Daily Archives: July 12, 2017

सेवा सत्यापन के नाम पर दैनिक वेतनभोगी कर्मियों का हो रहा उत्पीड़न

–जल संसाधन संभाग महासमुंद का मामला गरमाया
रायपुर। जल संसाधन विभाग के महासमुंद संभाग कार्यालय में सेवा सत्यापन के नाम पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। राज्य कर्मचारी महासंघ ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और महासमुंद के कलेक्टर से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद किया जाय। संघ के अध्यक्ष मोहन लाल मालेकर ने कलेक्टर को सौंपे गये ज्ञापन में कहा है कि महासमुंद संभाग के कार्यपालन अभियंता पीके आनंद और सहायक वर्ग-2 स्थापना लिपिक के द्वारा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अर्धवार्षिकीय आयु पूर्ण होने की बात कहकर 52, 57 और 59 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त कर दिया गया। संघ ने इसकी शिकायत की तो कार्यपालन अभियंता ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर 4 अप्रैल 2017 को निरस्त कर दिया दिया और तीनों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पुन: काम पर रखने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद कार्यपालन अभियंता द्वारा सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। जबकि यह सभी दस्तावेज सेवा में आने के समय विभाग के कार्यालय में दिया जा चुका है। ऐसा करके कार्यपालन अभियंता द्वारा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को मानसिक रुप से परेशान किया जा रहा है। संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को मानसिक रुप से परेशान किए जाने पर रोक लगाये जाने की मांग की गई है।

एससी/एसटी वर्ग के लोगों को मिले योजनाओं का समुचित लाभ

बिलासपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की और कहा कि इन वर्ग के लोगों के लिए संचालित योजनाओं का समुचित लाभ उन्हें मिले। श्री साय ने विभिन्न कार्यालयों में अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए रिक्त पद, पदोन्नति में आरक्षण के रोस्टर का पालन हो रहा है या नहीं इसके बारे में जानकारी ली। श्री साय ने कहा कि शौचालय निर्माण में खानापूर्ति न हो, देखने में आता है कि शौचालय बनते हैं और खाली पड़े रहते हैं। शौचालय बनाने के अलावा लोगों को उपयोग करने के लिए जागरूक करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जाति को लेकर हिन्दी एवं अंग्रेजी में स्पेलिंग के चलते भ्रम की स्थिति है। इस प्रकार के भ्रम की स्थिति लगभग 20 जनजातियों में है। जिले के पेण्ड्रा, मरवाही क्षेत्र में पाव जनजाति का जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है, जबकि सूची में इस जाति का नाम है, इस पर ध्यान देने कहा। इसी प्रकार पठारी जनजाति के लोगों को भी जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही समस्या को दूर करने कहा।

पुनिया बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद बुधवार को आखिरकार कांग्रेस के नये प्रदेश प्रभारी की घोषणा कर दी गई। अब पीएल पुनिया छत्तीसगढ़ के नये कांग्रेस प्रभारी होंगे। एआईसीसी ने छत्तीसगढ़ के नये प्रभारी के नाम का ऐलान कर दिया है। एआईसीसी के कई शीर्ष पदों में पुनिया रह चुके हैं। इससे पहले बीके हरिप्रसाद के हटने को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही थी। पीएल पुनिया राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वहीं कमलेश्वर पटेल और अरूण उरांव को पार्टी का सचिव बनाया गया है। पीएल पुनिया राहुल गांधी के बेहद ही करीब माने जाते हैं। गांधी परिवार के विश्वस्त लोगों में से एक पीएल पुनिया का नाम है। 1970 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायर होकर पुनिया ने सियासत की दुनिया में कदम रखा। पुनिया उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं । राज्यसभा सदस्य के अलावे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भी पुनिया रहे हैं। पीएल पुनिया यूपीए के कार्यकाल में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

 

धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा पर हो रहा आधात

रायपुर। यूपीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के विधायक और सांसदों से समर्थन मांगा। इसके लिए वह अपरान्ह करीब साढ़े तीन बजे बेटे अंशुल के साथ रायपुर पहुंची। यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से मुलाकात की। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी और छत्तीसगढ़ के प्रभारी भक्त चरणदास भी मौजूद रहे। मीरा कुमार ने छत्तीसगढ़वासियों की समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि वर्तमान में देश में धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा के साथ आघात किया जा रहा है। दलित, आदिवासी और कमजोरों पर अत्याचार किया जा रहा है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। उनकी आवाज उठाने के लिए ही वह देश के सर्वोच्च पद पर शुरू हुई निर्वाचन प्रक्रिया में उम्मीदवार बनी हैं। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और समर्थन दे रहे सभी दलों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि देश के सभी सांसद और विधायकों को उन्होंने पत्र भेजकर समर्थन करने की अपील किया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव समेत पार्टी के सभी नेता मौजूद रहे।
रेणु जोगी को दिया सम्मान
मीरा कुमार के समर्थन के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस से बगावत कर नई पार्टी बनाने वाले अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी भी उपस्थित रहीं। मीरा कुमार ने उनका अपने संबोधन में सम्मान किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने भी उनका नाम बड़े ही आदर के साथ लिया।
राय और कौशिक नहीं आये
कांग्रेस से बगावत कर जोगी कांग्रेस में शामिल विधायक आरके राय और सियाराम कौशिक मीराकुमार के समर्थन के लिए आयोजित बैठक में शामिल नहीं हुए। दोनों विधायकों ने कहा है कि वे राष्ट्रपति के चुनाव में अन्तरआत्मा की आवाज पर वोट डालेंगे। इससे पहले एक ट्वीट कर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के व्यक्तित्व की सराहना की थी।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को मिलेगी रोजगार के अवसरों की जानकारी

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य की युवा नीति का प्रारूप तैयार किया गया। मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय में इसे लेकर उच्च स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। राज्य योजना मंडल द्वारा प्रदेश के युवाओं के विचार एवं सुझाव तथा देश के विभिन्न राज्यों की युवा नीति का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ युवा नीति प्रारूप तैयार किया गया है। युवा नीति में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की जानकारी देने तथा कैरियर मार्गदर्शन देने के लिये युवा पोर्टल तैयार करने का प्रस्ताव किया गया है। स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन शैली पर विशेष जोर देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओपन जिम प्रारंभ करने का प्रावधान किया गया है। नये विश्वविद्यालयों और नई उच्च शिक्षण संस्थाओं के आसपास निजी भागीदारी से टाउनशिप बसाने का प्रस्ताव दिया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हायर सेकेंडरी स्कूलों के बच्चों को कैरियर मार्गदर्शन देने के लिये महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और कैरियर मार्गदर्शकों की टीम स्कूलों में भेजने के निर्देश दिये।

प्रारूप एक नजर में
—बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, डेयरी और पोल्ट्री का मिलेगा प्रशिक्षण।
—युवाओं को सेना, अर्ध सैनिक बलों और पुलिस बल में भर्ती के लिये प्रशिक्षण दिया जाएगा।
—आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये निवेशक सम्मेलनों के आयोजन किए जाएंगे।
— बाजार में काम करते हुए सीखे हुनर को मान्यता प्रदान करने के लिये मान्यता प्रणाली तैयार किये जाने का प्रावधान होगा।
— अस्थायी दुकान और ठेलों के माध्यम से लघु व्यवसाय करने वालों को सोलर लालटेन प्रदान की जाएगी।
—इंटरनेट और संचार तकनीक के माध्यम से कृषि कार्य में लगे युवाओं को कृषि तकनीक और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी।

हर गांव में होंगे युवा विकास केंद्र
हर ग्राम पंचायत में विवेकानंद के नाम पर युवा केंद्र खोला जाएगा। यह एक तरह से युवाओं के लिए रिसोर्स सेंटर होगा। इसमें युवाओं को आईटी, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की काउंसलिंग की जाएगी। युवा जिस तरह अवसाद के शिकार हो रहे हैं, यह केंद्र उन्हें मोटिवेट करने का भी काम करेगा। इसके कांसेप्ट से सीएम खुश हुए। उन्होंने कहा कि हर रविवार को इस केंद्र में युवाओं से संबंधित कार्यक्रम रखे जाएं।

ग्यारह जिलों में नये नवोदय विद्यालय स्वीकृत
केन्द्र सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आग्रह को स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़ में ग्यारह जिलों में नये नवोदय विद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान कर दी है। ये नवोदय विद्यालय बालोद, नारायणपुर, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा (अम्बिकापुर), बलरामपुर, बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, गरियाबंद और बलौदाबाजार जिलों में शुरू किए जाएंगे। इन्हें मिलाकर राज्य के सभी 27 जिलों में नवोदय विद्यालयों की संख्या 28 हो जाएगी। सुकमा जिले में दूसरा नवोदय विद्यालय मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के ग्यारह जिलों में नये नवोदय विद्यालयों की स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के प्रति आभार प्रकट किया है।

दोषियों के विरुद्ध तैयार आरोप पत्र शासन को नहीं भेज रहे ENC

–शहीद वीर नारायण सिंह ‘कोडार’ डेम सेफ्टी प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार का मामला
रायपुर। जल संसाधन विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपियों को ‘प्रभावशाली’ लोगों के दबाव में आकर प्रमुख अभियंता एचसी कुटारे द्वारा बचाया जा रहा है। ऐसे में शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को खुली चुनौती दी जा रही है। महासमुंद जिले में शहीद वीर नारायण सिंह ‘कोडार’ डेम के सेफ्टी प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार मामले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध तैयार आरोप पत्र को प्रमुख अभियंता कार्यालय में दबा दिया गया है। ऐसे में दोषियों के विरुद्ध पिछले एक साल से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस मामले में प्रमुख अभियंता द्वारा स्पष्ट जानकारी न देकर गोल-मोल जवाब दिया जा रहा है। कोडार डेम के सेफ्टी प्रोजेक्ट का काम अ-5 वर्ग के ठेकेदार सुनील अग्रवाल द्वारा कराया गया था। इस कार्य में गलत इस्टीमेट तैयार कर और काल्पनिक माप दर्ज कर 1.51 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान कराया गया। शिकायत पर उड़न दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो आरोप सही पाया गया। उड़नदस्ते की रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख अभियंता एचसी कुटारे ने 19 अगस्त 2016 को जल संसाधन विभाग के सचिव को पत्र भेजकर तत्कालीन उप अभियंता आरएस माली, अनुविभागीय अधिकारी एसके खरे, कार्यपालन अभियंता पीके आनंद और तत्कालीन कार्यपालन अभियंता दिनेश कुमार भगोरिया के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की। 8 सितंबर 2016 को विभाग के अवर सचिव अनिल कुमार शर्मा ने प्रमुख अभियंता को पत्र भेजकर सप्ताह भर के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अवर सचिव के निर्देश के बाद 22 सितंबर को प्रमुख अभियंता श्री कुटारे ने मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार को सप्ताह भर के भीतर आरोप पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने 10 अक्टूबर 2016 को प्रमुख अभियंता को आरोप पत्र उपलब्ध करा दिया। इसके बाद से कार्रवाई ठप पड़ गयी। प्रमुख अभियंता कार्यालय से आरोप पत्र शासन को नहीं भेजा जा रहा है। इस संबंध में प्रमुख अभियंता से बात की गई तो वह सीधे कोई जवाब नहीं दे सके।
शासन की जीरो टॉलरेंस नीति की अवहेलना
राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर रखा है। बावजूद इसके भी भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता द्वारा शासन की इस महत्वाकांक्षी नीति की अवहेलना की जा रही है।