Daily Archives: July 10, 2017

सर्वेश्वर एनीकट : पीसवर्क के आदेश पर हुआ फर्जी भुगतान

रायपुर । छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग के हसदेव बैराज जल प्रबंध संभाग कोरबा के सर्वेश्वर एनीकट के लिए शासन के आदेश की अवहेलना कर पीसवर्क का गलत तरीके से आदेश जारी करने और कागजों मे सर्वे कर लाखों रूपयों का फर्जी भुगतान करने का आरोप सामने आया है। आरटीआई कार्यकर्ता अमरनाथ अग्रवाल ने बताया कि हसदेव बैराज जल प्रबंध संभाग कोरबा के कार्यपालन अभियंता ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अधीक्षण अभियंता से अनुमति लिये बिना 80 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक का पीसवर्क का आदेश जारी किया। यह आदेश जी श्रीनिवास, पीताम्बरा कंट्रक्शन, संजय गौड, विनय कुमार, पी एल नायडू, सहित कुछ अन्य ठेकेदारो के नाम पर ट्रायल पिट खुदाई के लिए कथित रूप से जारी किये गये। ठेकेदारों को कार्यादेश की प्रतियां नही दी गयी है। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के जिस ठेके को प्रदेश के ठेकेदार 40 से 45 करोड़ रुपए मेंं करने पर राजी थे, उसी ठेके को विभाग के अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदार को 53 करोड़ रूपए में दे दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब इसकी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से की गई। दो महीने की जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने गड़बड़ी मानते हुए विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अनियमितता का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के सर्वेश्वर एनीकट के लिए जल संसाधन विभाग ने टेंडर जारी किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में पद का दुरूपयोग करते हुए मुख्य अभियंता आर एन दिव्य, अधीक्षण अभियंता बी आर लाड़िया और कायऱ्पालन अभियंता मधुकर कुम्हारे ने षडयंत्र पूर्वक कुछ ठेकेदारों को अपात्र घोषित कर नागपुर की कंपनी डी. ठक्कर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया।

जतमई के पास विकसित होगा औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र

रायपुर। राजधानी रायपुर के नजदीक गरियाबंद जिले में स्थित प्रसिद्ध प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल ‘जतमई’ के आसपास का लगभग 200 हेक्टेयर (500 एकड़) रकबा औषधीय पौध संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह ने गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर जतमई में आयोजित कार्यक्रम में औषधीय प्रजाति का पौधा लगाकर इस परियोजना का शुभारंभ किया। बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा ने शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता की। महासमुन्द लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंदूलाल साहू और छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जतमई में पारम्परिक हर्बल उत्पाद केन्द्र का शुभारंभ भी किया गया। राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि औषधीय पौधा संरक्षण क्षेत्र के लिए ऐसे क्षेत्रों का चयन किया जाता है, जहां विलुप्त प्रजाति के औषधीय पौधे हैं। इन क्षेत्रों में परम्परागत चिकित्सा की पद्धति का चलन पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रही है। उन्होंने बताया कि जतमई क्षेत्र में जलप्रपात होने के कारण जलीय व पथरीली औषधीय प्रजातियों को पौधे पाए जाते हैं।

महाराणा प्रताप की जीवनगाथा समाज के लिए प्रेरणादायक

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि महाराणा प्रताप की जीवनगाथा आज भी देश और समाज के लिए प्रेरणादायक है। महाराणा प्रताप ने राष्ट्र की आजादी की रक्षा के लिए तलवार के जरिए संघर्ष किया था। आज के समय में हम सबको देश की तरक्की के लिए शिक्षा और कौशल जैसे हथियारों के जरिए आगे बढ़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने रविवार की शाम यहां महाराणा प्रताप के प्रतिमा अनावरण और स्वर्गीय ठाकुर विघ्नहरण सिंह की स्मृति में निर्मित राजपूत भवन का लोकार्पण करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने टाटीबंध चौक में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। डॉ. सिंह ने इस मौके पर निकटवर्ती ग्राम सरोना में निर्मित राजपूत भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सरोना में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा – यह ऐतिहासिक अवसर है, जब हमारे देश के महानायक और महान योद्धा महाराणा प्रताप की विशाल प्रतिमा यहां पर स्थापित की गई है। डॉ. सिंह ने कहा-यह प्रतिमा न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक होगी। यह उन दिनों की याद दिलाएगी, जब महाराणा प्रताप ने 12 वर्ष तक मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया और मृत्यु पर्यंत उनके आगे अपना सिर नहीं झुकाया। महाराणा प्रताप की सेना में सभी समाजों के 20 हजार लोग सैनिक के रूप में शामिल थे। महाराणा प्रताप ने उनका नेतृत्व किया और तमाम कष्ट सहते हुए संघर्ष के पथ पर आगे बढ़ते रहे। उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। उनकी जीवनगाथा देश और समाज के लिए प्रेरणादायक है। डॉ. सिंह ने कहा – महाराणा प्रताप ने तलवार के जरिए अपने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया था। आज हमारे पास कौशल और शिक्षा का हथियार है, जिनकी सहायता से पूरे देश और प्रदेश को तरक्की की राह पर आगे बढ़ा सकते हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर स्वर्गीय ठाकुर विघ्नहरण सिंह ने इस राजपूत समाज की इस भवन की कल्पना की थी, वह आज साकार हो गया। यह भवन सभी के लिए उपयोगी होगा। विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा- आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। महाराणा प्रताप ने मातृ भूमि के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों का भी न्यौछावर कर दिया। हम सब उन्हें नमन करते हैं। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन बड़ा गौरवशाली है, क्योंकि गुरू पूर्णिमा के अवसर पर देश के महानायक महाराणा प्रताप की मूर्ति राजधानी के महत्वपूर्ण स्थान पर स्थापित की गई है। इस प्रतिमा से पूरे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। आज हमें जीने की आवश्यकता है, ताकि देश के लिए हम सब कुछ योगदान कर सके। इस अवसर पर नेताप्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव, सांसद और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदम्बिका पाल तथा सांसद और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिवंश सिंह ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, लोकसभा सांसद अभिषेक सिंह, राज्य सभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव, संसदीय सचिव राजू क्षत्रिय, बेमेतरा के विधायक अवधेश चंदेल, महापौर प्रमोद दुबे, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह और युवा आयोग के अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव भी उपस्थित थे। उनके अलावा राजपूत क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ठाकुर होरीसिंह डौड, राजपूत नि:स्वार्थ सेवा संघ महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती इला कल्चुरी और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अवधेश सिंह गौतम भी मौजूद थे।

जल्द अपने स्थान पर लौटेंगी जल की देवी मौली माता

रायपुर। प्रदेश के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मौली माता मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों को आश्वस्त किया है कि जल की देवी मौली माता जल्द ही अपने स्थान पर लौटेंगी। समिति के सदस्यों ने मंदिर व सामुदायिक भवन हेतु तेलीबांधा तालाब के समीप ही जगह उपलब्ध कराने की मांग रखते हुए प्रस्ताव पत्र सौंपा। समिति में सभी वर्ग के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति के मीडिया प्रभारी संतोष साहू ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि तेलीबांधा सौंदर्यीकरण के दौरान तेलीबांधा रोड पर स्थित मौली माता मंदिर एवं संबद्ध भवन को तोड़कर हटाया गया था,आसपास के हटाये गए लोगों का व्यवस्थापन हो गया लेकिन माता की मंदिर का अभी तक व्यवस्थापन नहीं हो पाना काफी दुर्भाग्यजनक है, जबकि इस संबंध में कई बार प्रशासन व निगम को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। श्री अग्रवाल के समक्ष मांग रखते हुए अवगत कराया गया कि तेलीबांधा तालाब के किनारे कार्निवाल रेस्टोरेंट के पीछे खाली स्थान पर यूको बैंक के समीप 1500 वर्ग फुट जमीन पट्टे पर उपलब्ध कराए जाने के लिए समिति की ओर से प्रस्ताव पारित किया गया है। उनसे यह भी अनुरोध किया गया कि व्यक्तिगत रूचि लेकर यदि निगम एमआईसी से उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दिलवाकर राज्य शासन के समक्ष मंगवाया जाता है तो प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। श्री अग्रवाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि जल्द ही वे पहल करेंगे। समिति के सदस्यों में रमेश मोदी, राजीव अग्रवाल, सच्चिदानंद उपासने, विजय अग्रवाल, सूर्यकांत राठौर, कौशल किशोर मिश्रा, अनिल पुसदकर, प्रकाश शर्मा, सालिक सिंह ठाकुर, सोनू सलूजा, संटी चावला, दीपक पांडे, मोहन तिवारी, गिरीश दुबे, भावेश दुबे, सनद साहू, अमित सिंह, लीलाधर साहू, योगी अग्रवाल, डा. सलीम राज, हरपाल सिंह, पंकज मिश्रा, राजेश अग्रवाल, कृष्णा अवधिया व अन्य शामिल थे।

सड़क पर बृजमोहन ने चलाया ई रिक्शा

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने़ अपने आवास में आयोजित कार्यक्रम में शासन की ई रिक्शा योजना के तहत सोमवार को 20 हितग्राहियों को ई रिक्शा की चाबी सौंपी। इस दौरान श्री अग्रवाल स्वयं ई रिक्शा चलाया। वे जिला भाजपा अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और उपस्थित आमजनों को रिक्शा में बिठाकर शंकर नगर क्षेत्र की सड़कों पर निकले। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन की ई रिक्शा योजना राज्य के श्रम विभाग द्वारा संचालित है। जिसके तहत पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार प्रदाय करने के मकसद से 30 प्रतिशत सब्सिडी में यह ई रिक्शा प्रदान किया जा रहा है। 10 हजार डाउन पेमेंट पर 1 लाख 30 हजार कीमत का यह ई रिक्शा हितग्राही को दिया जा रहा है। इस संबंध में कृषि एवं सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी योजना में हमारे रायपुर शहर को चुना है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि अपने शहर को बेहतर बनाये। इसके लिए शहर को धूल और धुंए से मुक्त करने का हम प्रयास कर रहे है। बैटरी चलित यह ई रिक्शा पर्यावरण शुद्धता की दृष्ठि से अच्छा है। पेट्रोल की बचत के साथ कम खर्च में यह चलता है। इस अवसर पर उन्होंने शहर के आॅटो चालकों से भी आग्रह करते हुए कहा कि वे भी ई रिक्शा लेकर चालाये तो हम अपने शहर के वातावरण को काफी हद तक शुद्ध बना सकते है। इस मौके पर जिला बीजेपी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल,बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष डॉ सलीम राज, बीजेपी जिला कोषाध्यक्ष योगी अग्रवाल,निगम जोन 6 अध्यक्ष सालिक सिंह ठाकुर, मंडल भाजपा अध्यक्ष चूड़ामणि निर्मलकर,पार्षद यादराम साहू,जीव जंतु बोर्ड के सदस्य केके अवधिया, विजय व्यास,मुकेश गंगवानी,मंडल अध्यक्ष विनय ओझा, रवि भूते,ओमप्रकाश देवांगन,जय प्रकाश देवांगन,रंगा मुदलियार आदि उपस्थित थे।
इन्हें प्राप्त हुआ ई रिक्शा
शासन की योजना के तहत अजय तिवारी, सुनीता साहू, सूरज साहू ,उत्तम यादव, पिंकी भूते, आरिफ साह, हबीब अली खिलावन दास मानिकपुरी ,लंबू सोना, प्रमिला पाल, नेतराम वर्मा , बसंती यादव, रूबी ढीमर अल्फिया खान ,रामेश्वर यादव ,कैलाश नायक, शारदा साहू ने आज ई रिक्शा प्राप्त किया है।

मानस को सिर्फ कथा के रूप में न सुने, आत्मसात भी करें

रायपुर। श्रीराम कथा समापन दिवस पर संत राजीवनयन ने श्रद्धालुओं से कहा कि उन्होंने सात दिनों तक केवल कथा तो नहीं सुनी, कुछ आत्मसात किया? यदि नहीं तो आपके कथा श्रवण का कोई मतलब नहीं निकला। वैसे तो हम सब के घर-घर में भी कथा और व्यथा है लेकिन यहां आप प्रभु राम की कथा सुन रहे थे जो कि साक्षात उनका घर है। धरती पर कल्पनाओं को साकार करने वाली कल्पवृक्ष है श्रीरामचरित मानस, इसलिए कुछ तो ग्रहण करके जाएं ताकि आप, आपका परिवार व समाज उन आदर्शों के बताये राह पर चल सकें। उनके कानों की तुलना सर्प के बिल से की जिन्होने अभी तक श्रीरामकथा नहीं सुनी। वृद्धसेवाश्रम महादेवघाट में श्रीराम कथा के अंतिम दिन उन्होने बताया कि प्रभु की निकटता पाना हो तो हनुमान जैसा सेवक बनना पड़ेगा, उनके जैसा कर्म करना होगा। मानस के एक प्रसंग को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि संजीवनी लाने पर भगवान राम जिस प्रकार हनुमान को हृदय से लगा लेते हैं वह एक अद्भुत क्षण था। भगवान किसी को हृदय से लगाते हैं तो इसका अर्थ यह हुआ कि उन्होने उसे अपने ह्दय में स्थापित कर लिया है। गृहस्थ लोगों को आगाह करते हुए कहा कि कलयुग में आज जगह-जगह रावण मिलेंगे, अनाचार बढ़ गया है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत हमें भी है। माताओं-बहनों का आज भी अपहरण हो रहा है पर नहीं है तो श्रीराम के विचार और आदर्श, इसलिए आज के समय में श्रीराम कथा की महत्ता और भी ज्यादा बढ़ जाती है। कुछ सूक्ष्म अंश का अनुसरण ही कर लिया तो विचार बदल जाएंगे, सद्गुण आ जाएगा, समाज सुधर जाएगा। पराई वस्तु हो या जीव हरण करने का विचार मन में लाना भी पशुता की निशानी है। मानस जैसे धर्मग्रंथों का घर-घर में होने की बात संतों की ओर से इसीलिए तो कही जाती है, पढने नहीं केवल घर में रखने मात्र से ही विचार सुधर जाते हैं। संत राजीवनयन ने कहा कि कल्पनाओं को साकार करने वाली कल्प वृक्ष के समान है रामचरित मानस,इनके श्रवण व पठन से आत्मिक सुख मिलती है। जितने सरल भगवान राम है उतने ही सरल ढंग से तुलसीदास ने मानस की रचना की है। श्रीराम के साथ सीता जी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन से लेकर हर पात्र एक दूसरे के पूरक हैं। श्रीराम के घर मानस में प्रवेश करने के लिए सबसे पहले हमें अपनी बुद्धि सुधारनी होगी। इसलिए जहां पर भी श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत कथा या अन्य कोई धर्म प्रासंगिक आयोजन हो तो जरूर पहुंचे और सिर्फ सुने ही नहीं जीवन में आत्मसात भी करें।

प्रवर्तन निदेशालय ने मीसा को तलब किया

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरजेडी सांसद मीसा भारती को समन जारी किया है। इसने 8,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनके और उनके पति के खिलाफ हाल ही में छापा मारा था। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी मीसा को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मंगलवार को यहां पेश होने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि मीसा को उनके निजी वित्तीय लेन-देन सहित कुछ दस्तावेज भी लाने के लिए कहा गया है। उनके पति शैलेश कुमार को भी इस मामले में तलब किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि फर्जी कंपनियों की संलिप्तता वाली मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 8 जुलाई को केंद्रीय जांच एजेंसी ने मीसा, शैलेश के दिल्ली स्थित तीन परिसरों और उनसे संबद्ध एक कंपनी पर छापा मारा था। भ्रष्टाचार के एक मामले में एक दिन पहले ही सीबीआई ने आरजेडी प्रमुख और उनके परिवार के कई परिसरों में छापा मारा था। मीसा, उनके पति के नाम से पंजीकृत तीन फार्म हाउसों और मिशैल प्रिंटर्स ऐंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में ईडी ने तलाशी ली। मीसा और उनके पति इस कंपनी के अतीत में कथित तौर पर निदेशक थे। ED अब मीसा से पूछताछ करना चाहता है और जब्त किए गए दस्तावेजों के बारे में भी उनसे पूछताछ करना चाहता है। ताजा समन और तलाशी 8,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबद्ध है जो ईडी ने दिल्ली आधारित कारोबारी बंधु- सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन और अन्य के खिलाफ की है। इन्होंने 90 फर्जी कंपनियों के जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये के काले धन को सफेद किया है।