Daily Archives: July 1, 2017

स्टार उत्सव की नई पेशकश ‘एक हसीना थी’

-3 जुलाई से रात 9 बजे स्टार उत्सव पर

स्टार उत्सव के नवीनतम शो ‘एक हसीना थी’ की कहानी भारतीय टेलीविज़न पर पेश हो रहे सभी शोज़ से अलग है। कोलकाता के पूर्वी हिस्से में आधारित यह कहानी सिर्फ़ बदले की कहानी नहीं है बल्कि यह एक ऐसी महिला की कहानी है जो अतीत में हुए एक अपराध के लिये इन्साफ़ की तलाश कर रही है। इन्साफ़ माँगने के उसके तरीके़ थोड़े अलग हैं क्योंकि वह परंपराओं के बंधन से बाहर निकल कर ताकतवर लोगों को हराने के लिए अपने दिमाग़ का इस्तेमाल करती है। अपराध के विरुद्ध इन्साफ़ की लड़ाई एक ऐसा विषय है जो दुनिया में सबको छूता है। कहा जाता है कि जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो आखि़री रास्ता ही एकमात्र हथियार होता है। एक हसीना थी एक ऐसी ही महिला दुर्गा (संजीदा शेख अभिनीत) की कहानी है जिसने इन्साफ़ पाने के लिए चीज़ों को बदलने का बीड़ा उठाया है। यह एक धर्म युद्ध है जो युगों से चला आ रहा है, महाभारत के समय से ही हम देखते आ रहे हैं। यहाँ दुर्गा धर्म पक्ष में खडी है और धर्म की जीत के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए, कोई भी रास्ता अपनाने के लिए तैयार है। लेकिन फिर भी दुर्गा की लड़ाई आसान नहीं है क्योंकि मुकाबले में एक तरफ़ है पाॅवरफुल और प्रभावी गोयनका परिवार जो दुर्गा का लक्ष्य और मुख्य खलनायक है। वत्सल सेठ गोयनका परिवार के वंशज, अमीर और औरतों के रसिया शौर्य गोयनका की भूमिका में हैं। एक ऐसा प्लेब्वाॅय और मस्तमौला जिसे ’नही’ं सुनने की आदत नहीं, जो जानता है कि अपने परिवार के प्रभाव से उसे कुछ भी हासिल हो सकता है। शौर्य के साथ उसके हर अच्छे बुरे में उसके साथ रहने वाले हैं उसके माता पिता साक्षी और राजनाथ गोयनका (सिमोन सिंह और अयूब ख़ान) जिनका शहर पर प्रभाव और दौलत की ताक़त उन्हें ख़तरनाक और ताक़तवर दुश्मन बनाता है। क्या दुर्गा अपने मिशन में कामयाब होगी या फिर गोयनका के हर विरोधी की तरह वह भी हार मान जाएगी? बुद्धि और दिमाग़ की इस लड़ाई में कौन आगे होगा !

सारेगामा ने नृत्यांगनाओं को भरतकलाश्री से किया सम्मानित

लखनऊ। सरेगामा संस्था द्वारा संगीत नाटक अकादमी गोमती नगर के वाल्मिकि प्रेक्षागृह में जोधपुर की सरस्वती व दिल्ली से आई सुष्मिता के भरतनाट्यम अरंगेट्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की ओर से दोनों कलाकारों को भरतकलाश्री सम्मान भी दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भातखंडे सम विश्वविद्यालय के नृत्य विभाग की मुख्य एवं कथक की ख्याति प्राप्त नृत्यांगना कुमकुम धर ने दीपप्रजव्विलत किया। नृत्यांगनाओं ने अपने कार्यक्रम का शुभारंभ नाट्टै राग व आदि ताल में निबद्ध पुष्पांजली से किया। इस चरण में विभिन्न देवी देवताओं की स्तुति करते हुये उन्होंने ईश्वर से अपनी निर्विघ्न प्रस्तुति हेतु आशीर्वाद भी मांगा। इस चरण के साथ ही भरतनाट्यम का पारंपरिक नृत्य चरण अलारिपु प्रस्तुत किया गया। मृदंग के बोल पर आधारित यह चरण राग नाट्टै व तिश्र जाति एक ताल में निबद्ध था। इस चरण के बाद कलाकारों ने राग हेमावती एवं रूपक ताल में निबद्ध सौंदर्ययुक्त मुद्राओं से पूरित गति चलनों का प्रदर्शन जतिस्वरम् के द्वारा किया। दोनों नृत्यांगनाओं ने राग धन्यासी एवं आदिताल में रचित वर्णम् ष्नी इंदेष् को जटिल पाद संचालन, भावपूर्ण अभिनय व तीव्र गति के द्वारा प्रस्तुत कर अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन गुणीजनों के समक्ष किया। छोटे से मध्यांतर के पश्चात् महाभारत के द्यूत पर्व की कथा को रागमालिका एवं मिश्र चापु में रचित कर शब्द्म के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
इसके पश्चात् शिव पंचाक्षर स्त्रोत ष्नागेन्द्र हारायष् को रागमालिका एवं खंड चापु में निबद्ध कर शिव जी की स्तुति की गई। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति के रूप में आकर्षक नृत्य भंगिमाओं एवं तीव्र गति से युक्त आदि ताल एवं कानड़ा राग में निबद्ध तिल्लाना का प्रदर्शन करने के साथ ही कलाकरों ने मंगलम के द्वारा निर्विघ्न एवं सफल प्रस्तुति हेतु ईश्वर, गुरुओं व दर्शकों को धन्यवाद दिया। नट्टुवांगम में सरस्वती एवं सुष्मिता के गुरु ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेई, मृदंगम में जी.सुधीर, गायन में श्रीमती ललिता गणेश, वाॅयलिन में दीपक मिश्रा तथा बांसुरी पर अलका ठाकुर के द्वारा कलाकारों को सांगीतिक सहयोग दिया गया। दोनों नर्तकियों ने अपने संगतकारों का आभार फलों की टोकरी देकर व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आमिर मुख्तार के द्वारा किया गया। संस्था की प्रभारी निदेशक नृत्यांगना संगीता चैबे एवं मुख्य अतिथि कुमकुम धर ने दोनों नृत्यांगनाओं को उनके सफल प्रदर्शन हेतु बधाई देते हुये उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं के साथ उन्हें अंग वस्त्र एवं भरत कलाश्री सम्मान देकर सम्मानित किया। संस्था के निदेशक राजवीर रतन ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी को धन्यवाद देते हुये इस कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस दौरान अंकित मिश्रा, दुर्गेश वर्मा, अरूण भारती, मोहित यादव, अरूण कुमार, वैजंयती नाथ

अमेरिकियों के खाते से राशि उड़ा लेता था कोलकाता का ठग

कोलकाता । कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए शातिर ठग ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण राज खोले हैं। उसने बताया है कि वह अमेरिका के लोगों से लाखों रुपये वसूलता था। ऑनलाइन पेमेंट के लिए जब वे लोग अपना बैंक डिटेल डालते थे तो यहां उनके कंप्यूटर पर नजर गड़ाए बैठे शातिर बैंक का ब्योरा लिखकर जब मर्जी तब लाखों रुपये उड़ा लेते थे। आरोपी का नाम शराफत अली (33) है। उसे बालीगंज के 10 अरित्र मित्रा रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसने करया थाना इलाके के 70 बेकबगान रो स्थित बहुमंजिली इमारत के पहले तल्ले पर एमसी जेबी इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड नाम का कॉल सेंटर खोल रखा था जहां कई लोग उसके लिए काम करते थे। ये लोग अमेरिका के लोगों को फोन कर उनका कंप्यूटर टीम व्यूअर के जरिये अपने डेस्कटॉप पर कनेक्ट करते थे तथा हैक होने का डर दिखाकर उन लोगों से 199-300 डॉलर यानी 12 हजार से 20 हजार रुपये खाते से उड़ा लेते थे। सूचना मिलने के बाद साइबर सेल की टीम ने छापामारी कर शराफत को गिरफ्तार किया है। उसके पास से आइफोन, कई कंप्यूटर और अन्य सामान बरामद हुए हैं।

बार्डर पर योगेश ने बांधा देशभक्ति गीतों का शमा

रायपुर। देश की उत्तरी सीमा पर स्थित लेह लद्दाख में छत्तीसगढ़ के फिल्म कलाकार गायक योगेश अग्रवाल ने देशभक्ति गीतों का ऐसा समा बांधा की पूरा वातावरण भाव-विभोर हो गया। सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाले वीर जवानों व उपस्थित उनके परिवारजनों की मौजूदगी में संगीतमय रंगारंग कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति गीतों का सिलसिला योगेश ने ऐसा प्रारंभ किया कि लोग झूमने लगे । पूरा माहौल देशभक्तिपूर्ण हो गया था । मेरा रंग दे बसंती चोला… मेरे देश की धरती सोना उगले… सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा… जैसे गीतों की प्रस्तुति करण वहां योगेश द्वारा किया गया। यह अवसर था सिंधु दर्शन यात्रा का जिसमें देश भर से 2000 लोगों का जत्था लेह-लद्दाख पहुंचा था। इस अवसर पर पोलो मैदान,लेह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच पर योगेश को सिंधु दर्शन यात्रा के संरक्षक एवम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश जी ने सम्मानित भी किया। गौरतलब है कि देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए उत्तरी सीमा पर स्थित लेह लद्दाख मैं देश के अन्य भागों से लोगों को भ्रमण के लिए सिंधु दर्शन यात्रा पर ले जाया जाता है। क्योंकि यहां से पवित्र सिंधु नदी का उद्भव है इसलिए इस यात्रा का नाम सिंधु दर्शन यात्रा रखा गया है । 23 से 27 जून तक की इस यात्रा में छत्तीसगढ़ से 156 यात्रियों का जत्था लेह-लद्दाख पहुंचा था। धर्मस्व-कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शुभकामनायें देकर इन्हें रवाना किया था। यात्रा के दौरान हुए इस कार्यक्रम में सिंधी साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जीवन, मुरलीधर माखीजा, यात्रा के छत्तीसगढ़ प्रभारी साकेत मिश्रा, अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग , केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री मेघवाल सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

छजकां ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर किया निगम का घेराव

रायपुर। राजधानी रायपुर के वार्डों में फैली गंदगी, जल आपूर्ति की समस्या, सफाई कर्मचारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली एवं अन्य कई मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया । इस घेराव में सैकड़ों की संख्या में जनता कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे। केंद्रीय महासचिव आसिफ मेमन ने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है और शहर में सफाई व्यवस्था एवं अन्य समस्याएं बरकरार रहती है तो उस स्थिति में निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों के घरों में पशु ले जाकर बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पश्चिम विधानसभा प्रभारी शरणजीत सिंह तेतरी, तिलक राम देवांगन, राजाराम व्यास, दीनदयाल बंजारे, बलदाऊ मिश्र, सीमा कौशिक, आशा जोसेफ, उमा पुरैना, राज अग्रवाल, फिरोज चिश्ती, विक्रम नेताम, बबलू रजा, माखन ताम्रकार, सूर्यकांत तिवारी, डॉ. उदय रात्रे, पप्पू बघेल आदि मौजूद रहे जमकर नारेबाजी की। जनता कांग्रेस के मुद्दे : पानी की समस्या,स्ट्रीट लाइट की समस्या, सड़कों के रख रखाव की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, सड़कों पर पशुओं का जमघट, चौक चौराहों पर बायोमैट्रिक टायलेट निर्माण, निगम कर्मचारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार,जाम नाले नालियों की सफाई, बाजार एवं अन्य स्थान पर सायकल स्टैंड ठेकेदारों द्वारा अवैध वसूली एवं निगम के स्कूलों में रख रखाव के अभाव में छतों से गिर रहे पानी आदि मुद्दे शामिल है।

पत्थरबाजों से भी बड़े देशद्रोही अलगाववादी नेता

अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा कि कश्मीर के पत्थरबाज देशद्रोही तो हैं, लेकिन इन पत्थरबाजों से भी बड़े देशद्रोही अलगाववादी नेता हैं, जो इन्हें पत्थरबाजी के लिए उकसाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज आतंकवादियों को भगाने में मदद करते हैं, इन पर नकेल कसना जरूरी है। खान ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि हिंसा किसी भी बात का हल नहीं हो सकती, इसे सभी नेता बखूबी समझते है, लेकिन अपने निहित स्वार्थों के लिए अलगाववादी नेताओं के सुर में सुर मिलाने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मीरवाइज जैसे नेता असल गुनहगार और देशद्रोही है जो कश्मीरी युवकों को भड़काकर पाकिस्तान के मंसूबो को साकार कर रहे है। खान ने कहा कि अगर भारत सरकार ऐसे अलगाववादी नेताओं जैसे लोगों पर नकेल डाल दे तो कश्मीर समस्या का तुरंत हल संभव है। दरगाह के दीवान ने कहा कि इन्हीं की शह पर आतंकवादियों ने कश्मीर में स्कूल और कॉलेज जलाए और बंद करवाए ताकि एक पूरी पीढ़ी को अनपढ़ रखा जाए और इसके जरिए पाकिस्तान समथर्ति अजेंडे को लागू कर कश्मीर को भारत से अलग किया जा सके। ये वही नेता हैं जिनके अपने बच्चे विदेशों में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे है। खान ने कहा कि कुछ राजनैतिक पार्टियां और नेता इस पर जमकर राजनीति कर रहे है जो सिर्फ अफसोसजनक ही नहीं बल्कि शर्मनाक भी है।

राष्ट्रपति चुनाव को जातीय रंग देना शर्मनाक

नई दिल्ली। कांग्रेस की अगुवाई में राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की साझा उम्मीदवार मीरा कुमार ने चुनाव को ‘दलित बनाम दलित’ का रंग दिए जाने को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा, जब कोविंद जी और मैंने नामांकन भरा तो यह जाति का मामला बन गया। यह शर्मनाक है कि राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित में तब्दील हो चुका है। मीरा कुमार ने कहा कि उन्हें 17 विपक्षी पार्टियों ने आम सहमति से राष्ट्रपति उम्मीदवार चुना। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह एकता वैचारिक बुनियाद पर है। बता दें कि एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाए जाने के ऐलान के बाद कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी पार्टियों ने पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया। उम्मीदवारी के ऐलान के बाद कोविंद ने बिहार के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। संयोग से दोनों नेता दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। एनडीए ने जब कोविंद को उम्मीदवार बनाया तो बीएसपी ने ऐलान किया था कि अगर विपक्ष की तरफ से किसी दिग्गज दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया जाता तो पार्टी कोविंद का समर्थन करेगी। बाद में मीरा कुमार के मैदान में उतरने के बाद बीएसपी ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की।

फिक्स था चैंपियंस ट्राफी का फाइनल

नागपुर। भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ आइसीसी चैंपियंस ट्राफी का फाइनल फिक्स था। शनिवार को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली और युवराज सिंह के अलावा टीम के अन्य खिलाड़ियों पर मैच फिक्स करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने मामले के जांच की मांग की। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने क्रिकेट व अन्य खेलों में दलितों व आदिवासियों के लिए 25 फीसद आरक्षण की मांग की। आरपीआइ (ए) नेता ने सवाल उठाया, पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेल दिखाने वाले क्रिकेटर 18 जून को लंदन में हुए फाइनल में अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन क्यों नहीं कर पाए? क्यों फ्लाप हो गए? ऐसा लगता है कि मैच फिक्स था। हम इस मामले में जांच की मांग करते हैं। मालूम हो, इस मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 180 रनों से हराकर चैंपियंस ट्राफी जीती थी।

1 लाख फर्जी कंपनियों पर ताला, 3 लाख पर संदेह

नई दिल्ली। देश में एक जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है। देश के सबसे बड़े कर सुधार के लागू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया के स्थापना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी भारत के अर्थव्यवस्था में एक नई राह की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को देश की संसद ने पवित्र अधिकार दिया है। जीएसटी आर्थिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। अकाउंटेंट पर देश की आर्थिक जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंड अर्थजगत के ऋषि-मुनि हैं, जो इस क्षेत्र में रास्ता दिखाते हैं। मोदी ने कहा कि टैक्स चोरी करने वाली कंपनियां अब बच नहीं सकेंगी। जीएसटी लागू होने से पहले करीब 1 लाख कंपनियों पर ताला लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 3 लाख कंपनियां शक के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के आने के बाद स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के कालेधन में 45 फीसदी की कमी आई है, जबकि साल 2013 में विदेशों में जमा कालेधन में 42 फीसदी इजाफा हुआ था। यह कालेधन के खिलाफ कार्रवाई का नतीजा सामने है।

बच्चों की देखभाल पिता का कानूनी दायित्व

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पिता का न सिर्फ नैतिक बल्कि कानूनी दायित्व है कि वह अपने माइनर बच्चों की परवरिश करे जब तक कि वह बालिग नहीं हो जाते। पिता को अपने माइनर बच्चों का मेंटेनेंस करना होगा। बच्चों का वेलफेयर हर हाल में देखना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में एक पिता की अर्जी खारिज करते हुए उक्त आदेश दिया। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पिता को कहा है कि वह बच्चियों को 6 हजार रुपये प्रति महीने गुजारा भत्ते का भुगतान करे। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस आईएस मेहता की बेंच ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा-125 में उन महिलाओं व बच्चों के लिए कानूनी उपचार दिया गया है जो अपनी परवरिश नहीं कर सकते। बच्चों को इस आधार पर मेंटिनंस के लिए पिता मना नहीं कर सकता कि बच्चे मां के साथ रहते हैं या फिर बच्चों की मां नौकरी में हैं या फिर खुद मेंटिनंस कर सकती है। मौजूदा मामले में 3 सितंबर 1998 को याचिकाकर्ता की शादी हुई थी। शादी के बाद दो बच्चे हुए। बच्चों की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया कि उसकी मां को 15 अप्रैल 2006 को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। दोनों बच्चों के जन्म के समय उनके ननिहाल की ओर से खर्च वहन किया गया और वे वहीं रहते हैं। ननिहाल में ग्रैंड पैरेंट्स खर्च उठा रहे हैं। इसी बीच अर्जी दाखिल कर बच्चों की ओर से गुजारा भत्ते की मांग की गई। निचली अदालत ने 6 जून 2015 को आदेश दिया कि याचिका दायर करने की तारीख से लेकर गुजारा भत्ता प्रति महीने 6 हजार रुपये का भुगतान किया जाए। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता पिता ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की। याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी पर्याप्त आमदनी नहीं है। साथ ही कहा कि महिला के झूठे बयान के मामले में उन्होंने केस दायर कर रखा है। बच्चों की ओर से पेश वकील ने अर्जी का विरोध किया और कहा कि मेंटिनंस का 8 लाख रुपये बकाया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता पिता की अर्जी खारिज कर दी।