Daily Archives: July 3, 2017

महापौर ने अंडरब्रिज का किया निरीक्षण

भिलाई. शहर के दोनों मुख्य अंडर ब्रिज प्रियदर्शनी परिसर और चंद्रा मौर्या में कल बारिश के वजह से हुवे जलभराव का स्वतः निराकरण करने के पश्च्यात का उक्त स्थल का स्थायी हल निकालने महापौर श्री देवेंद्र यादव, आयुक्त श्री के एल चौहान ने स्थल पर पहुँच स्थल का जायजा लिया जोन 3 आयुक्त श्री रणदिवे एवं इंजीनियरों के साथ दोनों अंडरब्रिज की बनावट एवं पानी के निकासी के पूरे सिस्टम का मुआयना करते हुवे इसके स्थायी हल निकालने चंद्रा मौर्या से लेकर प्रियदर्शनी परिसर तक के स्पॉट का पैदल चलकर निरीक्षण किया और साथ ही पंप के जरिए पानी को नाले में डायवर्ट करने के मड पम्प का भी निरीक्षण किया। चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज का लेवल पावर हाउस क्षेत्र के लेवल से नीचे की ओर है जोकि अत्यधिक बारिश होने पर पावर हाउस से लेकर चंद्रा मौर्या तक का पूरा पानी इस ढलान की ओर आता है जिससे निरन्तर मड पम्प के सहारे पानी डायवर्ट करने के बावजूद जल भराव की समस्या वैसी ही बनी रहती है शनिवार की रात्रि में हुवी मूसलाधार बारिश के पानी के बाद हुवे जल भराव को रविवार प्रातः महापौर द्वारा स्वयं स्थल पर पहुँच नालियों की सफाई करवाते हुवे आवागमन हेतु ब्रिज खुलवाया 24 घण्टों तक पानी न गिरने के बावजूद भी आज पुनः चंद्रा मौर्या अंडर ब्रिज में जल रिसाव जारी रहा जिसका मुख्य कारण इसका लेवल डाउन होना ही मार्क किया गया।स्थल निरीक्षण करते हुवे महापौर एवं आयुक्त द्वारा दो दिनों के भीतर स्पॉट निरीक्षण करते हुवे भिलाई पावर हाउस और चंद्रा मौर्या के मध्य नाला निर्माण करने हेतु BSP से चर्चा करते हुवे सेक्टर क्षेत्र की ओर पानी को डायवर्ड करते हुवे मुख्य नाले में जोड़े जाने का प्लान तैयार करने कहा जिससे चंद्रा मौर्या अंडर ब्रिज के पानी का दबाव कम हो सके और इस ओर होने वाले जल भराव को मड पम्प के माध्यम से डायवर्ट करने में आसानी हो ऐसा एक प्लान दो दिनों के भीतर तैयार कर सूचित करने निर्देश दिए।उक्त निरीक्षण के दौरान जोन 3 आयुक्त टी के रणदिवे, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता वेशराम सिन्हा, जोन 2 स्वच्छता प्रभारी महेश पांडेय आदि भी उपस्थित रहे.

अभिनेता का ख्वाब लेकर आया था खैरागढ़

खैरागढ़.थियेटर से जुड़े हर युवा का सपना होता है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) पहुंचना।इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्र भुनेश्वर महिलाने का चयन एन एस डी में हुआ है।भुनेश्वर ने 2013-14 में खैरागढ़ विवि के नाट्य विभाग में मैने प्रवेश लिया था।उसने बताया कि स्कूल के वक़्त से ही नाचने गाने का बड़ा शौक था।ये सब मुझे बहुत पसंद था और उस वजह से पढाई पे ध्यान नहीं देता था ।इस वजह से घर पे डांट पड़ती थी।उसके चाचा ने उसे बताया की नृत्य संगीत इन सब की भी पढाई होती है और तुम अभी ठीक से पढाई नहीं करोगे तो वहां कैसे पहुंचोगे। तब से मेरे मन में मैंने ठान लिया की मुझे यही इसी फिल्ड में जाना है।और फिर मुझे खैरागढ़ के बारे में पता चलाऔर 12 वी के बाद मै यहाँ आगया और नाट्य विभाग में मैंने प्रवेश लिया।भुनेश्वर ने जब खैरागढ़ का इंट्रेंस दिया तो ये बात घरवालों को मालूम नहीं था,उसने बताया भी नही।

क्यों घर वाले चाहते थे की पढ़ लिख के कोई नौकरी कर ले।खैरागढ़ विश्वविद्यालय में जब इंट्रेंस की लिस्ट में नाम आया तब उसने घरवालो को ये बात बताई घर वालो को मनाना पड़ा।भुनेश्वर
बेसिकली रायगढ़ जिले के भीखमपुरा गांव के रहने वाले हैं।पिता कोयला खदान में कोयला निकालने का काम करते हैं, गवर्नमेंट जॉब है हालांकि अभी स्वास्थ्य ठीक नही रहती उसका कहना है कि
मै अपने घर में अपने भैया से बहुत डरता था और आज भी डरता हूँ। भैया चाहते थे मै बीकॉम करूँ, उन्होंने मेरा फॉर्म भर दिया था और अड्मिशन भी होगया था रायगढ़ के एक कॉलेज में
मै उस रात कम्बल के ओढ़कर बहुत रोया ऐसा लगा की अब सब खत्म हो गया।लेकिन माँ ने हालात देख कर घर वालों को मनाया और तब सब मन गए…लेकिन उसके बाद भी वो लोग खुश नहीं थे।जब मेरा पहला शो चक्रधर समारोह में लगा मेरे गुरु जी डॉ. योगेन्द्र चौबे के निर्देशन में नाटक “बाबा पाखंडी”, उस नाटक में मुझे एक छोटा सा सीन मिला एक सैनिक का और यहाँ से मेरी रंग यात्रा शुरू हुई। उसने बताया कि नाट्य विभाग में मेरे गुरु डॉ. योगेन्द्र चौबे से मैंने बहुत कुछ सीखा और कुलीन जोशी कक्षा शिक्षक से नाटक की बारीकियो को सीखा। सीनियरों का आभार माना भुनेश्वर का कहना है कि
धीरज सोनी, आनंद पांडेय, शिशुपाल सिंह, घनश्याम सिंह, शुभम शर्मा, शुभम, राय , सुनील, और चैतन्य आठले इन सभी का तो मै हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे बहुत सारी चीजे सिखायी और अक्सर जब मै हताश होता था तो वो हमेशा मुझे समझते थे मुझसे बात करते थे। मैंने तीन साल खैरागढ़ में काफी कुछ सीखा और शायद मै कही और होता या किसी दूसरे जगह पढता तो इतना नहीं सीखता। खैरागढ़ में सब कुछ है चाहे वो संगीत हो नृत्य हो चित्रकला हो, मूर्तिकला हो।और सब से खास चीज़ जो है वो यहाँ का लोक संगीत विभाग, जो आपको कही नहीं मिल सकता , भाग्यशाली हूँ जो मुझे खैरागढ़ में पढ़ने का मौका मिलाऔर मुझे अपने छत्तीसगढ़ के कलचर जानने का और सीखने का मौका मिला। वहीं परमानन्द पान्डे जिन्होंने मुझे पंडवानी सिखाया।और जब मेरा नेशनल स्कॉलरशिप और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के लिए चयन हुआ है तो इसी वजह से की मुझे मेरे यहाँ की चीज़े पता थी चाहे वो नाचा हो या पंडवानी। खैरागढ़ के नाट्य विभाग में प्रवेश लिया तब से एनएसडी का नाम सुनता आ रहा था पढ़ा उसे जाना तब से ठान लिया की मुझे भी एनएसडी जाना है। बड़े भाई साहब, उजबक राजा तीन डकैत, कर्ण, गधो का मेल, बाबा पाखंडी, ईडिपस, जाँच पड़ताल, मुक्तिबोध, नाटक में अभिनय किया है। भुनेश्वर अभिनेता बनने का ख्वाब लिये खैरागढ़ आये थे उनका कहना है अभिनय करते समय जो सुकून मुझे मिलता है वो संसार में और कही नहीं है। इसी लिये “अब जो है यही है”। घर वालों को साबित करना चाहते हैं की जो चुना है वो गलत नहीं है।भुनेश्वर एनएसडी में तीन साल का डिप्लोमा कोर्स का छात्र होगा।यह डिप्लोमा जो में एमए के समकक्ष होता है। एनएसडी में बॉलीवुड के प्रसिध्द कलाकार फिल्म स्टार राज बब्बर, नसरूद्दीन शाह, अनुपम खेर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे हस्ती यहाँ से जुड़े रहे।

जोगी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के संस्थापक अजीत जोगी की जाति को लेकर सियासी जंग तेज हो गयी है। सोमवार को बिलासपुर कलेक्टर ने बड़ा फैसला लेते हुए हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट को आधार मानते हुए अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है। 28 जून 2017 को हाईपावर कमेटी ने श्री जोगी के जाति प्रमाण पत्र की छानबीन के बाद उनके आदिवासी न होने की रिपोर्ट दी थी। कमेटी के फैसला के छठवें दिन कलेक्टर ने उनके द्वारा बनवाए गए अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रमाण को रद्द कर बड़ा झटका दिया है। श्री जोगी की जाति का प्रकरण हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में 6 साल से चल रहा था। मालूम हो कि दो जुलाई को राज्य शासन ने हाईपावर कमेटी द्वारा दिए गए फैसले की प्रति कलेक्टर कार्यालय को फैक्स के जरिए भेजा था। एक पन्ने के आदेश में कलेक्टर को हाईपावर कमेटी के फैसले के परिप्रेक्ष्य में आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया था। सोमवार को सुबह 10.30 बजे से कलेक्टर के फैसले को लेकर कयास लगना शुरू हो गया था। इसे लेकर कलेक्टोरेट में पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल बना रहा । शाम 4.30 बजे कलेक्टर ने हाईपावर कमेटी के फैसले का हवाला देते हुए श्री जोगी के जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने का खुलासा किया।

बनवाया था जाति का 10 प्रमाण पत्र
श्री जोगी ने वर्ष 1967 में पहली बार पेंड्रारोड तहसील कार्यालय से अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाण पत्र बनवाने आवेदन किया था। उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए तत्कालीन नायब तहसीलदार पतरस तिर्की ने अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाण पत्र जारी किया था। श्री जोगी ने वर्ष 1967 से लेकर वर्ष 2000 तक अनुसूचित जनजाति वर्ग का 10 प्रमाण पत्र बनवाया था। एक जानकारी के अनुसार वर्ष 1963 में उन्होंने इंदौर से भी एक प्रमाण पत्र हासिल किया था।

किंडो ने दो घंटे में जारी किया था प्रमाण पत्र
मरवाही विधानसभा उप चुनाव लड़ने के दौरान बिलासपुर के तत्कालीन अतिरिक्त कलेक्टर एचपी किंडो की अदालत में श्री जोगी ने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था । तब किंडो ने दो घंटे में अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। तब प्रदेश में इसकी चर्चा भी जमकर हुई थी। मालूम हो कि तब श्री जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज थे।

अमित की जाति को लेकर उठने लगे सवाल
श्री जोगी के जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने के बाद मरवाही विधायक अमित जोगी के जाति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस बात की चर्चा है कि जब पिता के जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया गया है तो ऐसी स्थिति में अमित के जाति प्रमाण पत्र की वैधता कैसे होगी।

दो समितियों ने की जांच
श्री जोगी के जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिए दो जांच समिति काम कर रही थी। जाति संबंधी छानबीन समिति ने उनके पूर्वजों के अलावा गांव, परिवार के सदस्य सहित अन्य जानकारियां इकट्ठी कर हाईपावर कमेटी के सुपुर्द किया था। छानबीन समिति की रिपोर्ट के आधार पर हाईपावर कमेटी ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। जांच के बाद चार सदस्यीय हाईपावर कमेटी ने श्री जोगी को आदिवासी मानने से इनकार कर दिया है।

हाईपावर कमेटी के फैसले के परिप्रेक्ष्य में अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया गया है।
पी दयानंद, कलेक्टर

हाईपावर कमेटी का फैसला अंतिम है। इसे स्वीकार्य किया जाना चाहिए। कमेटी के फैसले के बाद असली व नकली आदिवासी का खेल खत्म हो गया है। देर से ही सही अच्छा फैसला आया है।
नंदकुमार साय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अनुसुचित जनजाति आयोग

जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के बाद अब एफआईआर की जानी चाहिए। अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र भी जल्द फैसला होना चाहिए। हाईपावर कमेटी के निर्णय को राज्य सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए।
भूपेश बघेल, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी

जाति के मुद्दे का जो राजनीतिक गुब्बारा मुख्यमंत्री ने फुलाया है उसकी हम न्यायालय में हवा निकाल देंगे। हम रमन सरकार को न्यायालय में घेर कर चारों खाने चित कर देंगे।
अमित जोगी, विधायक, मरवाही

छत्तीसगढ़ी फिल्मों को प्रमोट करें सरकार

रायपुर। देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ की अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ी की विशिष्ट कला-संस्कृति, मीठी बोली भाषा और सबसे बड़ी विशेषता यहां के रहवासियों का भोलापन छत्तीसगढ़ की खासियत है। इन सबको संरक्षित करने में छत्तीसगढ़ी फिल्में अहम भूमिका अदा करती है और छत्तीसगढ़ की पहचान को नया आयाम प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान है। अत: राज्य सरकार को छत्तीसगढ़ी फिल्मों को प्रमोट करना चाहिए और जो समस्याएं है उसका समय रहते निराकरण करना चाहिए। यह कहना है फिल्मकार तपेश जैन का। अब तक चालीस से भी ज्यादा डाक्युमेंट्री फिल्म, टेली फिल्म और शार्ट फिल्में बना चुके श्री जैन पेशे से पत्रकार है और सामाजिक सरोकार से जुड़ी फिल्म निर्माण से उन्हें जाना जाता है। इतना ही नहीं श्री जैन अब तक पांच पुस्तक लिख चुके है और कई इवेंट भी आगेर्नाइज कर चुके है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी तपेश जैन छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति, भाषा बोली और पर्यटन से जुड़े विषय के जानकार है। फिल्मकार श्री जैन का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन सन् 2000 के बाद छत्तीसगढि?ों को बहुत उम्मीदें थी कि अलग राज्य के दर्जे से उनकी विशिष्ट पहचान को संरक्षण मिलेगा लेकिन सत्रह साल बाद भी छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को निराशा ही हाथ लगी। कई बार मांग-ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन के बाद भी राज्य सरकार में अफसरशाही हावी है और बाहरी अधिकारी रोड़ा बने हुए है। क्षेत्रवाद के किसी भी प्रयास को वे पनपने नहीं देना चाहते है इसलिए अच्छे काम में भी बाधा बने हुए है।

छत्तीसगढ़ की गौरी सोशल मीडिया पर हुई फेमस

गौरी राजपूत जो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर की रहने वाली है। अपनी बढ़ती हुई उपलब्धियों से आज कल सोशल मीडिया पर काफी फेमस हो चुकी हैं। स्वभाव से विनम्र और कठिन परिश्रम करने वाली गौरी राजपूत ने अभी कुछ ही सीरियल किये है और उनके नाम के काफी चर्चे होने लगे हैं। गौरी ने मुंबई को अपनी कर्म भूमि बनाया है। अपनी मेहनत की बदौलत उन्होंने काफी कम समय मे बढ़ा मुकाम हासिल किया है। हाल ही में उन्होंने दिल्ली जाकर राष्ट्रीय स्तर की मैगजीन वुमेन्स इरा के कवर पेज के लिए शूट किया है। जल्द ही यह मैगजीन 15 जुलाई तक नजर आएगी। गौरी का मानना है कि जिन बुलंदियों का सपना उन्होंने देखा है। वो उन्हें जल्द ही मिल जाएगी। उनके प्रयासों को उनके परिवार वालो ने समर्थन दिया है। इसी तरह गौरी परिवार वालों और जनता के आशीर्वाद के साथ आगे भी अच्छे काम करके छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश मे रोशन करेगी।

पंकज बेरी तेनाली राम में निभाएंगे तथाचार्य की भूमिका

सोनी सब का ‘तेनाली राम’ जल्द ही एक ऐसा शो बनने वाला है जिसे लोग देखना चाहेंगे। इस शो में पहले से ही बेहतरीन कलाकारों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें अब दिग्गज कलाकार पंकज बेरी भी शामिल हो चुके हैं। वे तथाचार्य का बड़ा ही मजेदार किरदार निभाने वाले हैं। तथाचार्य राजा कृष्णदेवराय के दरबाव में एक राजसी पुरोहित हैं। वो एक चालाक, लालची आदमी है और तेनाली राम का सबसे बड़ा दुश्मन। तेनाली राम से जलना ही उसका काम है और उसका एकमात्र उद्देश्य उसे राजा के दरबार से बाहर निकलवाना है। साथ ही राजशाही खजाने पर भी उसकी नजर है। तेनाली राम हमेशा अपनी बुद्धिमानी से तथाचार्य को परास्त कर देते हैं, जिससे तथाचार्य आगबबूला हो जाता है। तथाचार्य की भूमिका निभा रहे पंकज बेरी ने अपनी भूमिका के बारे में बताते हुए कहा, तथाचार्य की भूमिका निभाने के लिये मैं बेहद उत्साहित हूं। यह बहुत ही अलग तरह की चुनौतीपूर्ण भूमिका है, इसके बावजूद कि यह एक नकारात्मक किरदार है, इसमें कई सारी परते हैं।

कलराज ने बढ़ाया उद्यमियों का उत्साह

नई दिल्ली। माइक्रो स्माल मध्यम इंटरप्राइजेज ने अंतर्राष्ट्रीय माइक्रो स्माल मध्यम इंटरप्राइजेज डे मनाया। इसमें पूरे देश से कारोबारी शामिल हुए। कार्यक्रम में केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री कलराज मिश्रा, गिरिराज सिंह और हरिभाई पाथीर्भाई मौजूद थे। करोबारियों को कैबिनेट मंत्री श्री मिश्रा ने पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया। उत्कृष्ट उद्यमशीलता के आधार पैर इंदौर के आशा कन्फेक्शनरी को द्वितीय सम्मान मिला जिसे श्रीमती आशा दरयानी जी ने ग्रहण किया।

संस्कारों से ही बनती है रिश्तों की बुनियाद

रायपुर। श्री मंगल मानस अनुष्ठान आयोजन समापन के बाद रविवार को वापसी से पहले कुछ साधक परिवारों का आमंत्रण दीदी मां ऋतंभरा अस्वीकार नहीं सकीं। समिति के सदस्य मनोज कोठारी के निवास जब वे पहुंची तो बुजुर्गों के साथ बच्चों व नौजवानों को साथ देखकर खुशी जताते हुए कहा कि संयुक्त परिवार का यह स्नेह अब कहां देखने मिलता है, रिश्तों की बुनियाद संस्कारों से ही बनती है। पौराणिक कथाओं को सुनने या टीवी के माध्यम से देखने का मतलब सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि उससे सीख लेने की आवश्यकता है। देवाधिदेव शंकर यदि अपने पुत्र श्रीगणेश का सिर काट देते हैं तो इसे सिर्फ क्रोध से ही जोड़कर न देखें। चाहते तो वे कटे हुए सिर को जोड़कर भी जीवित कर सकते थे, हाथी के सिर को जोड़ने के पीछे की महत्ता को आप जानते ही है। आधुनिकता के फेर में हम अपने अतीत के संस्कारों व संस्कृति को न भूलें, हमारे बाद यह वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसे आगे बढ़ाये। कोठारी परिवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

देश के छात्रों के लिए मोदी लिखेंगे किताब

नई दिल्ली। अपनी तरह का पहला प्रयास करते हुए वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को समर्पित एक किताब लिखेंगे। इस किताब में मोदी एग्जाम स्ट्रेस, एग्जाम के बाद क्या करें और चरित्र निर्माण जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस ने बताया कि इस किताब को कई भाषाओं में प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही इस किताब के 2019 तक मार्केट में आने की उम्मीद है। किताब में ऐसे कई मुद्दों पर बात होगी, जो सीधे देश के युवाओं से जुड़े हैं। खास तौर पर 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए किताब में काफी कुछ होगा। पीएम को उम्मीद है कि इस किताब के जरिए वह छात्रों के दोस्त बन जाएंगे और एग्जाम की तैयारियों में उनकी मदद भी कर सकेंगे। किताब का मुख्य बिंदु होगा ‘ज्ञान को अंकों से ज्यादा प्राथमिकता देना क्यों जरूरी है’ और ‘भविष्य के लिए कैसे जिम्मेदारियां तय की जाएं’। इस किताब को लिखने का विचार खुद पीएम मोदी की तरफ से आया है। मन की बात कार्यक्रम को मिल रहे बढ़िया रेस्पॉन्स के बाद पीएम मोदी ने उन सभी विचारों को एक किताब के जरिए सबके सामने रखने का मन बनाया है, जो सीधे-सीधे देश के युवा से जुड़े हैं। प्रकाशक की मानें तो पीएम मोदी ने कहा, मैंने ऐसे मुद्दे पर लिखने का फैसला लिया है जो मेरे मन के बेहद करीब है। जो युवाओं को वर्तमान के प्रति जिम्मेदार और भविष्य के लिए सजग बनाता है। ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन नाम का एनजीओ इस किताब में टैक्नॉलजी और नॉलेज पार्टनर है। पेंग्विन इंडिया के सीईओ गौरव श्रीनागेश ने कहा, देश के युवाओं के नाम पीएम मोदी के विचारों को छापना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। इन विचारों के साथ ही पीएम मोदी ने देश को पहले दर्जे में लाकर खड़ा कर दिया है। पेंग्विन इंडिया उनके विचारों को देश और दुनिया तक पहुंचाने के लिए काफी उत्साहित है।

आतंक के खिलाफ आक्रामक होगी सेना

श्रीनगर। हिंसाग्रस्त जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को कुचलने और दोबारा से हालात सामान्य करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार कमर कस चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक मुहिम छेड़ने का फैसला किया है। इसके अलावा, दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय लश्कर और हिज्बुल जैसे संगठनों में जाने की कोशिश कर रहे लोगों को रोकने के लिए भी बड़े स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। पता चला है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों से कहा है कि वे आतंकियों को मिल रहे स्थानीय जनसमर्थन से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाएं। बता दें कि हाल के वक्त में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के एनकाउंटर में लोकल बाशिंदों की ओर से बाधा डालने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ये लोग सुरक्षाबलों पर पथराव करते हैं, जिसकी वजह से आतंकियों को बचकर निकल जाने का मौका मिल जाता है। स्थानीय लोग आतंकवादियों को पनाह देने के अलावा अन्य किस्म की मदद भी कर रहे हैं, जिसकी वजह से गृह मंत्रालय काफी चिंतित है। बता दें कि केंद्र सरकार का ताजा सख्त रुख ऐसे वक्त में सामने आया है, जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार के पास कश्मीर मुद्दे का ‘स्थाई हल’ निकालने के लिए ‘ठोस रणनीति’ है। आतंकवाद से निपटने के लिए अब केंद्र सरकार ने तीन सूत्री रणनीति अपनाई है। ये हैं- आतंकियों के खिलाफ जोरदार अभियान, लेखकों और पत्रकारों पर लगाम और अलगाववादियों पर सख्ती। टॉप सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार राज्य के गवर्नर एनएन वोहरा से कह सकती है कि वह आतंकियों के खिलाफ अभियानों की सीधी निगरानी करें। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां सूबे की सीएम महबूबा मुफ़्ती को तभी जानकारी देंगी, जब आतंकियों के खिलाफ एनकाउंटर छेड़ना हो। बता दें कि सीएम के पास ही राज्य का गृह विभाग है। इसके अलावा, वह सुरक्षा एजेंसियों के यूनिफाइड हेडक्वॉर्टर की मुखिया भी हैं।