Daily Archives: May 9, 2017

छत्तीसगढ़ में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

रायपुर । राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्त होने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को ई-गवर्नेंस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे विभिन्न विकास परियोजनाओं के निर्माण और निगरानी में इस प्रौद्योेगिकी का समुचित उपयोग कर सकें। यह प्रशिक्षण राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रात यहां अपने निवास कार्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में तैयारी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं सहित छोटे स्टाप डैमों की मरम्मत के लायक सिंचाई नहरों की वर्तमान स्थिति की मैपिंग भी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए जल्द से जल्द की जा सकती है। उन्होंने कहा-वर्तमान में चल रहे लोक सुराज अभियान के तहत अनेक गांवों में किसानों ने मुझसे नहरों की मरम्मत का आग्रह किया। डॉ. सिंह ने कहा- अगली ग्राम सभाओं में मनरेगा से इन नहरों की मरम्मत के प्रस्तावों पर ग्रामीणों से सहमति लेकर काम कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में निर्मित एनीकटों और खाली खदानों में साल भर कितना पानी रहता है। उसका आकलन कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेमेतरा, मुंगेली और राजनांदगांव सहित कुछ अन्य जिलों में कुछ इलाकों में सूखे की समस्या मिली है। ऐसे इलाकों में दूरसंवेदी भू-उपग्रह के जरिए भू-जल स्तर का आंकलन किया जा सकता है और पेयजल तथा सिंचाई के लिए जलस्त्रोत विकसित किए जा सकते हैं। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  प्रेम प्रकाश पाण्डेय, मुख्य सचिव  विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव  एन.बैजेन्द्र कुमार, अजय सिंह और एम.के. राउत, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, वन विभाग के प्रमुख सचिव  आर.पी. मंडल, प्रमुख सचिव  सुनील कुजूर, जल संसाधन विभाग के सचिव  गणेश शंकर मिश्रा, जनसम्पर्क विभाग के सचिव संतोष मिश्रा तथा छत्तीसगढ़ और विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक  एस.एस. बजाज सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नक्सलियों से अब निपटेगी कोबरा कमांडो फोर्स

रायपुर। हाल ही में सुकमा में नक्सलियों के हमले में 25 जवानों को खोने के बाद केंद्र ने इस पूरे इलाके में कोबरा बटालियन के दो हजार जांबाजों को तैनात करने का फैसला लिया है। कोबरा कमांडो के लिए न तो यह जगह नई है और न ही नक्सलियों द्वारा किया जाने वाला गुरिल्ला युद्ध। कोबरा कमांडो भारत की उन आठ स्पेशलाइज फोर्सेज का हिस्सा हैं जिन्हें हर तरह के हालात में दुश्मन से लड़ने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। यह न सिर्फ हाईटैक वेपंस सिस्टम से लैस होंगे बल्कि इनके पास अपने आॅपरेशन को अंजाम देने के लिए सभी तरह अत्याधुनिक तकनीक भी होगी। लिहाजा अब नक्सलियों की खैर नहीं, क्योंकि उनके सामने अब कोबरा कमांडो होंगे।
2009 में हुआ था गठन
वर्ष 2009 में कोबरा कमांडो का गठन किया गया था। भारत की आठ स्पेशलाइज फोर्सेज में से एक कोबरा कमांडो को नक्सली इलाकों में इनका सफाया करने के लिए ही गठित किया गया था। इस कोबरा कमांडो में सीआरपीएफ के बेहतरीन जवानों को शामिल किया जाता है। कोबरा का अर्थ है कमांडो बटालियन फॉर रिसॉल्यूट एक्शन । इस कमांडो फोर्स के गठन के पीछे मकसद नक्सलियों के हमले में मारे गए जवान ही बने थे।
जंगल वारफेयर की कड़ी ट्रेनिंग
जंगल वारफेयर के नाम से दी जाने वाली इस ट्रेनिंग को पार करना इनके लिए बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा इस बटालियन से जुड़े हर कमांडो को समय आने पर टीम को लीड करने के साथ जीपीएस डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए और सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने, सामने आने वाली इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर अपनी तैयारी करने, जंगल में रहते हुए नक्शे की मदद से नक्सली इलाकों का पता लगाने जैसी अहम ट्रेनिंग भी दी जाती है।
कोबरा कमांडो के सफल आॅपरेशन
–17 सितंबर 2009 में दंतेवाड़ा में करीब 40 माओवादी इनके हाथों मारे गए थे।
–9 जनवरी 2010 को दंतेवाड़ा में ही चार माओवादी मार गिराए गए और काफी संख्या में हथियार ओर गोला-बारुद बरामद किया गया।
–जून 2010 में सिंघभूमि में चलाए गए आॅपरेशन में माओवादियों के कई कैंपों को ध्वस्त कर दिया गया और करीब 12 माओवादियों को मार गिराया गया था।

विदेशी आक्रांता थे अकबर, बाबर और औरंगजेब

नई दिल्ली। योगी आदित्यनाथ ने अकबर को विदेशी आक्रांता बताते हुए कहा कि जो अपने इतिहास को न संजोये वह भूगोल को सुरक्षित नहीं रख सकता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी मंगलवार को महाराणा प्रताप की 477वीं जयंती पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक ने उनकी कार्यशैली पर तैयार की गई एक डॉक्युमेंट्री भी रिलीज की। योगी ने कहा, जो जाति या कौम अपने इतिहास को ना संजोये वह भूगोल को सुरक्षित नहीं रख सकता। अकबर, औरंगजेब और बाबर की पहचान जब भी होगी केवल एक विदेशी आक्रांता के तौर पर होगी। जिस दिन हम इसे स्वीकार कर लेंगे, समस्या का हल हो जाएगा। भारत का नौजवान महाराणा प्रताप, शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह बन जाए तो हमें आईएसआईएस से डरने की जरूरत नहीं।
महाराणा प्रताप को बताया महान
उन्होंने कहा, मान सिंह ने महाराणा प्रताप से यह कहा कि वह अकबर के सामने झुक जाएं तो महाराणा प्रताप ने कहा कि अकबर शासक नहीं बल्कि अधर्मी है। महाराणा प्रताप ने मान सिंह के प्रस्ताव को ठुकराकर स्वाभिमान और सम्मान की परिभाषा गढ़ दी थी। उनके बताये रास्ते पर चलकर ही देश और समाज को सम्मान मिल सकता है।
सुधार के लिए समय मांगा
इस कार्यक्रम में विदेश राज्य मंत्री वी. के. सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार करने के लिए समय लगता है। पिछले 15 सालों से खराब पडे सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए हमें योगी को कुछ समय देना चाहिए। मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद जो बेहतर हो सकता है उसे कर रहे हैं।

संविधान से ऊपर नहीं है पर्सनल लॉ बोर्ड

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान से ऊपर कोई पर्सनल लॉ नहीं है। तीन तलाक कॉन्स्टिट्यूशन का वॉयलेशन है। संविधान के दायरे में ही पर्सनल लॉ लागू हो सकता है। पर्सनल लॉ के नाम पर महिलाओं के बेसिक ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने वाराणसी में तीन तलाक के मामले के बाद दर्ज दहेज हैरेसमेंट केस की सुनवाई करते ये व्यवस्था दी है। हाईकोर्ट ने कहा, पर्सनल लॉ के नाम पर मुस्लिम महिलाओं समेत सभी नागरिकों को मिले आर्टिकल 14, 15 और आर्टिकल 21 के मूल अधिकारों का वॉयलेशन नहीं किया जा सकता। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, उसे सिविलाइज्ड नहीं कहा जा सकता। कोई भी मुस्लिम पति ऐसे तरीके से तलाक नहीं दे सकता, जिससे समानता और जीवन के मूल अधिकारों का हनन होता हो। कोई भी पर्सनल लॉ संविधान के दायरे में ही लागू हो सकता है। वहीं, फतवे पर कोर्ट ने कहा, ऐसा कोई फतवा मान्य नहीं है, जो न्याय व्यवस्था के खिलाफ हो। 30 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक मुद्दे की सुनवाई एक 5 जजों की बेंच को सौंपी थी। इस पर 11 मई को सुनवाई होगी।

गुणात्मक शिक्षा ही छात्रों का सर्वांगीण विकास करेगी

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आॅडिटोरियम में शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा ही छात्रों का सर्वांगीण विकास करेगी। सी.एम.एस. की प्रशंसा करते हुए श्री जावड़ेकर ने कहा कि सी.एम.एस. बच्चों को किताबी ज्ञान प्रदान करने के साथ ही चरित्र निर्माण व नैतिक विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है, वह प्रंशसनीय है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है एक अच्छा इंसान बनाना और यह तभी सम्भव है जब सबको अच्छी शिक्षा मिले। सभी बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्राप्त हो जो जीवन मूल्यों से परिपूर्ण हो, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट व पब्लिक दोनों स्कूलों को अध्यापकों की जवाबदेही व शिक्षा के परिणामों पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों को प्रत्येक कक्षा के अनुसार लिखना पढ़ना आना ज़़रूरी है। अध्यापकों की ट्रेनिंग भी आवश्यक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सी.एम.एस. के अध्यापक घरों में भी जाकर अभिभावकों से सम्पर्क स्थापित करते हैं व छात्रों की समस्याओं को समझते हैं। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ जीविका उपलब्ध कराना नहीं बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाना है। प्रत्येक बच्चे में कुछ विशिष्टता होती है जिसे शिक्षकों को पहचान कर उसे विकसित करना चाहिए। मैं शिक्षा में शिक्षकों, अभिभावकों तथा समुदायों सभी की भागीदारी चाहता हूँ, श्री जावड़ेकर ने कहा। शिक्षा बच्चों को सशक्त बनाती है, जीविका का साधन उपलब्ध कराती है और सबसे आवश्यक है कि वह बच्चों को एक अच्छा इन्सान बनाती है। श्री जावड़ेकर आज सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आॅडिटोरियम में ‘न्यू माॅडल आॅफ एजूकेशन फाॅर ट्वेन्टी फस्र्ट सेन्चुरी’ विषयक शिक्षक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पहले, मुख्य अतिथि  प्रकाश जावड़ेकर, मानव संसाधन मंत्री, भारत सरकार ने दीप प्रज्वलित कर शिक्षक सम्मेलन का विधिवत् उद्घाटन किया जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने की। इस अवसर पर श्रीमती अनुपमा जायसवाल, राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उ.प्र.,  संदीप सिंह, राज्यमंत्री, प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च, व्यावसायिक एवं मेडिकल शिक्षा, उ.प्र. एवं  सुधांशु त्रिवेदी, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा, ने विशिष्ट अतिथियों के रूप में अपनी गौरवमयी उपस्थिति से समारोह की गरिमा में चार चांद लगा दिये। समारोह का शुभारम्भ स्कूल प्रार्थना, सर्वधर्म प्रार्थना एवं विश्व एकता प्रार्थना से हुआ। ‘हाउ टु इम्प्रूव द क्वालिटी आॅफ एजूकेशन इन इण्डिया’ विषय पर विश्व संसद का प्रस्तुतिकरण समारोह का विशेष आकर्षण रहा। इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने विद्यालय के कर्तव्यपरायण शिक्षकों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। सी.एम.एस. के क्वालिटी अश्योरेन्स एवं इनोवेशन डिपार्टमेन्ट की हेड सुश्री सुस्मिता बासु ने मुख्य अतिथि समेत सभी का हार्दिक स्वागत अभिनन्दन किया। ‘शिक्षक सम्मेलन’ के विशेष अवसर पर वर्ष भर की शैक्षिक तथा अन्य उपलब्धियों के लिए शिक्षकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट व चीफ आॅपरेटिंग आॅफीसर प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि आज बहुत ही शुभ दिन है जब सी.एम.एस. शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। आप सभी शिक्षकों ने पूरे साल बहुत मेहनत व लगन से अपने कर्तव्य को निभाया है और उसी के परिणामस्वरूप सी.एम.एस. के छात्रों ने शैक्षिक, एक्स्ट्रा कुरिकुलर एवं सामाजिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित की है, एवं विद्यालय का नाम विश्व परिदृश्य पर रोशन किया है। इस अवसर पर विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च स्तरीय शिक्षा हेतु चयनित सी.एम.एस. के 57 छात्रों एवं भारत सरकार की किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के.वी.पी.वाई स्काॅलरशिप) से सम्मानित छात्रों के साथ ही देश-विदेश में आयोजित होने वाली विभिन्न शिक्षात्मक प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्र दलों को भी सम्मानित किया गया।

संघर्ष से ही प्रशस्त होता है सफलता का मार्ग

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. आशीष दत्ता, समारोह के अध्यक्ष कुलाधिपति एवं राज्यपाल बलरामजी दास टंडन, अति विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में मंगलवार को विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि एवं स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, रायपुर के सांसद रमेश बैस, कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। समारोह को प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मभूषण प्रो. आशीष दत्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश के भविष्य हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि जो भी काम करो, दिल से करो और अपने स्वयं के बनाए हुए रास्ते पर चलो। उन्होंने कहा कि हमेशा कुछ नया काम, नया अनुसंधान करने की कोशिश करें। किसी भी कार्य को मेहनत और लगन से करें तो अवश्य ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। राज्यपाल श्री टंडन ने इस अवसर पर उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केवल डिग्री हासिल करने से सफलता नहीं मिलती। स्कूल कॉलेज के अनेक इम्तिहान उत्तीर्ण करने के बाद अब सबको जिंदगी का इम्तिहान देना है। इस इम्तिहान के लिए अभी तक जो भी ज्ञान अर्जित किया है, उसका उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि संघर्ष एवं कठिनाईयों से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। जीवन में कभी भी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, बाधाओं से घबराना नहीं चाहिए, उनका हमेशा हंसकर मुकाबला करना चाहिए। अनेक लोग सफलता मिलने के बाद लापरवाह हो जाते हैं। कुछ लोग जिंदगी की राह में चलने के पहले ही हार मान लेते हैं। उन्होंने युवाओं का जोश के साथ आह्वान किया कि युवावस्था हमेशा नहीं रहती, इसलिए इसका समुचित उपयोग करना चाहिए।
विद्या सर्वोत्तम धन
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि विद्या धन सर्वोत्तम धन होता है और यह बांटने से बढ़ता है। आपकी सफलता से आपके विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन होगा। उन्होंने कहा कि हमेशा प्रदेश और देश के विकास में योगदान दें क्योंकि जब देश मजबूत होगा, तभी हम सब भी मजबूत होंगे। उन्होंने छात्राओं को अधिक संख्या में स्वर्ण पदक मिलने पर खुशी व्यक्त की।

प्रदेश का भविष्य मजबूत कंधों पर : डॉ. रमन
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबके दमकते हुए चेहरे और आत्मविश्वास से भरी चाल को देखकर मैं आश्वस्त हो गया हूं कि प्रदेश का भविष्य मजबूत कंधों पर है। उन्होंने कहा कि आपमें विवेक, ज्ञान और प्रतिभा का भंडार है। अब डिग्री प्राप्त करने के बाद आपकी समाज, राज्य और राष्ट्र के प्रति जवाबदेही है। यहां से आप दायित्व बोध लेकर जाएंगे और समाज की उन्नति के लिए कार्य करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि आप जहां भी जाएं, अनुशासित रहकर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि हजारों प्रतिभाएं यहां से निकल कर पूरे देश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रही हैं।
युवाओं से बहुत उम्मीदें : पाण्डेय
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि युवा यदि दृढ़ संकल्प और विश्वास के साथ कोई भी कार्य करें तो वे हर ऊंचाई छू सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत यहां के युवा हैं और उनसे सभी को बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। समारोह के प्रारंभ में कुलपति डॉ. एस. के. पाण्डे ने प्रास्ताविक भाषण दिया। विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. दत्ता को डी.एस.सी. की मानद उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर 120 विद्यार्थियों को पी.एच.डी. एवं 66 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये गये। इस अवसर पर कुल सचिव धर्मेश कुमार साहू, सभी संकायों के डीन, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण एवं पालकगण उपस्थित थे।

‘‘एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज’’ से बच्चे होनहार बनते हैं

लखनऊ । सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) द्वारा ‘अभिभावक दिवस’ समारोह का भव्य आयोजन विद्यालय के सजे-धजे प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर छात्रों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन कर सी.एम.एस. की अनूठी शिक्षा पद्धति का नजारा प्रस्तुत किया तथा स्टोरी टेलिंग, ड्राइंग, राइम्स, कम्प्यूटर, कराटे, लघु नाटिका, गीत-संगीत आदि विभिन्न विधाओं में अपने ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अभिभावकों को हर्षोल्लास से भर दिया। प्रदेश के आवास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री सुरेश पासी ने इस सामारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर सामारोह की गरिमा बढ़ाई और ज्ञान का दीप प्रज्वल्लित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सुरेश पासी, आवास एवं व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री, उ0प्र0 ने कहा कि इस प्रकार के समारोह बच्चों के प्रतिभा विकास में बहुत महत्वपूर्ण हंै, इससे बच्चे बहुत कुछ सीखते हैं और उनमें कुछ नया करने का उत्साह जगता है। आधुनिक युग में बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के प्रति भी रूझान होना आवश्यक है और सी.एम.एस. के बच्चे सभी विधाओं में पारंगत होते हैं, श्री पासी ने कहा। इस अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी, सी.एम.एस. गोमती नगर कैम्पस की वरिष्ठ प्रधानाचार्या सुश्री मंजीत बत्रा एवं सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता बनर्जी तथा अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

वीरता स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति थे महाराणा : इला

रायपुर । मेवाड़ केसरी, महाराणा प्रताप वीरता और स्वाभिमान की प्रतिमूर्ति थे। उनके जैसा वीर आजतक दूसरा नहीं पैदा हुआ। ये बातें मंगलवार को सरोना स्थित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा भवन में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में समाज की संरक्षक इला सिंह कल्चुरी ने कही। वे बतौर मुख्य अतिथि समाज के लोगों से मुख़ातिब थीं। उन्होंने आगे कहा कि मुगल शासक अकबर के विरोध में उन्होंने बिखरे हुए राजघरानों को एक कर आजीवन संघर्ष किया। समाज की युवा पीढ़ी को चाहिए कि वो महाराणा प्रताप के जीवन से सबक ले। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना की प्रदेश अध्यक्ष नीतू सिंह चौहान ने भी महाराणा प्रताप के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। तो वही जग्गू सिंह ठाकुर ने क्षत्रियों को ऐसे मामलों पर एकजुट होने की सलाह दी। महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आर.पी. सिंह ने भी आपस की एकता पर जोर दिया। तो लोगों की विशेष मांग पर समाज के युवा कवि सुधीर सिंह धीर ने महाराणा को समर्पित गीत सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम का सफल संचालन ठाकुर गिरीश सिंह ने किया। ठाकुर अमित कुमार सिंह ने आए हुए अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मंच पर अंजना सिंह, निशा सिंह,नीता सिंह, वीणा सिंह, मुकेश सिंह, उजागर सिंह गौतम तथा अरविंद सिंह सेंगर मौजूद थे।
 कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजेश सिंह, लेखमणि सिंह दादा, अनिल सिंह गहरवार, आलोक सिंह, शैलेश प्रताप सिंह, शैलेन्द्र सिंह, सौरभ सिंह परिहार, दिनेश सिंह बघेल, अरविंद सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, सुधीर सिंह बघेल, अनुराग सिंह और रामानंद सिंह के अलावा बड़ी तादाद में समाज के लोग मौजूद रहे।

लोकसुराज अभियान को हल्के में लेने की जुर्रत न करें अफसर

रायपुर।प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज रायपुर नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के अफसरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अधिकारी लोक सुराज अभियान को हल्के में लेने की जुर्रत न करें। सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही के तहत यह आयोजन है। जहां जनता को हम अपने कामों का हिसाब देते है और उनकी समस्याओं का निदान करते है। जनता के कामों में अनावश्यक देरी और लापरवाही अब बर्दास्त नही की जायेगी। गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय होने के बाद दोषी पाए जाते ही अफसर अब सीधे सस्पेंड होंगे।उन्होंने यह बात लोक सुराज अभियान के दौरान मठपुरैना रायपुर के सामुदायिक भवन में आयोजित समस्या समाधान शिविर में कही। इस शिविर में फैली अव्यवस्था  एवं उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर उन्होने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। स्टॉल न लागाने व अनुपस्थित रहे 13 विभागों के अफसरों को सोकाज़ नोटिस जारी करने के निर्देश उन्होंने दिए है।शिविर में पहुंचते ही श्री अग्रवाल ने सर्वप्रथम लगे स्टालों का निरीक्षण किया। जनता की कितनी शिकायते और मांगे आयी है उन्होंने जानकारी ली। इस दौरान मौजूद नागरिकों ने निगम प्रशासन द्वारा राशन कार्ड,नल कनेक्शन, विभिन्न पेंशन योजनाओं में जानबूझकर विलंब करने व् असहयोग किये जाने की शिकायत सार्वजानिक रूप से की। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बृजमोहन ने निगम,खाद्य,पीएचई के अफसरों सहित सहित जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि लोकहित के कामों को नज़र अंदाज़ करना आप लोगों को भारी पड़ सकता है। जनता के काम समय पर हो यह सुनिश्चित करना होगा।इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी, आरडीए के उपाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर,जोन 6 के अध्यक्ष सलीक सिंह ठाकुर,पार्षद मनोज वर्मा,सतनाम पनाग,समीम अख्तर,राकेश सिंह ठाकुर आदि मौजूद थे।
जिनके काम नही हो रहे उन्हें पत्र लिखकर करें सूचित

श्री अग्रवाल ने कहा कि कई अपात्र  लोग भी अपनी मांगों को लेकर आवेदन पर आवेदन दिए जाते है। और मांग पूरी नही होती तो सरकार को दोषी ठहराते है। अफसरों को चाहिए कि कोई अपात्र का आवेदन आता है तो उसे पत्र लिखकर सूचित करें। ऐसा करने से भ्रम की स्थिति नही बनेगी। जनता अनावश्यक परेशान नही होगी।
खाद्य विभाग व् निगम को मिली फटकार
यहा जानकारी मिली की राशन कार्ड में नाम जोड़ने, व् नया कार्ड बनाने के 1708 आवेदन अब तक इस जोन से आये हुए है। जिनमे से सिर्फ 200 प्रकरणों का निराकरण हुआ है। इस संबंध में जानकारी मिलने पर श्री अग्रवाल ने खाद्य विभाग व् नगर निगम के अफसरों से पूछा तो उन्होंने एक-दूसरे को इसका दोषी बताया। इस लापरवाही पर श्री अग्रवाल दोनों विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई तथा निगम उपायुक्त एवं डिप्टी कलेक्टर सौम्या चौरसिया को 2 दिनों के भीतर जांच कर अवगत कराने तथा रुके प्रकरणों का तत्काल निपटारा करने का निर्देश दिया।
निराश्रितों को सीघ्र मिले पेंशन और मजदूरों को कार्ड
श्री अग्रवाल ने 300 निराश्रित पेंशन प्रकरण स्वीकृत होने के बाद भी उन्हें राशि नही मिलने की बात सामने आने पर भी वे नाराज हुए। उन्होंने निगम के अफसरों से सीघ्र ही बैंक में खाता खुलवाकर निराश्रितों को पेंशन प्रदान करवाने को कहा साथ ही उन्होंने श्रम विभाग को पंजीकृत मजदुरों का कार्ड शीघ्रता से बनाने को कहा है।
 पानी की समस्या पर दी चेतावनी
कुशालपुर में नई पानी की टंकी बनी है जिससे पानी की सप्लाई  जहा तक होनी है नही हो पा रही है। पाइप लाइन बिछाने का काम काफी धीमा है। इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने 30 मई तक यह काम पूर्ण हो जाना चाहिए साथ ही उन्होंने प्रोफ़ेसर कालोनी,कुशालपुर आदि क्षेत्रों में बारिश के जल भराव से बचने के लिए नाला निर्माण हेतु 4 करोड़ स्वीकृत कराया है। यह काम भी धीमा चल रहा है। श्री अग्रवाल ने साफ़ शब्दों में कहा कि एक भी जगह पर इस बारिस में जल भराव हुआ तो काम में ढिलाई बारत रहे अफसर बक्शे नही जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन नही आये
बृजमोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन इस जोन से एक भी नहीं आये है। निगम इस बड़ी लोकहितैषी योजना पर गंभीर नही दीखता इसके प्रति नकारात्मक रुख निगम का दिखाई पड़ रहा है। उन्होंने इस योजना के प्रचार प्रसार सही तरीके से करने की बात कही है।