Daily Archives: July 9, 2017

देश का लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़देश का लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़

रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है जीएसटी लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में देश का लॉजिस्टिक हब बनने की प्रबल  संभावना है। भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य भाग में स्थित होने के कारण छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता वस्तुओं का निर्माण करने वाली कंपनियां गोदामों का निर्माण करवा सकती है। और यहां से कुछ ही घंटो में देश के किसी भी हिस्से में माल पहुंचाया जा सकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री जेटली रविवार को राजधानी रायपुर में वस्तु एवं सेवाकर कानून पर एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की। कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्यिक-कर और जीएसटी विभाग द्वारा किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री श्री जेटली ने कहा कि जीएसटी परिषद में देश के सभी राज्य सदस्य हैं। इस परिषद की बैठकों में छत्तीसगढ़ राज्य की भूमिका सबसे ज्यादा सक्रिय और सराहनीय थी। जीएसटी परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णयों में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से प्रस्तुत सुझावों का महत्वपूर्ण योगदान था।  श्री जेटली ने कहा कि जीएसटी से देश, व्यापार, निर्माता, व्यापारी और आम जनता सभी को लाभ मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय से जुड़े लोग जितनी जल्दी से इस आॅनलाईन प्रणाली को समझ लेंगें। जीएसटी प्रणाली आॅनलाईन होने के कारण अधिकारियों का हस्तक्षेप कम होगा। जीएसटी में जितना राजस्व संकलन होगा उतना ही प्रदेश के विकास के लिये धन उपलब्ध होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने जीएसटी की बारीकियां बताते हुए इसके संबंध में भ्रांतियों को दूर किया। आर्थिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने जीएसटी कानून लागू करवाया। इससे देश के आर्थिक एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में अरूण जेटली ने जीएसटी को लागू करने भारत की क्षेत्रीय विविधता, अलग-अलग राज्य एवं अलग-अलग विचारधारा की सरकारों के मध्य सामंजस्य बनाने का अद्भुत कार्य किया है।  डॉ. सिंह ने कहा – जीएसटी के लागू होने से हिंदुस्तान और छत्तीसगढ़ में नये आर्थिक युग की शुरूआत हुई है। एक देश, एक बाजार और एक टैक्स की परिकल्पना साकार होने से देश का आर्थिक रूप से एकीकरण हुआ है। इसके फलस्वरूप देश की जीडीपी बढ़ेगी, उद्योग और व्यापार में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने जीएसटी काउंसिल की बैठकों में छत्तीसगढ़ और देश के लोगों की भावनाओं को देखते हुए आर्थिक विषयों को मजबूती से रखने के लिये प्रदेश के वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल की प्रशंसा की।

गुरू पूर्णिमा पर गोपाल मंदिर में पादुका पूजन

रायपुर। पुरानी बस्ती स्थित श्रीराधाकृष्ण गोपाल मंदिर में रविवार को गुरू पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। इस दौरान आशीर्वाद लेने पहुंचे करीब एक हजार शिष्यों को महंत गोपालशरण देवाचार्य ने गुरू के महत्व को बताते हुए स्वामी श्रीटीकमाचार्यजी के अनुभवों को साझा किया। इसके बाद कई भक्तों ने महंत गोपालशरण जी से गुरूमंत्र भी लिया। दोपहर 12 बजे भगवान की शरणागति पर प्रवचन शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे आरती की गई। इसके बाद सभी भक्तों और शिष्यों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया था।

‘कोडार’ बांध के डेम सेफ्टी प्रोजेक्ट में 1.51 करोड़ का फर्जी भुगतान

रायपुर। जल संसाधन विभाग द्वारा महासमुंद जिले में शहीद वीर नारायण सिंह ‘कोडार’ बांध के डेम सेफ्टी प्रोजेक्टर में करोड़ो का घोटाला सामने आया है। इसका खुलासा सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी से हुआ है। प्रमुख अभियंता एचसी कुटारे ने इस मामले की शिकायत के उपरान्त उड़न दस्ता दल भेजकर मामले की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में पूरा मामला सामने आने के बाद भी अब अन्तिम रिपोर्ट प्रमुख अभियंता कार्यालय में दबाकर रखी गयी है। जिसके कारण पिछले करीब डेढ़ साल से दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अगर साफ-साफ कहा जाये तो सच यह है कि किसी ‘प्रभावशाली’ व्यक्ति के दबाव में रिपोर्ट दबा कर रखी गई है। इस घोटाले की पृष्ठभूमि गलत इस्टीमेट तैयार कर और बांध अपस्ट्रीम में पिंचिंग कार्य की काल्पनिक माप दर्ज कर तैयार की गई है। इसी आधार पर एक करोड़ 51 लाख 56 हजार 890 रुपए का फर्जी भुगतान कराया गया है। कार्य विभाग में गहरी पैठ जमा बैठे ठेकेदार सुनील अग्रवाल द्वारा कराया गया है।
ऐसे समझें घोटाला करने का पूरा मामला

यह अधिकारी है जिम्मेदार
–तत्कालीन उप अभियंता- आरएस माली
–अनुविभागीय अधिकारी- एके खरे
–तत्कालीन कार्यपालन अभियंता – दिनेश कुमार भगोरिया
–तत्कालीन अधीक्षण अभियंता- एसके भागवत
–तत्कालीन मुख्य अभियंता- आरएन दिव्य

इन्होंने कराया फर्जी भुगतान
–तत्कालीन उपअभियंता- आरएस माली
–अनुविभागीय अधिकारी- एके खरे
–तत्कालीन कार्यपालन अभियंता- दिनेश कुमार भगोरिया
–वर्तमान कार्यपालन अभियंता- पीके आनन्द

रायबरेली कांड पर घिरे स्वामी, ब्रजेश पाठक ने खोला मोर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में पांच लोगों की हत्या के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार के दो मंत्री ही आमने-सामने आ गए हैं। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ ब्रजेश पाठक ने मोर्चा खोल दिया है। ब्रजेश पाठक ने स्वामी प्रसाद मौर्या को ऊंचाहर में पांच लोगों की हत्या के मामले में हत्यारों का ‘संरक्षक’ बताया है। ऊंचाहार में जमीन पर कब्जे के विवाद में तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। दो लोगों को गाड़ी में जिन्दा जला दिया गया था। इस हत्याकांड के कई दिनों बाद योगी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद ने जो कुछ कहा है वो हैरान करने वाला है। स्वामी प्रसाद मौर्या ने कुशीनगर में रायबरेली नरसंहार पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जो मारे गए वो किराये के गुंडे थे। उनपर अलग-अलग थानों में केस दर्ज हैं। ग्रामीणों ने जिनको पीट-पीटकर या जलाकर मार डाला, वो गुंडे थे। सभी के सभी किराये के गुंडे थे जो प्रतापगढ़ और फतेहपुर से आये थे। मौर्या ने इनको गंभीर अपराधों में वांछित बताया। उन्होंने कहा कि मारे गए गुंडों को शहीद बताया जा रहा है। इसको लेकर सपा और कांग्रेस राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों की हत्या नहीं हुई अपराधियों की हत्या हुई। अब स्वामी प्रसाद के बयानों की कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वामी प्रसाद के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने स्वामी प्रसाद पर सीधा निशाना साधा है। पाठक ने कहा कि अपराधी को संरक्षण देने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। नरसंहार के आरोपियों को संरक्षण देना गलत है। पाठक ने स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि स्वामी के बयान को पुलिस संज्ञान में ले। उन्होंने कहा कि नरसंहार के आरोपियों को संरक्षण देना गलत है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि पहुंच वाले अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे प्रकरण पर अब स्वामी प्रसाद मौर्या घिरते नजर आ रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्या के आरोप बेबुनियाद साबित हो रहे हैं। अभी तक की जांच में मारे गए पांचों लोगों का अपराधिक इतिहास नहीं पाया गया है। मारे गए लोगों की कोई हिस्ट्रीशीट नहीं है। कौशाम्बी और प्रतापगढ़ पुलिस की रिपोर्ट कम से कम यही दशार्ती है।
लखनऊ में स्वामी के खिलाफ प्रदर्शन
रायबरेली में पांच लोगों की हत्या के विरोध में 9 जुलाई को लखनऊ में सैकड़ों ब्राह्मणों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ब्राह्मण संघ के सदस्य सड़क पर लेट गए। विधान सभा का घेराव करने जा रही भीड़ को जीपीओ के सामने पुलिस ने रोक लिया। ब्राह्मण संघ की मांग है कि स्वामी प्रसाद मौर्या को मंत्री पद से को हटाया जाये। उन्होंने कहा कि अगले 8 दिनों में अगर कार्रवाई नहीं की गई तो ये आंदोलन प्रदेश स्तर पर किया जायेगा। ब्राह्मण समाज ने पांचों पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने के साथ पांचों परिवारों को 50-50 लाख रुपए की की आर्थिक सहायता देने की मांग करने के साथ जघन्य हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की।