Category Archives: अंतरराष्ट्रीय

परमाणु युद्ध का रूप ले सकता है भारत-पाक तनाव

वॉशिंगटन। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर वॉर की वजह बन सकता है।एक शीर्ष अमेरिकी जनरल ने इस बात की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों की ओर से हमले और उसके जवाब में भारत की कार्रवाई परमाणु युद्ध की वजह बन सकती है। यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल ने सैन्य सेवाओं से संबंधित समिति को दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव लगातार जारी है। वोटेल ने गुरुवार को अमेरिकी सांसदों को बताया, ‘पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न किए जाने से भारत चिंतित है। पिछले साल अपने हिस्से में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी की थी।’ वोटेल ने कहा, ‘हमारा आकलन है कि भारत में इस तरह के आतंकवादी हमले और उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली कार्रवाई दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति पैदा कर सकती है।’ वोटेल ने कहा, ‘इसके अलावा भारत की ओर से पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की रणनीति भी दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधार में एक बाधा है। इसके चलते भी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे परंपरागत तनाव में इजाफा होने की संभावना है। इन सभी कारणों के चलते दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।’

ट्रंंप ने मीडिया को बताया बेईमान

फ्लोरिडा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया पर आरोप लगाया है कि उसने यूरोप में हुए कुछ आतंकी हमलों की रिपोर्टिंग जानबूझकर नहीं की और इन्हें अनदेखा किया। फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर जवानों को संबोधित करते हुए अन्होंने इस बात का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि मीडिया ने यूरोप में हुए किन आतंकी हमलों को अनदेखा किया और उन पर रिपोर्ट नहीं की।जवानों को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लगभग पूरे यूरोप में आतंकी हमले किए गए, लेकिन इनमें से कुछ को तो मीडिया ने रिपोर्ट किया जबकि कुछ को अनदेखा कर दिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को बेईमान तक कह डाला। उन्होंने कहा कि मीडिया अपने काम को लेकर ईमानदार नहीं है। इसी वजह से उसने कुछ हमलों को अनदेखा किया और रिपोर्ट नहीं की। उन्होंने इसके पीछे बिना कोई कारण दिए बिना कहा कि कहा कि इसके पीछे उनके अपने कारण हो सकते हैं, जिसको आप भी जानते और समझते होंगे।

महारानी एलिजाबेथ ने रचा इतिहास

लंदन। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने सोमवार को ‘सफायर जुबली’ मनाकर इतिहास रच दिया। 65 साल पहले 6 फरवरी को ही उन्हें ब्रिटिश महारानी के ताज से नवाजा गया था। तब से अब तक महारानी ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। उनके पास दुनिया की सबसे लंबे समय तक राज करने वाली जीवित साम्राज्ञी का भी खिताब है। 90 वषर्षीय महारानी को सम्मान में मध्य लंदन में 41 तोपों की शाही सलामी भी दी गई। 90 वषर्षीय महारानी ने अब स्वास्थ्य कारणों से विदेश दौरों में हिस्सा लेना बंद कर दिया है लेकिन वह अक्सर ब्रिटेन में आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होती हैं। पिछले वषर्ष दिसंबर में उन्होंने घोषषणा की थी कि वह अकादमिक संस्थानों, विभिन्न धर्मार्थ कार्यक्रमों और अन्य समूहों से जु़ड़ी जिम्मेदारियों को शाही परिवार के अन्य सदस्यों को सौंपेंगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के समर्थन में आया यूएई

अबु धाबी।अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागिरकों पर वीजा बैन लगाने का संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने खुलकर समर्थन किया है। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्लाह बिन जाएद अल नहयान ने ट्रंप के बैन का समर्थन करते हुए कहा कि यह बैन मुस्लिमों के खिलाफ नहीं है। शुक्रवार को ट्रंप की ओर से हस्ताक्षर की गई नई वीजा नीतियों के मुताबिक 7 मुस्लिम बाहुल्य देशों के लोगों को 90 दिनों तक वीजा देने पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा सीरिया से आने वाले शरणार्थियों की एंट्री भी अगले आदेश तक रोक दी गई है। इस आदेश के तहत 7 मुस्लिम देशों ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागिरकों पर वीजा पाबंदियां लगा दी गई हैं। ट्रंप के इस बैन का अमेरिका समेत पूरी दुनिया में जबर्दस्त विरोध हो रहा है। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्लाह ने कहा कि अमेरिका अपनी सीमा के भीतर ‘संप्रभु फैसला’ लेने के लिए स्वतंत्र है। ट्रंप के बैन के बाद पहली बार इस गल्फ राष्ट्र से अमेरिकी राष्ट्रपति के समर्थन में आवाज आई है। शेख अब्दुल्लाह ने कहा कि उन्हें अमेरिकी प्रशासन के इस बयान पर उन्हें भरोसा है कि यह बैन धर्म के नाम पर नहीं किया गया है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस बैन का अधिकतर मुस्लिम देशों पर असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘यह अस्थायी बैन है और 3 महीने बाद इसमें संशोधन होना है। इसलिए हमें इन बात का भी ख्याल रखने की जरूरत है।’

कुवैत ने लगाया पाकिस्तान सहित 5 मुस्लिम देशों पर बैन

कुवैत सिटी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 7 मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब कुवैत ने सीरिया, इराक, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और इरान मूल के निवासियों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुवैत ने आतंकवाद को रोकने के मद्देनजर यह बड़ा फैसला लिया है। कुवैत ने ईरान,ईराक,पाकिस्तान,अफगानिस्तान और सीरिया के नागरिकों को वीजा देने पर बैन लगा दिया है जिसकी वजह से यहां के नागरिकों को अब कुवैत में एंट्री नहीं मिल पायेगी। स्पूतनिक न्यूज की माने तो,उपरोक्त देशों से होने वाले पर्यटन, व्यापार और पर्यटक वीजा पर कुवैत में रोक लगा दिया गया है जिसका सीधा अर्थ यह है कि पाकिस्तान सहित ये सभी देश कुवैत में एंट्री नहीं कर सकते हैं। यहां उल्लेख कर दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद का पदभार संभालने के बाद अपने पहले सप्ताह में ट्रंप ने कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए जिनमें शरणार्थियों के प्रवेश पर तत्काल रोक और 7 मुस्लिम बहुल देशों ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों को वीजा जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी। यही नहीं ट्रंप ने दूसरे लोगों की कठोरतम जांच-पड़ताल करने की बात कहीं। अमेरिका में ट्रंप की नई प्रशासन द्वारा मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध लगाने से पहले कुवैत एकमात्र ऐसा देश है जिसने इनसे भी पहले सीरियाई नागरिकों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था। वर्ष 2011 में कुवैत ने सभी सीरियाई नागरिकों के वीजा को निरस्त करने का काम किया था।

महाविनाश के और करीब हुई दुनिया

— मध्यरात्रि के पास पहुंची कयामत की घड़ी
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप का चुनाव और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के साथ साथ परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तथा उत्तर कोरिया के परमाणु जुमलेबाजी ने दुनिया को इतना खतरनाक बना दिया है कि वैज्ञानिकों ने कयामत की अपनी सांकेतिक घड़ी (डूम्सडे क्लॉक) को 30 सेकेंड आगे खिसका कर ‘मध्यरात्रि’ या महाप्रलय के करीब ला दिया है।
‘डूम्सडे क्लॉक’ एक सांकेतिक घड़ी है जो हमें आगाह करती है कि मानव सभ्यता धरती को तबाह करने के कितने करीब पहुंच चुकी है। इस घड़ी में अंतिम बार 2015 में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से पांच से तीन मिनट करीब पहुंचा दिया गया था। वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का समूह ‘बुलेटिन आॅफ ऐटामिक साइंटिस्ट्स’ ने आगाह किया है कि 2016 में वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य बिगड़ा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय परमाणु हथियारों और जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े अस्तित्ववादी खतरों से प्रभावी रूप से निबटने में नाकाम रहा है। ‘बुलेटिन आॅफ ऐटामिक साइंटिस्ट्स’ ने विश्वयुद्ध के विनाशकारी परमाणु हमले के दो साल बाद 1947 में ‘डूम्सडे क्लॉक’ का निर्माण किया था। वह मध्यरात्रि को ‘कयामत’ और परमाणु विस्फोट के समकालीन मुहावरे (शून्य की उलटी गिनती) के प्रतीकों का इस्तेमाल कर मानवता और ग्रह को पेश खतरों के प्रति चेताना चाहते हैं।

लोकप्रियतावाद के कारण बढ़ रही है असहिष्णुता

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि लोकप्रियतावाद के बढ़ने से यहूदी विरोधी भावनाएं, नस्लवाद, विदेशी लोगों के प्रति द्वेष, मुस्लिमों के प्रति नफरत और अन्य रूपों में असहिष्णुता बढ़ गयी है। नाजी शासन में हुए यहूदियों के जनसंहार की स्मृति में आयोजित किये जाने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक स्मरणोत्सव में जनसंहार में बच गए लोगों समेत सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि एक नए तरह का सार्वजनिक विमर्श शुरू हो रहा है जिसमें पूर्वाग्रहों के लिए सुगम राह बनाई जा रही है तथा अधिक कट्टर घृणा के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं। गुटेरेस ने पुर्तगाल के प्रधानमंत्री के तौर पर वर्ष 1996 में संसद को देश से सभी यहूदियों को निकालने का समर्थन करने वाले 16वीं सदी के एक पत्र को रद्द करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने कहा था कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वयस्क होने वाले उनके जैसे लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि वे यूरोप में यहूदियों पर हमलों को बढ़ते हुए देखेंगे। लेकिन ‘यहूदी विरोधी’ भावना फिर से उभरी है और यह फैल रही है। उन्होंने कहा, अविवेक और असहिष्णुता वापस आ गयी है। उन्होंने चेताया कि नफरत भरे भाषण और यहूदी विरोधी प्रवृति इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फैल रही है। हिंसक चरमपंथी समूह अपनी ताकत को बढ़ाने और नए चरमपंथियों की भर्ती करने के लिए यहूदी विरोधी अपीलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गुटेरेस ने कहा कि लोकप्रियतावाद कई रूपों में असहिष्णुता को बढ़ा रहा है।

अमेरिका में 7 मुस्लिम देशों के शरणार्थियों की एंट्री पर बैन

वाशिंगटन। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक ऐसे शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जो शरणार्थियों के प्रवाह को सीमित करने के लिए और ‘चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को अमेरिका से बाहर रखने के लिए’ सघन जांच के नए नियम तय करता है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले पेंटागन दौरे में ट्रंप ने इस शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने कहा, मैं चरमपंथी इस्लामी आतंकियों को अमेरिका से बाहर रखने के लिए सघन जांच के नए नियम स्थापित कर रहा हूं। हम उन्हें यहां देखना नहीं चाहते। ट्रंप ने कहा, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम उन खतरों को अपने देश में न आने दें, जिनसे हमारे सैनिक विदेशों में लड़ रहे हैं। हम सिर्फ उन्हीं को अपने देश में आने देना चाहते हैं, जो हमारे देश को सहयोग देंगे और हमारी जनता से गहरा प्रेम करेंगे। नए रक्षामंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) जेम्स मैटिस और उपराष्ट्रपति माइक पेंस के साथ खड़े ट्रंप ने कहा, हम 9/11 के सबक को और पेंटागन में शहीद हुए नायकों को कभी नहीं भूलेंगे। वे हममें से सर्वश्रेष्ठ थे। हम उनका सम्मान सिर्फ अपने शब्दों से ही नहीं, बल्कि हमारे कार्यों से भी करेंगे। आज हम वही कर रहे हैं। शासकीय आदेश ‘विदेशी आतंकी के अमेरिका में प्रवेश से देश की सुरक्षा’ कहता है कि 9/11 के बाद अमेरिका ने जो कदम उठाए, वे आतंकियों का देश में प्रवेश रोकने में कारगर नहीं रहे हैं।
शीर्ष डेमोक्रेटिक सांसद नाराज
अमेरिका के शीर्ष डेमोक्रेटिक सांसदों ने कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादियों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने संबंधी शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है। अमेरिकी महिला सांसद बारबरा ली ने कहा, मैं, राष्ट्रपति ट्रंप के धर्म के आधार पर प्रवासियों एवं शरणार्थियों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने वाले शासकीय आदेश से नाराज हूं।

ट्रंप ने दामाद को बनाया सीनियर अडवाइज़र

न्यू यॉर्क। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कानून और नैतिकता से संबंधित चिंताओं को दरकिनार करते हुए अपने दामाद, प्रॉपर्टी डिवेलपर और पब्लिशर जैरेड कुशनर को वाइट हाउस का वरिष्ठ सलाहकार बनाने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि कुशनर राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। कुशनर, ट्रंप के चुनावी कैंपेन का हिस्सा थे। इसके अलावा उनके पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के बदलाव दल के बयान के मुताबिक, फोर्ब्स का अनुमान है कि कुशनर अपने माता-पिता और भाई के साथ संयुक्त रूप से करीब 1.8 अरब डॉलर (122 अरब रुपये) की संपत्ति के मालिक हैं। वह प्रशासन में अपनी सेवाएं देने के एवज में वेतन नहीं लेंगे। बयान में कहा गया है कि 35 वर्षीय जैरेड वाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ रेंस प्रीबस और मुख्य रणनीतिकार स्टीव बैनन के साथ मिलकर ट्रंप के अजेंडे को कार्यान्वित करेंगे। ट्रंप ने इससे पहले घोषणा की थी, ‘अभियान और बदलाव के दौरान जैरेड एक विश्वसनीय सलाहकार रहे और अपने प्रशासन में एक प्रमुख भूमिका में उन्हें लेने पर मुझे गर्व है।’

ISIS से लड़ते हुए मारी गई ये कुर्द लड़की, इसे बुलाते थे एंजेलिना जॉली

अलेप्पो. कुर्दिश वुमन प्रोटेक्शन यूनिट की फाइटर आसिया रमजान अंतर सीरिया में आईएसआईएस से लड़ते हुए मारी गई। वो हॉलीवुड सुपरस्टार एंजेलिना जॉली जैसी दिखने के कारण चर्चा में रहती थी। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्की बॉर्डर के नजदीक जराब्लस में आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन के दौरान मारी गई। आसिया ने 2014 में कुर्दिश प्रोटेक्शन यूनिट (YPG) ज्वाइन की थी। उसका जन्म 1996 में सीरियन कुर्दिस्तान के कमिश्लो शहर में हुआ था। ISIS के खिलाफ बड़ी लड़ाई में थी शामिल…
– आसिया नॉर्दन सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ कई बड़ी लड़ाइयों में शामिल रह चुकी थी।
– कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि उसकी मौत सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज और तुर्किश सपोर्ट वाले सीरियन अपोजिशन के बीच चल रही जंग में हुई।
– बता दें कि कुर्दिश प्रोटेक्शन यूनिट में 50,000 फाइटर्स हैं, जिनमें से 20 फीसदी महिलाएं हैं।