Daily Archives: June 5, 2017

जीवन शैली में ऐसा बदलाव लाएंगे जिससे पर्यावरण में सुधार हो

Raipur.अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा छत्तीशगढ़ रायपुर जोन नंबर-१ द्वारा विश्वपर्यावरण दिवस ५ जून-२०१७ दिन सोमवार को वृक्छारोपड कार्यक्रम का आयोजन किया गया , यह कार्यक्रम शिवानंद नगर स्थित सब स्टेशन के पार्क में प्रातः 6 बजे आयोजित हुवा जिसमे काफी संख्या में वृछारोपड़ किया गया तथा साथ में सभी क्षत्रिय भाइयो ने एक साथ प्रण लिया की  लगाए गए सभी वृक्छो की देख भाल करेंगे और पर्यावरण के प्रति लोगो को जागरूक करेंगे तथा समय समय पर पर्यावरण के सुधार हेतु मुहीम चलाएंगे ,कार्यक्रम में सभी लोगो ने एक बात पर जोर दिया की पर्यावरण के प्रति हम सबकी जिम्मेदारी बनती है की हम सब अपनी जीवन शैली में ऐसा बदलाव लाएंगे जिससे पर्यावरण में सुधार हो और विश्व को स्वच्छ वायु मिल सके, बढ़ते हुवे औद्योगीकरण से निरंतर वायु प्रदुषित हो रही है और हम अँधा धुंध तेल और कोयले को जला के वायु को प्रदुषित करते जा रहे है कार्यक्रम में ये भी निश्चित किया गया की भविष्य में साइकिल का अधिकतम प्रयोग करने पर जोर देंगे और बहुत शीघ्र साइकिल रैली का आयोजन किया जायेगा जिससे लोगो में साइकिल के प्रयोग की रूचि बढ़े और लोग साइकिल का अधिकतम प्रयोग करे, कार्यक्रम का संचालन  मिथिलेश सिंह (जिला महामंत्री- अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा रायपुर) द्वारा किया गया.  इस मौके पर विशेष रूप से  जे पी सिंह(अध्यक्छ- भोजपुरी समाज) , बाज बहादुर सिंह (रिटायर्ड इंस्पेक्टर-छत्तिश्गढ़ पुलिस),  एल बी सिंह (जी एम् – भगवती पावर & इस्पात लिमिटेड रायपुर),  प्रदीप सिंह (जिला संगठन मंत्री)  विशाल सिंह (सचिव जोन नंबर-१) घनश्याम सिंह,  प्रमोद सिंह ,  नवीन सिंह इत्यादि क्षत्रिय बंधू उपस्थित थे .

बस हादसे ने खोली अधिकारियों के सतर्कता की पोल

बस्ती। सरकार बदलने से सिस्टम नहीं बदलता, उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए भीषण बस हादसे ने यह सच कर दिखाया है। हादसे के घंटों बाद भी हेल्प लाइन नंबर जारी करने में जिला प्रशासन की देरी ने अधिकारियों के सतर्कता की पोल खोल कर रख दी है। बस हादसे के करीब 13 घंटे बाद जिला प्रशासन ने हेल्प लाइन नंबर जारी किया। इसके बाद गोंडा परिवहन निगम ने इसे रोडवेज पर चस्पा किया, जिससे बस हादसे का शिकार हुए पीड़ितों का हाल जानने के लिए उनके परिवार के लोगों को सोमवार की दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा। यह लापरवाही तब सामने आई, जब हादसे का शिकार हुई बस गोंडा डिपो की थी और घायल हुए 15 में से 9 यात्री गोंडा के निकले। गोंडा में रात में ही लोगों को बस हादसे की सूचना यात्रियों के परिवार के लोगों को पहले ही मिल चुकी थी। घायलों के घर वाले जब रोडवेज ऑफिस पहुंचे तो उनकी मदद करने वाला कोई नहीं मिला। इस दौरान लोग अपनों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए भटकते रहे। जब उन्हें यहां से कोई सहायता नही मिली तो सुबह होते ही कुछ लोग बरेली के लिए रवाना हो गए और न जा पाने वाले लोग परेशान नजर आए। खुद एआरएम वीरेंद्र कुमार पांडेय ने स्वीकार किया है कि बरेली जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया हेल्प लाइन नंबर उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिला, जिसके बाद उसे चस्पा किया गया ताकि लोगों को राहत मिल सके।

बस का टैंकर फटा, 22 मरे

यूपी के बरेली में एक बड़े हादसे में 22 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। दिल्ली से गोंडा जा रही है रोडवेज बस हादसे का शिकार हो गई है। बरेली में एक ट्रक से टक्कर होने के बाद बस का टैंकर फट गया और आग लग गई। इस आग में जलकर बस में सवार अधिकतर लोगों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। हादसे में करीब 15 लोग घायल भी हुए हैं। हादसा रविवार देर रात का बताया जा रहा है। रोडवेज बस लोगों को लेकर दिल्ली से गोंडा जा रही थी। बरेली में जब बस दुर्घटनाग्रस्त हुई तो अधिकतर यात्री सो रहे थे। टक्कर होते ही बस का डीजल टैंक फट गया और दोनों गाड़ियां धू-धू कर जल उठीं। लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। यूपी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा कर दी है। पीएमओ ने भी मृतकों के रिश्तेदारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है।

‘भ्रष्ट’ सरकारी कर्मियों की जांच 6 माह में होगी पूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 50 साल पुराने कानून में संशोधन करते हुए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच 6 महीने में पूरी करने की समय सीमा तय कर दी है। यह फैसला ऐसे मामलों की जांच में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। इनमें से अधिकतर मामले काफी समय से लंबित पड़े हैं। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्रीय लोक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 में संशोधन किया है और जांच के महत्वपूर्ण चरणों और जांच प्रक्रियाओं के लिए समय सीमा का फैसला लिया है। संशोधित नियम कहते हैं कि जांच प्राधिकरण को 6 महीने के अंदर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंप देनी चाहिए। इसमें कहा गया कि हालांकि अनुशासनात्मक प्राधिकरण द्वारा लिखित में पर्याप्त कारण बताए जाने पर अधिकतम 6 माह का जांच विस्तार दिया जा सकता है। इससे पहले जांच पूरी करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं होती थी। नया नियम अखिल भारतीय सेवाओं (भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेना) और कुछ अन्य श्रेणियों के अधिकारियों को छोड़कर सभी श्रेणी के कर्मचारियों पर लागू होगा।

21 जून को 21 हजार लोगों के साथ बनाएंगे योग का कीर्तिमान

—पतंजलि परिवार का विश्व योग दिवस इस बार दुर्ग में
भिलाई। विश्व योग दिवस पर पतंजलि परिवार इस बार एक अनूठा कीर्तिमान बनाने जा रहा है। 21 जून को दुर्ग के पं. रविशंकर स्टेडियम में 21 हजार लोगों के संग पतंजलि परिवार विश्व योग दिवस मनाएगा। इसके लिए दुर्ग और भिलाई दोनों जगह तैयारियां चल रही है। भिलाई विद्यालय सेक्टर-2 में इस आयोजन के लिए 250 प्रोटोकॉल प्रशिक्षु तैयार किए जा रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में सारे लोग क्रमवार योग करेंगे। वहीं दुर्ग व भिलाई तीन में योग शिक्षक तैयार करने शिविर जारी है।
पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान की ओर से दुर्ग-भिलाई के शिविरों का समापन सोमवार की सुबह हुआ। भिलाई विद्यालय सेक्टर-2 में समापन अवसर पर सभी प्रोटोकॉल प्रशिक्षुओं को 21 जून के कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी गई और उस दिन एक घंटे के योग कार्यक्रम में प्राणायाम से लेकर शांतिपाठ तक सारे आसनों को क्रमानुसार करवाने अभ्यास को अंतिम रूप दिया गया। वहीं दुर्ग के शासकीय जेआरडी बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला में मुख्य अतिथि जिला वन अधिकारी प्रियंका पांडेय ने उपस्थित लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और सभी को पौधे वितरित किए गए। जिनका पतंजलि परिवार की ओर से विभिन्न स्थलों पर रोपण किया गया। इस दौरान पतंजलि योग समिति के अनूप बंसल ने देश की घड़ी की सुईयों को दो घंटा आगे बढ़ाने की मुहिम की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखने के अलावा आम जनता को ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। इस दौरान 21 जून के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिसमें जानकारी दी गई कि दुर्ग में पहली बार होने जा रहे इस वृहद कार्यक्रम से जन-जन को जोड़ने ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यकर्ता जाकर लोगों को स्टेडियम तक आने प्रेरित करेंगे। इन दोनों आयोजनों में मुख्य रूप से ममता साहू, नरेंद्र पटेल, श्री रंधावा, शालिगराम रायपुरिया, राजेश तिवारी, अराधना चतुर्वेदी, सुषमा वैपारी, रेखा वैद्य,आरआर वैद्य,शंभू कुशवाहा, आरपी शर्मा, बीपी शुक्ला, सरिता साहू, उद्धव व शालिनी चौहान सहित अन्य मौजूद थे।
आज से तीन दिवसीय प्रशिक्षण
विश्व योग दिवस को सफल बनाने पतंजलि परिवार शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को भी योग का प्रशिक्षण देगा। इसके लिए तीन दिवसीय कार्यशाला भिलाई नायर समाजम स्कूल सेक्टर-8 में 6 जून से शुरू की जा रही है। जिला शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में दुर्ग जिले के सभी सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षकगण भाग लेंगे। इन्हें पतंजलि परिवार और भारत स्वाभिमान से जुड़े प्रशिक्षक योग सिखाएंगे। जिससे ये शिक्षक अपने स्कूल में बच्चों को तैयार कर सकें और शिक्षक व बच्चे सभी 21 जून के कार्यक्रम में पूरी तैयारी के साथ भागीदारी दे सकें।

पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का लिया संकल्प

रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पब्लिक इश्यू सोशल फाउन्डेशन के सदस्यों ने राजधानी के वीआईपी रोड स्थित राजीव स्मृति वन में पौधारोपण कर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने पर्यावरण बचाने की शपत लेते हुए अपने जन्म दिवस एवं वैवाहिक वर्षगाठ पर एक पेड़ लगाने का भी संकल्प लिया। चेयरमैन नितिन भंसाली ने बताया कि आज उनके संगठन द्वारा जो वृक्षारोपण किया गया है उसकी देख रेख की समूची जिम्मेदारी फाउन्डेशन के सदस्यों को दी गई है। इस अवसर पर शुभांगी भामकर, सत्तू सिग, मिन्दर सलूजा, हर्षवर्धन अग्रवाल, शेख समीर, प्रदीप पगारीया, भरत ठक्कर, चांदनी वलेरा, रंजीत अरोरा, तिरूपती मिश्रा, आदि सदस्य उपस्थित रहें।

विकी कौशल के साथ दिखेंगी आलिया?

फिल्ममेकर मेघना गुलजार की पिछली फिल्म ‘तलवार’ की आलोचकों ने काफी तारीफ की थी। अब मेघना अपनी अगली फिल्म की तैयारी कर रही हैं जो हरिंदर सिक्का की किताब ‘कॉलिंग सहमत’ पर आधारित है। यह फिल्म साल 1971 में भारत-पाक युद्ध पर आधारित होगी।
इस फिल्म की कहानी एक कश्मीरी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जिसकी शादी एक सेना के अधिकारी से हुई है। यह अधिकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों को महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराता है। एक सूत्र के मुताबिक, ‘इस फिल्म के लिए विकी कौशल और आलिया भट्ट से बातचीत की जा रही है। इस फिल्म में विकी जैसे मंझे हुए कलाकार की जरूरत है लेकिन अभी तक इनको साइन नहीं किया गया है क्योंकि शूटिंग की तारीखों और अन्य बातों पर अभी पूरी बातचीत नहीं हुई है।’ विकी अभी संजय दत्त की बायॉपिक पर बन रही फिल्म में रणबीर कपूर के साथ शूटिंग में बिजी हैं। इस फिल्म का डायरेक्शन राजकुमार हिरानी कर रहे हैं। मेघना गुलजार की इस अगली फिल्म को जंगली पिक्चर्स और धर्मा प्रॉडक्शन प्रड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म के अगले महीने तक फ्लोर पर आ जाने की उम्मीद है।

ओरलैंडो के इंडस्ट्रियल पार्क में गोलीबारी, कई हताहत

मियामी। ओरलैंडो के फ्लोरिडा शहर में स्थित एक इंडस्ट्रियल पार्क में सोमवार को गोलीबारी के दौरान कई लोगों की हताहत होने की अथॉरिटीज ने पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि यह हादसा किन परि​स्थितियों में हुआ। स्थानीय प्रशासन की मानें तो ​स्थिति नियंत्रण में है। आॅरेंज काउंटी की पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऑरेंज काउंटी शेरिफ के ऑफिस ने घटना को दुखद बताते हुए इसके बारे में और जानकारी जल्द ही देने की बात ट्विटर अकाउंट पर लिखी है। इसमें लिखा है कि शेरिफ जल्द ही सटीक जानकारी शेयर करेंगे।एक साल पहले फ्लोरिडा के इस एरिया के गे नाइटक्लब में भीड़ के बीच शूटिंग की वजह से 49 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे।

मानव को अंतरिक्ष में भेज सकेगा ISRO

श्रीहरिकोटा। संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जा रहे भारत के अब तक के सबसे अधिक वजनी रॉकेट जीएसएलवी एमके 3-डी1 के श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण से इसरो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। 30 साल की मेहनत से तैयार हुए इस नए सैटलाइट लॉन्च वीइकल की सफलता के बाद अब इसरो मानव को अंतरिक्ष में भेजने के सपने को हकीकत में बदल सकता है। जीएसएलवी एमके 3-डी1 से भारत ने भारी सैटलाइट लॉन्च करने के मामले में अमेरिका, रूस, यूरोप, चीन और जापान की बराबरी कर ली है। स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन वाला रॉकेट भूस्थैतिक कक्षा में 4000 किलो तक के पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है। अब तक 2,300 किलो से ज्यादा वजन वाले संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इसरो को विदेशी प्रक्षेपकों पर निर्भर रहना पड़ता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसरो ने मानव मिशन के लिए सरकार से 12,500 करोड़ रुपये मांगे हैं। यदि सरकार यह राशि मंजूर कर लेती है तो करीब 7 साल में इस प्रॉजेक्ट को पूरा किया जा सकता है। भारतीय स्पेस एजेंसी मिशन से संबंधित अहम तकनीकों को विकसित कर चुकी है। स्पेस सूट तैयार है और क्रू मॉड्यूल को 2014 में टेस्ट कर लिया गया था।

यूपी में जोन से बाहर स्थानांतरित होंगे दारोगा

लखनऊ। पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने प्रदेश की कानून व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिये परम्परागत पुलिसिंग पर जोर दिया है। लंबे समय से जिलों में तैनात उपनिरीक्षकों को जोन के बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की हिदायत भी दी है। डीजीपी ने सोमवार को जोन में तैनात एडीजी, रेंज में तैनात आइजी, एसएसपी के साथ अपराध नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नियमावली के विरुद्ध जिलों में तैनात उपनिरीक्षकों को जोन के बाहर स्थानांतरित किया जाए। अपराध में शामिल या अपराधियों से संबंध रखने के लिए चिह्नित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। माफिया एवं अन्य प्रभावशाली अपराधियों की सूची बनायी जाए और उनके जमानतदारों का सत्यापन कराया जाए।

चौराहों के 25 मीटर तक ठेले न लगें
गाडियों पर मानक विपरीत लगी नंबर प्लेट, हूटर-सायरन, लाल-नीली बत्तियां, झंडे, तख्तियां हटाने का अभियान चलाया जाए। चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। हेलमेट पहनना सुनिश्चित किया जाए। गाडियों से काली फिल्म हटायी जाएं। यातायात पुलिस चुस्त-दुरुस्त, स्मार्ट वर्दी में रहे। वसूली की शिकायत पर रोक लगाई जाए। चौराहों से से 25 मीटर ठेले, वाहन न खड़े होने दिये जाएं।

गोवध पर एनएसए लगाएं
गोवध एवं वध के लिए गोवंश के परिवहन पर सख्ती से रोक लगायी जाए। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, गिरोहबंद अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में पैरवी कर परिणाम तक पहुंचा जाए। माफिया व गिरोहबंद अपराधियों की जमानतें निरस्त करायी जाएं। मॉल्स, सार्वजनिक स्थानों में सादी वर्दी में महिला सिपाही व अधिकारियों के दस्ते तैनात किये जाएं।

विवादों का ब्योरा तैयार करें
डीजीपी ने कहा कि क्षेत्र के विवादों को रजिस्टर में दर्ज कर इनको हल कराने की कोशिश हो। आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए ताकि बलवा, हत्या जैसी वारदात न हो पाए। अधिकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों की सूची तैयार करें। पांच वर्षों में जमीन, प्लॉट पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

आतंकी गतिविधियों पर नजर रखें
डीजीपी ने कहा कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों की नियमित निगरानी कराई जाए। ताकि कोई आतंकवादी घटना न हो सके। दुकानदारों इत्यादि का सहयोग लिया जाए। स्थानीय सहयोग से सीसीटीवी, चौकीदार का इंतजाम कराया जाए। त्योहारों को बारे में अभी से अध्ययन कर लिया जाए। विवादित बिंदु को हल कराया जाये।

दस से एक कार्यालय पर बैठें
डीजीपी ने पुलिस अफसरों को स्पष्ट रूप से कहा कि वह प्रतिदिन सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक कार्यालय में अवश्य बैठें। कार्यालय के कार्यो का निस्तारण करने के अलावा नागरिकों से मिलकरउनकी शिकायतों का निस्तारण करेंगे। नागरिकों की शिकायतों के निराकरण पर पूरी गंभीरता एवं तत्परता बरती जाए।

ये हिदायतें भी
– एसपी जवानों के अवकाश, ड्यूटी से विश्राम, भोजन, शौचालय, आवास, चिकित्सा की व्यवस्था तथा परिवार कल्याण की समस्या निराकरण करायें।
– थानाध्यक्ष, प्रतिसार निरीक्षक मासिक निरीक्षण, दैनिक मुआयना मालखाना एवं नक्शा नौकरी खुद लिखें।
– बंदियों के एस्कोर्ट के संबंध में बंदी की प्रकृति के अनुसार स्पष्ट, लिखित आदेश दिया जाए।
-कचहरी, लॉक-अप ड्यूटियां जल्दी-जल्दी बदली जाएं।
– चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट, लाइसेंस प्रार्थना पत्र पर एक सप्ताह में रिपोर्ट लगा दी जाए।
– एनसीआर की तीन दिन में जांच पूरी हो और सिर्फ आक्रामक पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई हो।
-टेम्पो, रिक्शा, आॅटो में ओवरलोडिंग रोकी जाए।
-गाजियाबाद, नोएडा पुलिस के अधिकारियों को दिल्ली पुलिस के समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।

पंडित दीनदयाल जी के विचारों को दुनियां कर रही आत्मसात

रायपुर / एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय के विचारों पर आधारित कथा के अंतिम दिवस पर आज यजमान के रूप में प्रदेश के कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पधारे। उन्होंने कथा का श्रवण किया पश्चात पंडित दीनदयाल जी के विचारों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी उपाध्याय के विचारों को पढ़कर-सुनकर उन्हें अपने आचरण में उतारने की आवश्यकता है। आज पूरी दुनिया में उनके विचारों को लोग ग्रहण कर रहे हैं। पंडित जी सभी को सुखी देखना चाहते थे। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े सबसे कमजोर व्यक्ति का भला जब तक नहीं होगा तब तक हमारा समाज हमारा देश आगे नहीं बढ़ सकता यही उनका एकात्म मानववाद का सार था। कमजोर से कमजोर व्यक्ति का भला कैसे हो इस दिशा में काम करने की प्रेरणा उनके विचार देते है । बृजमोहन ने कहा कि दुनिया ने पूंजीवाद, साम्यवाद देखा है पर व्यक्ति और संपूर्ण सृष्टि को इकाई मानकर उसकी भले की सोच सिर्फ पंडित दीनदयाल जी के विचारों में दिखा है । वह कहते थे व्यक्ति के मन, बुद्धि, शरीर की चिंता संयुक्त रूप से करनी होगी साथ ही प्रकृति के करीब भी रहना होगा। उन्होंने कहा कि पंडित जी के सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले विचार जिसमे  उन्होंने कहा था कि अपना पेट भरना तो प्रकृति है ,पर कोई दूसरा भूखा ना रहे उसकी चिंता करना हमारी संस्कृति है। यही संस्कृति हमारे भारतवर्ष को महान बनाती है और अपनी इस महानता को हमें बरकरार रखना है। हमे वसुधैव कुटुंबकम सोच के साथ देश को आगे लेकर जाना है।
बृजमोहन ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के विचारों को आत्मसात करते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गरीबी उन्मूलन की दिशा में काम कर रहे हैं। मानव दुखों को दूर कैसे कर सकते हैं इस पर विचार करते हुए उन्होंने पंडित दीनदयाल जी पर अनेकों योजनाएं बनाई है। ताकि गरीबों का भला किया जा सके।इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह समिति के प्रांतीय संयोजक सचिदानंद उपासने,जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल,अशोक पांडे,विवेक सक्सेना,अम्बिका यदु , गोपी साहू, अमरजीत सिंह,सुब्रत चाकी ,अवधेश जैन,शैलेन्द्री परगनिया, संजू नारायण ठाकुर, खेमराज बैद, राजेश पांडे,किशोर महानंद,प्रणय तिवारी, विजय व्यास, आदि उपस्थित थे।
महापुरुष सभी के लिए प्रेरणाश्रोत
बृजमोहन ने कहा कि महापुरुष न किसी धर्म के होते हैं न किसी समाज के वह तो केवल मानवता के हित चिंतक होते हैं। उन्हें समूचे विश्व की चिंता होती है । जिस प्रकार महात्मा गांधी ने राम राज्य की कल्पना की थी उसी प्रकार पंडित दीनदयाल जी के विचारों को भी उसी कल्पना से आगे बढ़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुष सदैव अमर रहते हैं क्योंकि उनके जीवित विचार समाज को बेहतर दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महामानव के विचारों पर आधारित आयोजन में ऐसे सभी लोगों को सहभागी बनना चाहिए जो देश समाज के भले की सोच रखते हैं।
अर्पण और तर्पण की भूमि है यह भारतवर्ष
एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर आधारित कथा के अंतिम दिवस कथावाचक विनोद बिहारी गोस्वामी ने  एकात्म मानवदर्शन का विश्लेषण किया। साथ ही उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारत की एकता और अखंडता के विषय पर जो विचार प्रदर्शित किये है उसे हर भारतवासी को आत्मसात करने की आवश्यकता है। श्री गोस्वामी ने कथा में कहा कि बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक भारतवर्ष एक है। इस भारत भूमि में मत-मतांतर जो भी हो सभी ने देश की अखंडता को राष्ट्र की समृद्धि का परिचायक बताया है। पंडित जी ने इस पावन भूमि को यह अर्पण और तर्पण की भूमि की संज्ञा दी है।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सर्वप्रथम पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को आत्मसात कर अंत्योदय को प्रतिपादित किया। उन्होंने ही अंत्योदय की योजना बनाकर समाज के अंतिम छोर में खड़े कमजोर की चिंता की। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उसी एकात्म मानववाद को आधार बनाया उज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी संचालित कर समाज और राष्ट्र को खुशहाल बनाने का प्रयास कर रहे है।
कथा के अंतिम में विचार रखते हुए श्री गोस्वामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी द्वारा दिखाये गये इस अंत्योदय के मार्ग पर चलने से ही मानव का भला होगा और उनका एकात्म मानववाद दर्शन भी अमर रहेगा।