि जय विजय ने संकादिक ऋषियों का अपमान किया तो परिणाम स्वरूप उन्हें श्रापित होकर पृथ्वी पर आना पड़ा। तीन जन्म के बाद अंत में उन्हें पुनः वैकुण्ठ मंे स्थान मिला। श्रीमद् भागवत में अद्भुत सृष्टि कथा कही गयी है। उन्होंने कहा कि आज की कथा मंे भगवान श्रीमन नारायण देवकी मां के गर्भ से अवतरित हुये। वसुदेव जी श्रीकृष्ण को यमुना पार कर नंद जी के घर पहुंचाकर यशोदा के घर जन्मी कन्या को लेकर मथुरा आये। कथा में मुख्य श्रोता के रूप में विजय लक्ष्मी एवं ड0 कैलाश नाथ पाण्डेय रहे। इस मौके पर केदार नाथ पाण्डेय, अन्जनी कुमार पाण्डेय, सत्यम पाण्डेय, शरद पाण्डेय, शिशर पाण्डेय, सौम्य पाण्डेय, आदित्य, आलोक, हर्ष, कार्तिक पाण्डेय आदिद भक्तगण मौजूद रहे।

रमन सिंह पप्पू भाटिया कनेक्शन सार्वजनिक करे आयकर विभाग : कांग्रेस

रायपुर । छतीसगढ़ के रसूखदार शराब कारोबारी एवं छत्तीसगढ़ क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव सिंग भाटिया उर्फ पप्पू भाटिया के घर एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में आयकर विभाग की कार्यवाही के बाद भी ये ठीक से खुलासा नही हो पा रहा है कि कितना कालाधन पकड़ा गया है।कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दयाल ने आयकर विभाग एवं परवर्तन निदेशालय से ये मांग की है कि छापे में जप्त कागजो एवम् रकम की जानकारी सार्वजानिक करे। छत्तीसगढ़ के मुखिया समेत जिन-जिन मंत्रियो से पप्पू भाटिया के घनिष्ठ एवम् व्यावसायिक सम्बन्ध है, उनके नाम भी सार्वजानिक किया जाये। ज्ञात रहे कि समय-समय पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह के पप्पू भाटिया के साथ व्यावसायिक संबधो की खबरे उड़ती रहती है। आयकर विभाग ने भी छापे में मिले कागजातों के आधार पर पप्पू भाटिया के सम्बन्ध राज्य के दिग्गज मंत्रियो के साथ होना पाया है।मनीष दयाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कमीशनखोरी की स्वीकारोत्ति के बाद ये स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार में पूरी तरह लिप्त है इसलिए इस बात की शंका से भी इंकार नही किया जा सकता है कि भाजपा के मंत्रियो का कालाधन पप्पू भाटिया की बोगस और बेनामी कम्पनियो में लगा हुआ है। कांग्रेस ने शंका जाहिर की है कि नोटबंदी के समय मंत्रियों के काले धन को इसी व्यवसायी द्वारा सफेद किया गया है, इस बात की भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि बाबूलाल के बाद अब पप्पू भाटिया का नंबर आया है। राज्य में अभी भी कई बाबूलाल और पप्पू है जिनके पास बेहिसाब अघोषित सम्पति है उनकी भी जांच होनी चाहिए ताकि राज्य के भोले-भाले छत्तीसगढ़ियो की मेहनत के पैसों पर काबिज होने वालो को उनके असली मुकाम तक पहुंचाया जा सके।

कांग्रेस ने ये भी मांग की है कि आयकर विभाग और परवर्तन निदेशालय को बिना भय और ईमानदारी से छापे की कार्यवाही को अंजाम देना चाहिए और ये बात भी सार्वजानिक करना चाहिए कि पप्पू भाटिया के साथ किन किन दिग्गज मंत्रियो और अधिकारियो के सम्बन्ध है। ताकि जो बाते फैली हुई है उसका दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये।

पप्पू भाटिया के विजय माल्या के साथ रिश्ते

Raipur.  केंद्र में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों के साथ उनकी कुछ खामियों की तरफ भी मीडिया ने ध्यानाकर्षण किया है, जिसमें किंगफिशर के मालिक व देश के लिकर किंग कहे जाने वाले विजय माल्या की फरारी का प्रमुखता से जिक्र किया गया है। बेशक विजय माल्या फरार है और अगर उसका कोई कनेक्शन छत्तीसगढ़ से निकल जाए तो इसमें हैरानी जरूर होगी। आयकर अफसरों के माध्यम से जो खबरें छनकर बाहर आ रही हैं, उसके मुताबिक मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले शराब कारोबारी बलदेव सिंह (पप्पू) भाटिया के विजय माल्या के साथ व्यवसायिक के अलावा निजी रिश्ते भी थे। पप्पू भाटिया के ठिकानों से मिले दस्तावेज चीख-चीखकर उनके विजय माल्या के साथ रिश्तों की कहनी कह रहे हैं। चूंकि विजय माल्या पुलिस के लिए मोस्ट वॉण्टेड है और उससे सम्बंधित कई दस्तावेज आयकर अफसरों के हाथ लगे, लिहाजा वे उस आधार पर पप्पू भाटिया को सह आरोपी बनाने के लिए पुलिस की मदद चाह रहे हैं परंतु पुलिस तो सरकार की कठपुतली है। उसे जैसा नचाया जाता है, वैसा नाचती है । मुख्यमंत्री से निकटता के अलावा पप्पू भाटिया के एक विवादित आईपीएस व गांधीवादी विचारधारा की आड़ लेकर खुद को बेहद ईमानदार दिखाने वाले एक प्रमोटिव आईएएस अधिकारी के साथ बेहद निजी रिश्ते हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो पप्पू भाटिया की बेटी की शादी में वह आईएएस अफसर डांस नहीं करता या फिर पप्पू भाटिया की चाची के निधन के बाद आईपीएस अफसर पार्थिव देह को कंधा नहीं देता, अंतिम संस्कार के बाद होने वाले कार्यक्रम में परिवार के सदस्य की तरह शामिल नहीं होता। यह साबित करता है कि इन तीनों के बीच किस तरह के रिश्ते हैं।दरअसल यह दोनों अफसर पप्पू भाटिया के व्यवसायिक भागीदार होने के साथ-साथ संरक्षक भी रहे हैं। आईएएस अफसर को पप्पू भाटिया को फायदा पहुंचाने के लिए ही कुछ समय के लिए आबकारी आयुक्त बनाया गया था। राजनांदगांव में कलक्टर रहते हुए इस आईएएस अफसर ने जिस तरह आउट ऑफ वे जाकर पप्पू भाटिया के व्यवसायिक हितों को संरक्षण दिया, उसे वहां के लोगों ने करीब से देखा है। कहा तो यह जाता है कि इस अफसर की बदौलत ही पप्पू भाटिया मुख्यमंत्री के किचन कैबिनेट तक पहुंच पाए हैं। रही बात आईपीएस अफसर की तो उनके साथ पप्पू भाटिया की व्यवसायिक भागीदारी किसी से छिपी नहीं है। अपनी दिवंगत प्रेमिका की याद में बनाए गए आईपीएस अफसर के नेत्र अस्पताल के कर्ता-धर्ता पप्पू भाटिया ही हैं। यहां सवाल यह है कि आयकर अफसरों के पास इतने प्रमाण तो एकत्र हो गए हैं, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री व उनके सांसद बेटे के साथ इन दोनों अफसरों पर सीधी कार्रवाई की जा सकती है परंतु यहां ऐसा करने का साहस किस अधिकारी में है। अनुपातहीन सम्पत्ति के मामले में देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। कालाधन एकत्र करने वाले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ प्रधानमंत्री आग उगल रहे हैं परंतु यहां कार्रवाई करने में देर हो रही है। यह बात तो सच है कि नोटबंदी के बाद करीब एक पखवाड़े तक पुराने नोटों के आधार पर व्यवसाय होता रहा। बीते तेरह सालों में पप्पू भाटिया के साथ इन दोनों अफसरों की सम्पत्ति में कितना इजाफा हुआ, इसे प्रदेश की जनता देख रही है क्योंकि सिर्फ वेतन के दम पर अपने बच्चों को पांच लाख रुपए सालाना फीस वाले स्कूल अथवा विदेश में पढ़ा पाना असंभव है। आईएएस अफसर तो अपनी पारी खेल चुके हैं और सालांत उनका रिटायरमेंट है, जिसके बाद वे राजनीति में किस्मत अजमाने की तैयारी में हैं। ऐसी स्थिति में पप्पू भाटिया ही वह मददगार हो सकता है जो  उनकी राजनीतिक वैतरिणी को पार लगा सकता है। दूसरी तरफ कभी मुख्यमंत्री के किचन कैबिनेट के भरोसेमंद सदस्य रहे आईपीएस अफसर को जैसे की दूध में मक्खी की तरह निकालकर फेंका गया, उनका नौकरी से मोहभंग हो गया है और उनका अधिकतर समय विदेशों में बीत रहा है। वे वहां अपराधों पर अनुसंधान कर रहे हैं और इस जुगत में हैं कि किसी देश में उनको काम करने का मौका मिल जाए ताकि छत्तीसगढ़ से उनका पिण्ड छूट जाए।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ो रुपयों के भ्रष्टाचार का खुलासा

Raipur. आम आदमी पार्टी द्वारा छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ो रुपयों के भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया । आप नेता डॉ संकेत ठाकुर, कमलनारायण शर्मा एवं मेहरबान सिंह ने दस्तावेजों के साथ प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में राज्य मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन में कुल 119 करोड़ की दवा खरीदी की गई जो वर्ष 2015-16 की तुलना में 250% अधिक वृद्धि के साथ हुई । उसकी वजह यह रही कि फर्जी कम्पनी बनाकर टेंडर में नियमानुसार क्रय करने के स्थान पर तमाम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मनचाहे दर और कम्पनियों से दवा खरीदी की गई ।दस्तावेजो के साथ बताया गया कि कम रेट ऑफर करने वाली कम्पनी अल्वेस हेल्थकेयर के स्थान पर अधिक रेट वाली गल्फ़ा लेबोरेट्री से दो बार में रु कुल 2 करोड़ 74 लाख से अधिक की फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड की खरीदी में भ्रष्टाचार किया गया ।
यही नही डिप्टी मैनेजर स्तर के जूनियर अधिकारी ने जनरल मैनेजर स्तर के वरिष्ठ अधिकारी के पदनाम से आदेश जारी किये जिसमे कार्पोरेशन के एमडी की भी मिलीभगत थी ।
आम आदमी पार्टी ने करोड़ों के इस भ्रष्टाचार की शिकायत राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की मांग की है ।

अंकित गौरहा ने पद से इस्तीफा दे दिया

बिलासपुर । पिछले कुछ दिनों से भ्र्ष्ट अफसर के खिलाफ मोर्चा खोल रखे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस बिलासपुर संभागीय प्रभारी अंकित गौरहा ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी ने अंकित गौरहा का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। पार्टी सूत्रों की माने तो अंकित पर इस्तीफा के लिए कुछ वरिष्ठ नेता लागर दबाव बना रहे थे | पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस्तीफा की वजह तखतपुर और बिल्हा ब्लाक में बनाए गए पीएमजेएसवाय योजना की सड़कें हैं। कुछ दिनों पहले अंकित ने मीडिया के सामने इस बात का खुलासा किया था कि सड़कों के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने बता था कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधीक्षक अभियंता वरूण राजपूत और अभियंता शुभनारायण पाठक ने ठेकेदारों के साथ मिलकर करीब सात करोड़ रूपए का भ्र्ष्टाचार किया है। अग्रवाल इंफ्राबिल्ड और बिटुमैक कंस्ट्रक्शन को सड़क निर्माण और नवीनीकरण का काम दिया गया था। सड़क बनने के बाद तीन महीने में ही पूरी तरह से उधड़ गई । इसे लेकर अंकित ने भष्ट अफसर और ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था | जिसका विरोध पार्टी के ही मुंगेली के एक बड़े नेता ने करना शुरू कर दिया । अंकित का आंदोलन जारी रहने पर मुंगेली के उस नेता ने पार्टी सुप्रीमो को पार्टी छोड़ने तक की धमकी दे डाली । इसके बाद अंकित के ऊपर लगातार इस्तीफा के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया गया । जिसके बाद अंकित गौरहा ने बिलासपुर संभागीय प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। अंकित ने इस्तीफा में पारिवारिक कारण बताया है ।

प्रशांत त्रिपाठी बनाए गए कार्यवाहक प्रभारी
युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के अध्यक्ष विनोद तिवारी ने प्रशांत त्रिपाठी को आगामी आदेश तक युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे का कार्यवाहक बिलासपुर संभाग प्रभारी नियुक्त किया.

अक्षिता का उत्कृष्ठ प्रदर्शन

भिलाईनगर  । कुमारी अक्षिता ङ्क्षसंह ने 12वीं सीबीएससी परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय के  साथ ही नगर को गौरवांवित किया है। अधिवक्ता असीम सिंह व श्रीमती सारिका सिंह की पुत्री कुमारी अक्षिता सिंह केपीएस नेहरू नगर में अध्ययनरत 12वीं बायोलॉजी की छात्रा हैं। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरूजनों के  साथ सतत प्रयत्न व परिश्रम को देती हेैं। उनकी सफतला पर विद्यालय परिवार, अधिवक्ता समुदाय, ईष्ट मित्र व परिजनों ने बधाई देेते हुए उनक उज्जवल भविष्य की शुभकामना की है।

संस्कार पाठशालाओं में बच्चों ने गीता सार को जाना

–राधाकृष्ण मंदिर में शरद कुमार पाण्डेय किये गये सम्मानित
लखनऊ। गीता परिवार उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार 10 संस्कार पथ एवं व्यक्तित्व विकास शिविर आयोजित किये गये थे। इन शिविरों दिन-प्रतिदिन हजारों बच्चे और अपनी संस्कारों की गंगा को निरन्तर प्रवाहित कर रहे है। सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर, टिकैतराय तालाब, 5 दिवसीय शिविर प्रारम्भ हुआ समय 10 से 1.00 बजे तक है। अन्य शिविर श्रृंखला में 5 दिवसीय हनुमान मंदिर, पाण्डेय तालाब कालोनी, ऐशबाग में, 7 दिवसीय नीलकंठेश्वर मंदिर, राजेन्द्र नगर में, 10 दिवसीय में पायनियर माण्टेसरी स्कूल, राजाबाजार में, 15 दिवसीय में अग्रसेन पार्क, तिलकनगर में, श्री गोवर्धननाथ जी हवेली, राजाबाजार में, राधाकृष्ण मंदिर, नादान महल रोड, यहियागंज लखनऊ में संस्कार पाठशाला आयोजित की जा रही है। 5 दिवसीय ओमकालेश्वर महादेव मंदिर, चित्तखेड़ा में शिविर का समापन किया गया। समपान मुख्य अतिथि में श्री पाठक, हाईकोर्ट अधिवक्ता थे। जिन्होंने विजयी बच्चों को दिये पुरस्कार। गीता में आयुषी द्विवेदी, गीत में अंशिका लोधी, अर्जुन साधना में अभिषेक, ध्यान में सारिका, दृढ़ साधना में खुशी और संस्कार तरंग में सारिका, विपिन, सूरज को पुरस्कृत किया गया। सोमवार को राधाकृष्ण मंदिर में हम सभी बच्चों के बीच शरद कुमार पाण्डेय शशांक, कवि, पत्रकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। गीता परिवार के कार्यों एवं संस्कार पाठशाला से इतना अधिक प्रभावित हुए कि उन्हें राधाकृष्ण मंदिर में आने को मजबूर कर दिया, यह सभी के लिए गौरव की बात थी। पीयूष जायसवाल ने शरद कुमार पाण्डेय को गीता परिवार का स्मृति चिन्ह एवं श्रीमदभगवत गीता देकर सम्मानित किया। शरद कुमार ने गीता के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए लिखा है कि करवाया जो आपने मैंने किया, कुछ पाप व पुण्य में भेद न जाना, प्रति कर्म को कर्म ही माना सदा, यहां स्याह क्या और सफेद न जाना। गीता केवल पढ़ने की ही चीज नहीं बल्कि जीवन में उतारने और जीवन जीने वाली चीज है। गीता को जिसने समझ लिया उसको फिर और कुछ समझने या जानने के लिए शेष नहीं रह जाता। गीता परिवार का शिविर आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही मूल्यवान है। इससे संस्कारों की जो धरोहर है वह हमारे बीच सुरक्षित रहती हंै और आने वाली पीढ़ी का दिशा निर्देशन करती है। सोमवार शिविरों का मुख्य आर्कषण केन्द्र रहे सुवाक्य पर टाॅकशो, रंगीन कागजों से बंैच बनाना, म्यूजिकल योग सोपान, हनुमान चालीसा, संपूर्ण वंदेमातरम, नृत्य सिखाये गये।

शंशाक ने ९६.६ अंक लाकर नगर का बढ़ाया मान

रायगढ़। शशांक पांडेय ने 12 की सीबीएसई की परीक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किया कर अपने माता-पिता और नगर का नाम रोशन किया है। शशांक ओ पी जिंदल स्कूल ऊर्जा नगर तमनार में पढ़ाई करते हुए १२वीं की परीक्षा सीबीएसई माध्यम से दी। शशांक प्रारम्भ से ही प्रतिभावान है। शशांक के माता पिता दोनों शिक्षक है, यहां तक कि शशांक के दादा जी स्व डॉ राम जन्म पांडेय घरघोड़ा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य रहे हैं वे भी रविशंकर विस्वविद्यालय से पीएचडी किये थे। पूरा पारिवारिक माहौल शिक्षामय होने के कारण शशांक की दोनों बड़ी बहने भी 12 वी में मेरिट में लाकर इंजीनियरिंग कर रही हंै। शशांक ने इस उपलब्धि के लिए अपनी मेहनत के साथ गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। शंशाक ने बताया कि वह अभी सीबीटी की तैयारी कर सीए बनने की इच्छा रखता है। पढ़ाई के साथ ही क्रिकेट भी में की रुचि है,अण्डर 19 टीम में रायगढ़ से खेल चुके है। उसी वर्ष रायगढ़ प्लेट गुरप में विजेता बना था। शशांक की इस उपलब्धि पर उनके शिक्षकों ने भी बधाई दी । वहीं शशांक के पालक ने बताया कि इनके शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही शशांक ९६.६ प्रतिशत अंक लाने में सफल हो सका है, इसलिए सभी शिक्षक बधाई के साथ वंदनीय है जिनके प्रयास से यह स्थिति बनी है।

इच्छाओं की पूर्ति में ही समय न गँवाएं

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) आॅडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने कहा कि इच्छाओं की पूर्ति में ही समय न गँवाएं क्योंकि इच्छाओं का कोई अन्त ही नहीं है। अतः अपने आध्यात्मिक विकास की ओर ध्यान देना ही जीवन का लक्ष्य बनाएं। डा. गाँधी ने कहा कि आत्मा का ज्ञान मनुष्य को है परन्तु वह इच्छाओं की पूर्ति में समय गंवा देता है। भगवत गीता में कहा है कि धन-धान्य, जमीन-जायदाद इत्यादि सबकुछ यहीं रह जायेगा सिर्फ आत्मा का विकास अर्थात सत्कर्म ही साथ जायेगा। डा. गाँधी ने आगे कहा कि ईश्वर का स्वरूप अत्यन्त मनोहर तथा अकल्पनीय है। सुख-शांति, आध्यात्मिक विकास एवं प्रभु का सानिध्य ही मनुष्य का लक्ष्य होना चाहिए। इससे पहले, सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने एक से बढ़कर एक सुमधुर भजनों से विश्व एकता सत्संग में आध्यात्मिकता अनूठा समाँ बाँधा। विश्व एकता सत्संग में आज अनेक वक्ताओं ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। श्रीमती बी. मोहाजिर ने कहा कि ईश्वर सदैव आत्मा के साथ होते हैं क्योंकि यह ईश्वर से निकलकर उन्हीं में लौट ाजती है। स्वर्ग, नरक सब हमारी भावनाअें में है। मृत्यु खुशी का संदेश है। श्रीमती वंदना गौड़ ने कहा कि सत्संग तथा प्रार्थना आत्मा के आहार हैं। इसी प्रकार अन्य वक्ताओं ने भी बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किये। अंत में श्रीमती वंदना गौड़ ने धन्यवाद देकर सत्संग का समापन किया।