आतंक के लिए खुलेआम डोनेशन कैंप लगा रहा हाफिज का संगठन

रावलकोट। भारत और अमेरिका के दबाव के मद्देनजर पाकिस्तान भले ही आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई का दिखावा कर रहा हो, लेकिन उसके लोग पाकिस्तान और पीओके में खुलेआम टेरर फंडिंग के लिए डोनेशन कैंप लगा रहे हैं। पाकिस्तान ने हाफिज को हिरासत में रखा हुआ है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा की शाखा फलह-ए-इंसानियत ने हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में खुलेआम आतंकी गतिविधियों के लिए डोनेशन कैंप लगाया था। टेरर फंडिंग के लिए लगे कैंप में जो बैनर लगाए गए थे उसमें हाफिज सईद की तस्वीरें थीं और उन पर ‘पीड़ित कश्मीरियों को आपकी मदद की तलाश है’ लिखा हुआ था। कुछ बैनरों पर हाफिज सईद के अलावा सैयद अली शाह गिलानी, आसिया अंद्राबी जैसे कश्मीरी अलगाववादियों की भी तस्वीरें हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आतंकी संगठन ने पाकिस्तान या पीओके में इस तरह के डोनेशन कैंपों का आयोजन किया है। कहने को तो जमात-उद-दावा और फलह-ए-इंसानियत दोनों ही संगठन पाकिस्तान की वॉच लिस्ट में शामिल हैं। इस साल जनवरी में पंजाब की प्रांतीय सरकार ने हाफिज सईद और उसके 4 साथियों को शांति और सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए हाउस अरेस्ट किया था। 2008 के मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद को भारत और अमेरिका दोनों को तलाश है। मुंबई आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिका ने हाफिज के सिर पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी करीब 66 करोड़ रुपये का इनाम रखा है। बता दें कि हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग पर शिकंजा कसे जाने के बाद उसका नाम बदलकर जमात-उद-दावा रख दिया था। लश्कर ने ही 2002 में भारतीय संसद पर हमला किया था। इसके बाद भारत के बढ़ते दबाव के मद्देनजर पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने भी जमात-उद-दावा को लश्कर-ए-तैयबा का बदला नाम घोषित कर रखा है।

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