गौ-सेवा और गौपालन को बढ़ावा देने की जरूरत

रायपुर। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गौशालाओं के प्रतिनिधियों और गौ-सेवकों से आम लोगों को गौसेवा और गौपालन के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है। उन्होंने यहां आयोजित गौशालाओं के प्रतिनिधियों की त्रैमासिक कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोधन भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर में गाय पालते थे। गाय पालन की संस्कृति आर्थिक और धार्मिक महत्व के कारण काफी समृद्ध थी। समय के साथ गांवों में भी गौपालन की संस्कृति धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। गौ-सेवा और गौ-पालन के साथ पशुधन के विकास के लिए फिर से आम लोगों में जागृति लाने की जरूरत है। कृषि मंत्री ने कहा कि गाय पालन का काम केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं किया जाता। यह कार्य आस्था और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। खेती-किसानी में अधिक उत्पादन लेने रासायनिक उर्वरकों के बेतहाशा उपयोग का दौर चला है। इसके दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। रासायनिक उर्वरकों और रासायनिक दवाइयों के उपयोग से खेती की जमीन का ऊपजाउपन प्रभावित हो रहा है। अब फिर से जैविक खेती की आवश्यकता महसूस हो रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने पशुपालन को भी बढ़ाना होगा। राज्य सरकार ने जैविक खेती के लिए प्रदेश में मिशन शुरू किया है। जैविक खेती में उपयोग होने वाली खाद और दवाइयां बनाने गौमूत्र तथा गोबर आदि की जरूरत होती है।
नई गौशाला नीति बनेगी
श्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई गौशाला नीति बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इस नीति में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समुचित प्रावधान किया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं के इलाज के लिए एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। इसी प्रकार सभी विकासखण्डों में एक-एक गौ संरक्षण के लिए केन्द्र शुरू करने की कार्रवाई भी चल रही है। इन केन्द्रों में सड़कों में या अन्य जगहों में इधर-उधर घूमने वाले पशुओं को रखने की व्यवस्था की जाएगी।
आयोग के अध्यक्ष ने बताई उपलब्धियां
छत्तीसगढ़ राज्य गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेषर पटेल ने अपने स्वागत उद्बोधन में गौ-सेवा आयोग के कार्यों और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर गौ-सेवा आयोग के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, राज्य शासन के कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एस.के. पाण्डेय सहित पशुधन विकास विभाग और गौ-सेवा आयोग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश भर से आए गौ-शालाओं के प्रतिनिधि और गौ-सेवक उपस्थित थे।

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